औद्योगिक विवाद को स्थानान्तरित करवाने के लिए रिट याचिका प्रस्तुत की जा सकती है

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सभी पाठकों और मित्रों का विधि और न्याय प्रणाली पर प्रथम हिन्दी जालस्थल तीसरा खंबा पर स्वागत है

सभी को नववर्ष की शुभकामनाएँ !

नया वर्ष सभी के लिए नयी खुशियाँ लाए !!

समस्या-

मैं एक समाचार पत्र में सीनियर एकजीक्यूटिव के पद पर सेवारत हूँ। मेरा कार्य विज्ञापन विभाग में आने वाले विज्ञापन आदेशों को प्राप्त करना आदि है। मुख्यतः मेरा काम लिपिकीय है। मुझे मेरी ट्रेड यूनियन गतिविधियों के कारण मेरे नियोजक ने मेरठ से पटना स्थानान्तरित कर दिया है। इस का विवाद मेरी यूनियन ने श्रम विभाग उत्तर प्रदेश के मेरठ कार्यालय में उठाया था। समझौता कार्यवाही असफल हो जाने पर रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रेषित की गई थी। इस पर राज्य सरकार ने मेरे स्थानान्तरण का विवाद श्रम न्यायालय लखनऊ को न्याय निर्णयन के लिए संप्रेषित कर दिया। जब कि मेरठ में भी उत्तर प्रदेश सरकार का श्रम न्यायालय मौजूद है। मेरी यूनियन राज्य सरकार को उक्त विवाद को श्रम न्यायालय मेरठ में स्थानान्तरित करने के लिए आवेदन कर दिया है, तथा तीन बार उस का स्मरण पत्र लिख चुकी है। लेकिन राज्य सरकार कोई निर्णय नहीं कर रही है। मुझे अपना विवाद श्रम न्यायालय मेरठ में स्थानान्तरित करवाने के लिए क्या करना चाहिए?

-दिनेश कुमार, मेरठ उत्तर प्रदेश

सलाह-

राज्य सरकार को यह अधिकार है कि वह राज्य में उत्पन्न ऐसे औद्योगिक विवाद को जिस पर उसे क्षेत्राधिकार प्राप्त है। राज्य के किसी भी श्रम न्यायालय या औद्योगिक अधिकरण को न्याय निर्णयन हेतु संप्रेषित कर सकती है। लेकिन राज्य सरकार का यह अधिकार न्यायोचित होना चाहिए। आप विवाद के पूर्व मेरठ में नियोजित थे तथा मेरठ में आप के नियोजक का कार्यालय है। विवाद को मेरठ के श्रम विभाग के मेरठ कार्यालय में ही उठाया गया था और समझौता कार्यवाही भी वहीं संपन्न हुई थी। मेरठ में राज्य सरकार का श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरण होने के कारण राज्य सरकार के लिए न्यायोचित यही होता कि वह आप के औद्योगिक विवाद को मेरठ के श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरण को ही न्याय निर्णयन हेतु संप्रेषित करती। इस संदर्भ में राज्य सरकार के इस निर्णय को न्यायोचित नहीं कहा जा सकता है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह आप की यूनियन के आवेदन पर उक्त विवाद को लखनऊ के न्यायालय से श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरण मेरठ को स्थानान्तरित कर दे।

मेरी राय में आप को राज्य के सचिव श्रम विभाग को व्यक्तिगत रूप से मिल कर अपनी बात कहनी चाहिए और उन्हें इस बात से संतुष्ट करना चाहिए कि आप का विवाद मेरठ स्थानान्तरित कर दिया जाए। व्यक्तिगत रूप से मिलने से यह काम हो जाएगा। यदि इस पर भी राज्य सरकार आप के विवाद को मेरठ स्थानान्तरित नहीं करती है तो आप न्याय प्राप्ति के लिए एक पंजीकृत नोटिस सचिव श्रम विभाग राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को भिजवाएँ जिस में आप के स्थानान्तरण आवेदन पर निर्धारित समय (15 दिन) में निर्णय करने की बात कहें और यह अंकित करें कि इस अवधि में आप के आवेदन पर मामले को श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरण मेरठ स्थानान्तरित नहीं किया गया तो आप उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका प्रस्तुत करेंगे।

दि आप के इस नोटिस की अवधि के समाप्त होने तक भी आप का विवाद स्थानान्तरित नहीं किया जाता है तो आप को उच्च न्यायालय लखनऊ बैंच में अथवा उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका प्रस्तुत करनी चाहिए। उच्च न्यायालय आप के विवाद को श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरण में स्थानान्तरित करने का आदेश राज्य सरकार को दे सकता है।

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2 टिप्पणियाँ

  1. Comment by के.एल.धाणका:

    फक्ट्ररी एक्ट में बताया जाए कि स्थाई श्रमिकों को वार्षिक छुट्टिंया कितनी मिलनी चाहिए। हमारी सरकारी कम्पनी (हिन्दुस्तान प्रीफैब लिमिटेड) भारत सरकार का उपक्रम है।

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  2. Comment by अजय कुमार झा:

    बिल्कुल सही सलाह दी सर ।अक्सर इन वजहों से भी अनावश्यक ही मुकदमें लंबित हो जाते हैं ।

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