कापीराइट के उल्लंघन को रोकने के लिए क्या करें?

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graphic designसमस्या-

रायपुर, छत्तीसगढ़ से रहीम खान ने पूछा है –

मैं ग्राफिक्स डिजाईन का कार्य करता हूँ। जो भी ग्राफिक्स डिजाईन बनाता हूँ। उसकी कॉपी हो जाती है। मैं कैसे कॉपीराईट कानून का इस्तेमाल करूं। और मेरे फर्म के बनाये हुए कलात्मक कलाकृतियों को सुरक्षा प्रदान करूं?

समाधान-

ग्राफिक डिजायन भी एक कलात्मक कृति है और जो जिस कृति को जन्म देता है उसी के पास उस का कापीराइट होता है। बिना उस की अनुमति के कोई भी उस कृति का उपयोग नहीं कर सकता। कापीराइट के लिए यह आवश्यक नहीं कि आप अपनी कृति को पंजीकृत करायें ही। हालाँकि किसी डिजाइन के कापीराइट के पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध है।

प ग्राफिक डिजाइन का कार्य किस तरह करते हैं? यह आप ने स्प्ष्ट नहीं किया है। ग्राफिक डिजाइन का कार्य या तो आप किसी के लिए संविदा पर करते हैं, या फिर किसी के नियोजन में करते हैं, या फिर स्वतंत्र रूप से अपने लिए करते हैं। यदि संविदा में यह स्पष्ट नहीं है कि डिजाइन पर कापीराइट किस का रहेगा तो उस डिजाइन का कापीराइट डिजाइन बनाने वाले का रहता है। जब आप किसी से भी डिजाइन बनाने के लिए संविदा करते हैं तो वह भी दो तरह की हो सकती है। एक संविदा में आप के ग्राहक को केवल किसी एक काम के लिए उस डिजाइन का उपयोग करने की छूट देते हैं। लेकिन बाद में उसे वह डिजाइन पसंद आ जाता है और वह अपने अन्य कामों में भी उस डिजाइन का करना चाहता है तो वह आप की अनुमति के बिना ऐसा नहीं कर सकता। ऐसी संविदा में कापीराइट आप के पास ही रहता है, लेकिन उस डिजाइन के केवल विशिष्ट उपयोग की आप उसे अनुमति देते हैं। दूसरे आप अपने ग्राहक को संपूर्ण उपयोग की छूट देते हैं तो वह उस का कोई भी उपयोग कर सकता है लेकिन फिर भी कापीराइट आप के पास रहता है। एक तीसरी संविदा ऐसी भी हो सकती है जिस में आप ग्राहक को उस का कापीराइट भी दे दें।

दि आप किसी के कर्मचारी के रूप में वेतन पर काम करते हुए डिजाइन बनाते हैं तो उस पर कापीराइट नियोजक का होता है।

किसी व्यक्ति द्वारा विशेष रूप से किया गया डिजाइन का कार्य अनेक प्रकार का हो सकता है जैसे-

  1. एक बड़े काम के लिए किया गया कोई हिस्सा, जैसे किसी अखबार या पत्रिका के लिए किया गया कार्य।
  2. किसी फिल्म या दृश्य-श्रव्य कार्यक्रम के लिए किए गए कार्य का एक हिस्सा।
  3. किसी किए गए कार्य का संपादन।
  4. किसी किए गए कार्य का अनुवाद।
  5. पूरक कार्य, जैसे किसी पुस्तक के लिए बनाए गए ग्राफ।
  6. किसी मानचित्र के लिए बनाए गए ग्राफिक्स, आदि।

स तरह के कामों को यदि आप वेतन ले कर करते हैं या काम में अपनी हिस्सेदारी का ठेका लेकर करते हैं तो उन पर कापीराइट आप का नहीं होगा। लेकिन यदि आप कार्य करने की संविदा में स्प्ष्ट करते हैं कि आप के द्वारा किए गए कार्य का कापीराइट आप के पास रहेगा तो उस पर कापीराइट आप का होगा।

स तरह ग्राफिक डिजाइन के कार्य के लिए आप जब भी संविदा करते हैं तो आप को उस संविदा को किसी वकील को अवश्य दिखा लेना चाहिए जिस से आप कापीराइट की रक्षा कर सकें।

किसी भी डिजाइन पर कापीराइट आप का है और उस का कोई अनधिकृत व्यक्ति उपयोग करता है या उस में संशोधन कर के नकल करता है तो वह व्यक्ति आप के कापीराइट का उल्लंघन करता है। यह उल्लंघन कापीराइट अधिनियम की धारा 63 के अन्तर्गत अजमानतीय अपराध है। आप इस के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट पुलिस थाना में दर्ज करवा सकते हैं। यदि अन्वेषण में पाया गया कि कापीराइट का उल्लंघन किया गया है तो पुलिस अभियुक्तों को गिरफ्तार कर के न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। उसे छह माह से तीन वर्ष तक के कारावास के साथ पचास हजार से दो लाख रुपयों तक का जुर्माने के दंड से दंडित किया जा सकता है।

दि कोई व्यक्ति आप द्वारा निर्मित डिजाइन का उपयोग कर के या उसे संशोधित कर उपयोग कर के आप के कापीराइट का उल्लंघन कर रहा है तो आप उस व्यक्ति द्वारा उस डिजाइन के उपयोग करने से रोकने के लिए दीवानी न्यायालय से निषेधाज्ञा प्राप्त कर सकते है तथा उस के द्वारा किए गए उपयोग के लिए क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए वाद भी कर सकते हैं।

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2 टिप्पणियाँ

  1. Comment by ravi soni:

    सर मेरा नाम रविसोनी हे में ब्यावरा जिला राजगढ मध्य प्रदेष का रहने वाला हु मेरी उम्र २९ वर्ष हे सर मेरे परिवार में कुल ८ सदस्य हे मेरे पिता मेरी माता मेरी दो बहिने जिनका विवाह हो गया हे और मेरा छोटा भाई और मेरे चाचा और मेरी चाची मेरे चाचा चाची को कोई संतान नहीं हुई ! सर मेरे चाचा श्री श्याम कुमार सोनी का देहांत 19/07/2012 को हो गया हे व मेरी चाची श्रीमती सुधा सोनी का देहांत उनके पूर्व दिनांक 9/12/2011को हो गया हे मेरे चाचा सिचाई विभाग में स्थल सहायक के पद पर शासकीय नोकरी में थे जब उनका स्वर्गवास हुआ
    मेरे चाचा ने उनकी सेवा पुस्तिका में उनके म्रत्यु उपरांत मिलने वाले स्वत्वो में मेरी चाची का नाम नामित किया हुआ था और
    और अगर मेरी चाची की के बाद उन्होंने अपने दोस्त की बेटी का किया था यहाँ नामीनेशन लगभग ३0 वर्षो पुराना हे जबकि मेरा भी जन्म नहीं हुआ था मेरे जन्म के बाद मेरे चाचा चाची ने मुझे गोद ले लिया परन्तु उसका कोई पंजीयन नहीं किया और उन्होंने मेरा पुत्र की तरह पालन पोषण किया और मेने भी उनकी सेवा पुत्र की तरह की परन्तु चाची की म्रत्यु के बाद चाचा अपनी सेवा पुस्तिका में नामीनेशन में परिवर्तन नहीं करपाए और हर्दय घात से उनकी भी मृत्यु हो गयी चाचा की मृत्यु के बाद जब मेने उनके शासकीय क्लेम के लिए जब सम्बंधित विभाग में आवेदन दिया तो उन्होंने किसी और का नाम यानि बातुल बानो नामीनेशन में दर्ज होना बतलाया जोकि उनके मित्र अब्बास की बेटी हे और उतराधिकार प्रमाण पत्र कोर्ट से लाने को कहा हे सर में सामने और परिवार के सामने समस्या यहाँ हे की अब मुझे उक्त क्लेम राशी केसे मिले क्योंकि अब्बास जो की नामित के पिता हे क्लेम की राशी मुझे देने में आदि यानि राशी मांग रहे हे जब जाकर सहमती देने को तेयार हे नहीं तो पूरी राशी पर अपना दावा कर रहे हे एक बात और हे बातुल को नातो मेरे चाचा ने कोई वैधानिक गोद लिया हे नहीं हमारे कोई रक्त सम्बन्ध हे फिर भी वह इस राशी पर क्लेम कर रहे हे सर कृपा कर मुझे बताये की मे किस तरह से उक्त क्लेम को प्राप्त कर सकता हु और जो बरसो पुराना नामीनेशन हे उसे कैसे अवेधानिक घोषित करवा सकता हु क्योंकि इस प्रकार के नामीनेशन का मेरे चाचा ने कभी हमें नहीं बताया हे सिर्फ इतना बताया की मुझे नामीनेशन में रवि यानि की मेरा नाम दर्ज कराना हे इस बिच ही उनकी म्रत्यु हो गयी !मेने इस सम्बन्ध कोर्ट में धारा 372 भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 में आवेदन प्रस्तुत किया हे और बातुल बनो को इसमें पार्टी बनाया हे और सम्बंधित कार्यालय को भी पार्टी बनाया हे उनको नोटिस भी हुए हे पर बातुल बानो कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रही हे क्या इसका लाभ मुझे मिल सकता हे और मेरे प्रकरण का मेने पक्ष में फेसला हो सकता हे कृपया बताये की मुझे यह राशी प्राप्त करने के लिए क्या करना चाहिए क्योंकि हमें संदेह हे की यहाँ जो नामीनेशन हे वह फर्जी हे किसी ने षडयंत्र के तहत बनाया हे सर क्या अब इस क्लेम राशी पर कोई अधिकार नहीं बनता जबकि मेरे चाचा की परिवार सूचि में मेरा और मेरे परिवार का नाम सामिल हे और उनका समस्त मोक्ष कर्म व उनको अग्नी भी मेरे द्वारा किया गया हे समाज की पगडी सरम में भी मुझे उतराधिकारी मानकर मुझे पगडी बांधी गयी हे हम सब मेरे चाचा श्री श्याम कुमार सोनी के आश्रित थे क्या उनके स्वत्वो पर हमारा हक नहीं बनता हे यह भी बताये की क्या में उनकी अनुकम्पा न्युक्ति के लिए दावा कर सकता हु कृपया मार्ग दर्शन करने की कृपा करे

    रवि कुमार सोनी
    माँ सिंह वाहिनी मंदिर के पास
    ब्यावरा जिला राजगढ मध्य प्रदेश

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  2. Comment by ravi soni:

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