कांट्रेक्टर ने धन ले कर मकान का निर्माण नहीं किया तो यह अमानत में खयानत का अपराध है।

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lawसमस्या-

वैभव ने जलगाँव, महाराष्ट्र से समस्या भेजी है कि-

मैं ने एक कांन्ट्रेक्टर को 3 लाख रुपया दिया था, मकान निर्माण के लिए। पर उस ने हमें मकान नहीं दिया और पैसे भी नही दे रहा है। उस ने पुलिस स्टेशन जाकर कंप्लेंट दी है कि इनकी वजह से मेरी जान को धोका है। पैसे मांगने पर पैसा भी नहीं दे रहा है। उसके लिए क्या करूँ?

समाधान-

प के पास कांट्रेक्टर को तीन लाख रुपया देने का कोई सबूत तो अवश्य होगा। आप किसी वकील से अथवा खुद उसे रजिस्टर्ड ए.डी. के माध्यम से एक नोटिस प्रेषित कीजिए जिस में लिखिए कि उस ने आप से मकान निर्माण करने के लिए रुपए तीन लाख एडवांस लिए थे, जिसे वह नहीं लौटा रहा है और उस धन का उस ने बेईमानी से निजी कामों में उपयोग कर लिया है जो धारा 406 आईपीसी में अपराध है। वह आप का धन 12% वार्षिक ब्याज या जो भी बाजार दर हो ब्याज सहित 15 दिनों में लौटा दे अन्यथा आप उस के विरुद्ध दीवानी और अपराधिक दोनों प्रकार की कार्यवाही करेंगे। इस नोटिस की प्रति और उस की रजिस्ट्री की रसीद तथा एडी प्राप्त हो जाए तो उसे संभाल कर रखें।

स के बाद आप किसी वकील के माध्यम से धारा 406 आईपीसी का परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत करें और न्यायालय से आग्रह करें कि उस परिवाद को अन्वेषण हेतु धारा 156(3) दं.प्र.संहिता में पुलिस को भिजवा दिया जाए। यदि पुलिस अन्वेषण के दौरान कांट्रेक्टर आप को आप का रुपया लौटा देता है तो ठीक है अन्यथा उस के विरुद्ध या तो न्यायालय में पुलिस द्वारा आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा अथवा मामले को दीवानी प्रकृति का बताते हुए अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत होगा। यदि आरोप पत्र न्यायालय में नहीं दिया जाता है तो न्यायालय आप को सूचना दे कर न्यायालय में बुलाएगा। तब आप आपत्तियाँ प्रस्तुत कर के आप का तथा अपने गवाहों के बयान वहाँ करवाने से न्यायालय कांट्रेक्टर के विरुद्ध अपराधिक मामले में प्रसंज्ञान ले कर उस के विरुद्ध मुकदमा चला कर उसे दंडित कर सकता है।

दि आप के पास तीन लाख रुपए देने का लिखित सबूत है तो आप 3 लाख रुपया, ब्याज व न्यायालय के खर्चा प्राप्त करने के लिए कांट्रेक्टर के विरुद्ध दीवानी वाद भी संस्थित कर सकते हैं।

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2 टिप्पणियाँ

  1. Comment by uday shankar pandey:

    मेरे एक दोस्त को बारे भाई के जागह पर अनुकम्पा न्युक्ति मिलना बाला है सम्पति बिबाद के कारन उसकी भाभी ने धमकी दे है की अगर मुझे सम्पति बटबारा नहीं करोगो तो हम झूठा मुक़दमा में फसा देंगे मेरे दोस्त ने खुद सम्पति ख़रीदे है और उसमे में हां भी रहा है उसका मंझला भाई भी रह रहा है और आधा हिस्सा मांग रहा है दोस्त बोल ह्रः है की हम उसमें में से आधा रुपया जो मिलेगा तो दे देंगे अब बताई मेरा दोस्त इस सिलसिले में क्या करेगा क्या कोई काननु उपाय है मंझला भाई ही अनुकम्पा न्युक्ति करेगा तो ही न्युक्ति होगा

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  2. Comment by sulender kumar:

    Sir aapne mere dawara 20-11-2015 ko bheji gai problems ka suggestions nahi diya corporate gharana hai esliye kya thanks

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