अवयस्क लड़की को बहका कर विवाह करने का शपथ पत्र लिखाना अपराध है, पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराएँ या न्यायालय को परिवाद प्रस्तुत करें।

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समस्या-

बिहार शरीफ, बिहार से गौतम शुक्ला पूछते हैं-

मेरी छोटी बहन अपने ही स्कूल के शिक्षक के प्यार के जाल में फंस कर 6 महीने पूर्व 24 मार्च 2012 को हिन्दू रीति रिवाज से बिना किसी को अवगत कराये शिक्षक के साथ नोटरी पब्लिक के मार्फत शादी कर ली।  छह महीने बाद दिनांक 24 दिसंबर को इस बारे में हमलोग और समाज को बताया गया | मेरी बहन की उम्र 25 फरवरी को 18 वर्ष की होगी मगर नोटरी पब्लिक के हलफनामा में शिक्षक की उम्र २५ वर्ष और मेरी बहन की उम्र १९ वर्ष अंकित है।  घटना की जानकारी के बाद हम परिवार वालों की समाज में काफी किरकिरी हुई।  हम लोगों को ये समझ में नहीं आ रहा हैं कि आखिर झूठी उम्र को अंकित करके मेरी बहन ने कैसे शादी कर ली?  मेरी बहन की 10वीं के सर्टिफिकेट की अनुसार जन्म तिथि 25.02.1995 है और नोटरी पब्लिक के हलफ़नामा में 19 वर्ष अंकित है।  शिक्षक दुसरे जाति का हैं और धूर्त किस्म का भी है, जो पहले भी दुसरी कमसिन लड़की को प्रभावित करने का प्रयास करते आया है।  हमलोग इस शादी के खिलाफ हैं और अपनी बहन को अच्छी तरह से समझा बुझा कर किसी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिए हैं ताकि वो शिक्षक मेरी बहन से संपर्क ना करे और आगे कोई अनहोनी ना हो।   मैं उस शिक्षक पर कोर्ट के माध्यम से क़ानूनी करवाई करना चाहता हूँ ताकि आगे भविष्य में मेरी बहन की शादी में नोटरी पब्लिक का हलफनामा बाधक ना बने।  मेरी बहन की सारी अकेडमिक सर्टिफिकेट उस शिक्षक के पास हैं।  जिन्हें वो लौटाने से इनकार कर रहा है।   मेरे पास सिर्फ मेरी बहन का 10वीं की मार्क्स शीट की इन्टरनेट कॉपी हैं जिसमें उसकी जन्म तिथि 25.02.1995 है।  घटना की जानकारी वाले दिन (दिनांक – 24.12.2012 को मेरी बहन उस लड़के के किराये के मकान पर गयी थी और उसी दिन हमलोगों को बुला कर नोटरी पब्लिक का हलफनामा दिखलाया गया और सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करने के लिए एक पचास रुपये वालें नॉन-जुडिशियल स्टाम्प पेपर पर दिनांक 17.01.2013 की मुक़र्रर करके हमारे पिता जी और पांच गवाह के दस्तख़त करवाया गया।  उस समय हमलोग दस्तख़त करने को मजबूर थे,  क्योकि मेरी बहन अपने घर जाने से इनकार कर रही थी। | घर आकर हमलोग को काफी निराशा हो रही थी और अपने सहयोगियों से सलाह मशविरा करके अपनी बहन को समझा बुझा कर किसी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिए ताकि वो शिक्षक मेरी बहन से संपर्क न करें और आगे कोई गलत कदम ना उठा लें।  मेरी बहन ठीक ठाक से है और अपनी गलती के लिए शर्मिंदा भी हैं।  उसने वादा भी किया है शादी जैसे अहम फैसले अपनी माता – पिता की रजामंदी से ही करेंगी।  वकील साहब, कृपया करके आप हमें मार्गदर्शन करें और जरुरी क़ानूनी प्रक्रिया से अवगत कराएँ।  ताकि भविष्य में वो शिक्षक मेरी बहन की शादी में खलल ना दे सकें।

 समाधान-

भा.दं.संहिता

भारतीय दंड संहिता में किसी 18 वर्ष से कम आयु की नारी के साथ किए जाने वाले कुछ अपराध निम्न प्रकार हैं …

     361. विधिपूर्ण संरक्षकता में से व्यपहरण–जो कोई किसी अप्राप्तव्य को, यदि वह नर हो, तो [सोलह] वर्ष से कम आयु वाले को, या यदि वह नारी हो तो [अठारह] वर्ष से कम आयु वाली को या किसी विकॄतचित्त व्यक्ति को, ऐसे अप्राप्तवय या विकॄतचित्त व्यक्ति के विधिपूर्ण संरक्षक की संरक्षकता में से ऐसे संरक्षक की सम्मति के बिना ले जाता है या बहका ले जाता है, वह ऐसे अप्राप्तवय या ऐसे व्यक्ति का विधिपूर्ण संरक्षकता में से व्यपहरण करता है, यह कहा जाता है।

स्पष्टीकरण–इस धारा में “विधिपूर्ण संरक्षक” शब्दों के अन्तर्गत ऐसा व्यक्ति आता है जिस पर ऐसे अप्राप्तवय या अन्य व्यक्ति की देखरेख या अभिरक्षा का भार विधिपूर्वक न्यस्त किया गया है।

अपवाद–इस धारा का विस्तार किसी ऐसे व्यक्ति के कार्य पर नहीं है, जिसे सद्भावपूर्वक यह विश्वास है कि वह किसी अधर्मज शिशु का पिता है, या जिसे सद्भावपूर्वक यह विश्वास है कि वह ऐसे शिशु की विधिपूर्ण अभिरक्षा का हकदार है, जब तक कि ऐसा कार्य दुराचारिक या विधिविरुद्ध प्रयोजन के लिए न किया जाए।

362. अपहरण–जो कोई किसी व्यक्ति को किसी स्थान से जाने के लिए बल द्वारा विवश करता है, या किन्हीं प्रवंचनापूर्ण उपायों द्वारा उत्प्रेरित करता है, वह उस व्यक्ति का अपहरण करता है, यह कहा जाता है।

    363. व्यपहरण के लिए दण्ड–जो कोई [भारत] में से या विधिपूर्ण संरक्षकता में से किसी व्यक्ति का व्यपहरण करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

366. विवाह आदि के करने को विवश करने के लिए किसी स्त्री को व्यपहृत करना, अपहृत करना या उत्प्रेरित करना–जो कोई किसी स्त्री का व्यपहरण या अपहरण उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी व्यक्ति से विवाह करने के लिए उस स्त्री को विवश करने के आशय से या वह विवश की जाएगी यह सम्भाव्य जानते हुए अथवा अयुक्त संभोग करने के लिए उस स्त्री को विवश या विलुब्ध करने के लिए या वह स्त्री अयुक्त संभोग करने के लिए विवश या विलुब्ध की जाएगी यह संभाव्य जानते हुए करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ; [और जो कोई किसी स्त्री को किसी अन्य व्यक्ति से अयुक्त संभोग करने के लिए विवश या विलुब्ध करने के आशय से यी वह विवश या विलुब्ध की जाएगी यह संभाव्य जानते हुए इस संहिता में यथा परिभाषित आपराधिक अभित्रास द्वारा अथवा प्राधिकार के दुरुपयोग या विवश करने के अन्य साधन द्वारा उस स्त्री को किसी स्थान से जाने को उत्प्रेरित करेगा, वह भी पूर्वोक्त प्रकार से दण्डित किया जाएगा।]

366क. अप्राप्तवय लड़की का उपापन–जो कोई अठारह वर्ष से कम आयु की अप्राप्तवय लड़की को अन्य व्यक्ति से अयुक्त संभोग करने के लिएविवश या विलुब्ध करने के आशय से या तद्द्वारा विवश या विलुब्ध किया जाएगा यह सम्भाव्य जानते हुए ऐसी लड़की को किसी स्थान से जाने को या कोई कार्य करने को किसी भी साधन द्वारा उत्प्रेरित करेगा, वह कारावास से जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

प ने जो विवरण बताए हैं उन के अनुसार उक्त शिक्षक ने उक्त अपराधों में से एकाधिक किए हैं।  इस के अतिरिक्त आप की बहिन से विवाह का शपथ पत्र लिखवा कर आप के परिजनों पर दबाव डाल कर उन से स्टाम्प पर लिखवाना भी धारा 383 भा.दं.संहिता में उद्दापन का अपराध है।  आप को चाहिए कि आप तुरन्त पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाएँ और पुलिस पर कार्यवाही करने को दबाव डालें। यदि पुलिस थाना कार्यवाही करने से इन्कार या देरी करता है तो पुलिस अधीक्षक को शिकायत लिख कर दें। यदि फिर भी कार्यवाही नहीं होती है तो आप सीधे मजिस्ट्रेट के न्यायालय में अपना परिवाद प्रस्तुत करें और आग्रह करें कि इसे अन्वेषण हेतु धारा 156 (3) दंड प्रक्रिया संहिता में पुलिस को भेजा जाए।  इस रिपोर्ट व परिवाद में यह भी बताएँ कि आप की बहिन के शैक्षणिक दस्तावेज उस शिक्षक ने अपने कब्जे में लिए हुए हैं। जिस से पुलिस उन्हें भी शिक्षक से बरामद कर सके। इस काम में आप स्थानीय वकील की मदद लेंगे तो उत्तम रहेगा।

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4 टिप्पणियाँ

  1. Comment by GAUTAM SHUKLA:

    आदरणीय वकील साहब, शिक्षक ने मेरी बहन की सारी मूल अकेडमिक सर्टिफिकेट आज दिनांक ०८-०१-२०१३ को अपने स्कूल के हेड के मार्फ़त लौटा दी हैं | मैंने आपके कहने के अनुसार अपने स्थानीय वकील को अपनी समस्या से अवगत कराया | मेरे वकील ने बिहारशरीफ के कोर्ट में दिनांक ०५-०१-२०१३ को आवेदन सबमिट कर दी हैं जिसकी नक़ल कॉपी मुझे १३ जनवरी २०१३ को देने की बात कही हैं | मेरे वकील ने शिक्षक पर न्यायलय के माध्यम से क़ानूनी करवाई ना करने की सलाह दी हैं | वो न्यायालय में डाली गयी आवेदन की नक़ल कॉपी ही शादी को अवैध करार देने के लिए उपर्युक्त बता रहें हैं जिसे मैं दिनांक १३ जनवरी २०१३ को प्राप्त कर लूँगा | आदरणीय वकील साहब, मैं अपनी बहन की मूल अकेडमिक सर्टिफिकेट में अंकित जन्म-तिथि के माध्यम से उस धूर्त शिक्षक पर क़ानूनी करवाई करके दंड दिलवाना चाहता हूँ क्योंकि उसने हम परिवार वालों के नाक के नीचे ये सारा काण्ड मेरी बहन को फुसला कर कर लिया था | कृपया करके मेरा मार्गदर्शन करें | मेरे पास बहन की जन्म तिथि का अस्पताल रिकॉर्ड नहीं हैं, सिर्फ अनुमान के अनुसार उसकी जन्म – तिथि २५-०२-१९९५ मान ली थी और सर्टिफिकेट में इसी उम्र को भरवाया था | मगर मेरे पिता जी के अनुसार जन्म तिथि शायद १९९३ की हैं जिस कारण से हमलोग परेशान हैं | मुझे किसी भी तरह उस धूर्त शिक्षक को जेल की हवा खिलवानी हैं क्योकि वो पहले भी दुसरे लड़कियों पर अपना प्रभाव जामने की कोशिश की थी | वो मेरे क्षेत्र में किराये पर अपनी परिवार के साथ रहता हैं और अपनी धूर्तता से एक प्रतिष्ठित घर के लोगो को समाज में उनके इज्जत के धज्जियाँ उड़ा दी | वकील साहब, मैं नोटरी पब्लिक के रगिस्टर की प्रमाणित कॉपी स्वयं कैसे प्राप्त करूँगा ? क्या मुझे इसके लिए नोटरी इजाजात देंगी ? कृपया तरीका बताएं | कोइ फीस भी भरनी होगी | कृपया मेरे सहायता करें | मैं आपके साथ अपनी बहन की नोटरी पब्लिक का हलफ़नामा शेयर करना चाहता हूँ ताकि मझे अच्छी तरह से मदद मिल सकें | मैं किस प्रकार अपने कुछ दस्तावेज आप तक पहुंचा सकता हूँ ताकि मुझे पूरी मदद मिलें |

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  2. Comment by GAUTAM KUMAR:

    कृपया “न्यायलय सर्टिफिकेट की” को न्यायलय पढ़ें | जल्दीबाजी में गलती हो गयी |

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  3. Comment by GAUTAM KUMAR:

    बहुत बहुत धन्यवाद सर | न्यायलय सर्टिफिकेट की ” अकेडमिक सर्टिफिकेट में अंकित उम्र” को ज्यादा प्राथमिकता देती हैं या “मेडिकल जांच के उपरान्त प्राप्त की गयी उम्र” | मेरे पास उम्र के दस्तावेजों के लिहाज से सिर्फ एक इंटरनेट कॉपी ( जिसमें लड़की का रोल नम्बर, माता-पिता का नाम, अंको की जानकारी हैं ) हैं | मूल प्रमाण पत्र उस शिक्षक के पास हैं और वो फरवरी माह के अंत में वापस करने को बोला हैं और खास बात और की मेरी बहन की उम्र २५ फरवरी २०१३ को १८ पूरी होंगी | क्योंकि वो शिक्षक धूर्त, शातिर और चालाक भी हैं और काफी प्लानिंग करके सारे काम को अंजाम हम परिवार वालों के पीठ पीछे किया हैं | उम्र के मामले में उसने जरुर कोई चालाकी की होगी | मैं अपनी लड़की की भूल को माफ़ कर सकता हूँ मगर एक पढ़े लिखे व्यस्क शिक्षक को कभी नहीं माफ़ कर सकता हूँ क्योकि उसने हमारे साथ विश्वासघात के साथ साथ अपनी झूठी प्रतिष्ठा कायम रखने हेतु हम परिवार वालों को समाज में बदनाम भी किया हैं | ऐसे लोगों को न्यायिक दंड देना बिलकुल जरूरी हैं | अतः वकील साहब से अनुरोध हैं की कृपया करके मेरी समस्या और उम्र को लेकर असमंजस को दूर करें | इसके लिए हम परिवार वालें आपका हमेशा आभारी रहेंगे | नोटरी पब्लिक में शादी की हलफनामा सही हैं या गलत, इसका कैसे पता लगायेंगे क्योंकि मेरे पास सिर्फ हलफनामा की फोटोकॉपी मौजूद हैं | मूल हलफनामा और शादी की दस्तावेज शिक्षक अपने पास रखे हुए हैं और देने से इनकार कर रहा हैं | हम परिवार और समाज के कुछ लोग ३० दिसंबर को उसके घर पर जाकर शादी नहीं होने की सुचना फेस टू फेस दे दी हैं और शिक्षक के परिवार के साथ साथ शिक्षक खुद अपनी गलती मान ली हैं और भविष्य में हमाँरी बहन से संपर्क नहीं करेगा, का वादा भी किया हैं | एक जानकारी और दे दू – मेरी बहन के अनुसार नोटरी पब्लिक का हस्ताक्षर उसने कोर्ट में नहीं बल्कि अपने ही स्कूल दस्तावेजो को पढ़कर एकांत में की थी | इसीलिए मैं नोटरी पब्लिक की हलफनामा का सच और झूठ के बारे में पूछ रहा हूँ | क्योकि न्यायलय के करवाई से पहले पेपरों का सही होना जरुरी भी हैं क्योकि वो शिक्षक काफी चालाक और धूर्त हैं | कृपया वकील साहब स्तिथि को समझे और आगे सही कदम कैसे बढाये का उपाय बताएं | आपके सुझाव का मुझे इन्तेजार रहेगा और आशा करता हूँ जल्द हमें उचित मार्गदर्शन देंगे | धन्यवाद ,वकील साहब

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    • Comment by दिनेशराय द्विवेदी:

      उम्र के मामले में सब से प्रामाणिक तो उस अस्पताल का जन्म प्रमाण पत्र होता है जिस में बच्चे ने जन्म लिया हो. यदि आप की बहिन का जन्म किसी अस्पताल में हुआ है तो उस अस्पताल में उस के जन्म का रिकार्ड अभी तक भी सुरक्षित रखा हुआ हो सकता है और अस्पताल से डुप्लीकेट प्रमाण पत्र मांगा जा सकता है। अदालत में मूल रिकार्ड भी तलब किया जा सकता है। चिकित्सकीय जाँच से सही उम्र पता नहीं लग सकती। केवल अनुमानित बताई जा सकती है। इस कारण से मेडीकल का साक्ष्य उतना वजन नहीं रखता। माता-पिता की साक्ष्य से भी जन्मतिथि साबित की जा सकती है। नगर पालिका/पंचायत में जन्म के रिकार्ड और उन के द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र से भी उम्र साबित की जा सकती है। यदि आप आश्वस्त हैं कि आप की बहिन अभी १८ की नहीं हुई है तो बेझिझक आप रिपोर्ट/परिवाद दर्ज कराएँ। जो सबूत उस शिक्षक के पास हैं उन्हें तो पुलिस उस से बरामद कर लेगी। यदि आप की बहिन ने नोटेरी के समक्ष हस्ताक्षर नहीं किए हैं तो उस के रजिस्टर में आप की बहिन के हस्ताक्षर नहीं होंगे। उस की गवाही के समय रजिस्टर मंगाया जाएगा। आप स्वयं भी नोटेरी से मिल कर रजिस्टर की प्रमाणित प्रति उस से प्राप्त कर सकते हैं।

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