घृणा फैलाने वाला ब्लागर गिरफ्तार

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नायर समुदाय के विरुद्ध अपने ब्लाग के माध्यम से घृणा फैलाने के आरोप में केरल के एक ब्लागर के.वी. शाइन को गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहाँ उसे जमानत पर छोड़ दिया गया।

के.वी.शाइन जॉर्ज जोसेफ के छद्मनाम से विचित्र केरलम् नाम का ब्लाग चला रहा था जिस में वह नायर समुदाय की महिलाओं के संबंध में लगातार आपत्तिजनक लिख रहा था। उस के विरुद्ध सायबर पुलिस स्टेशन ने मुकदमा दर्ज किया और उस का पता लगा कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
समाचार चित्र पर क्लिक कर के पढ़ा जा सकता है-

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34 टिप्पणियाँ

  1. Comment by रमेश कुमार जैन उर्फ सिरफिरा:

    सच लिखने पर मानहानि और देशद्रोह की धाराओं के तहत आज नहीं कल मेरे ऊपर मुकद्दमा जरुर दर्ज होगा.
    रमेश कुमार जैन उर्फ सिरफिरा का पिछला आलेख है:–.सरकार, पुलिस और लड़की वालों का गुंडाराज कब चलेगा ?My Profile

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  2. Comment by Ajay:

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  3. Comment by 'अदा':

    याहू…..हू हू हू …..!!
    बहुत अच्छी ख़बर दी है आपने….
    यूँ कहिये आज तो दिन ही बना दिया आपने….
    बहुत ही बढ़िया…
    मतलब ये कि….दुःख भरे दिन बीते रे भईया …अब सुख आयो कि आयो रे…
    आपका आभार…

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  4. Comment by सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी:

    मन को तसल्ली मिली। जानकारी बाँटने का आभार।

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  5. Comment by आभा:

    अच्छी खबर दी आप ने ,साथ ही राज जी की बात को मैं दोहरा रही हूँ यही समझे…..

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  6. Comment by Suman:

    nice

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  7. Comment by Ratan Singh Shekhawat:

    शायद कुछ लोग इस से सबक लें सकें.

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  8. Comment by राज भाटिय़ा:

    बहुत अच्छी खबर, क्या जो महिल्ये मर्दो के बारे नफ़रत भरे लेख लिखती है, वो भी जेल जा सकती है, या जो लो धमकी भरी टिपण्णियां देते है, धार्मिक रुप से लोगो की भावानो को कष्ट देते है वो सब भी इस दायरे मै आयेगे????

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  9. Comment by नारदमुनि:

    galat to galat hai, bas. narayan narayan

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  10. Comment by सुनील दत्त:

    सुरक्षा बलों व भारतीय संस्कृति का अपमान करने वालो साबधान हमारी पुलिस आ रही है आपको आपकी सही जगह पहंचाने

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  11. Comment by सुनील दत्त:

    सुरक्षा बलों व भारतीय संस्कृति का अपमान करने वालो साबधान हमारी पुलिस आ रही है आपको आपकी सही जगह पहंचाने

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  12. Comment by पं.डी.के.शर्मा"वत्स":

    शायद कुछ लोग इस से सबक लें सकें….

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  13. Comment by मौसम:

    फ़िरदौस जी! अपने "भाइयों" की चिंता करिए. सुरेश जी और इरफ़ान साहब ने भी चेतावनी दे ही दी है. काश! फ़िरदौस जी के "भाई लोग" भी इस पोस्ट को पढ़ लें.

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  14. Comment by IRFAN:

    Good Mahaul ko dekhte hue shi chetaavni hai bhai logon ke liye.

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  15. Comment by फ़िरदौस ख़ान:

    आपने यह तो बहुत अच्छी ख़बर दी है …
    रवि रतलामी जी से सहमत…

    जिस वक़्त हमने ब्लोगिंग शुरू की थी, उस वक़्त माहौल बहुत अच्छा था…
    लेकिन, अफ़सोस है कि 'कुछ लोगों' ने ब्लॉग जगत रूपी पावन गंगा में 'गंदगी' घोल दी है…और यह दिनोदिन बढ़ रही है…
    लोग ज़बरदस्ती अपने 'मज़हब' को दूसरों पर थोप देना चाहते हैं…
    गाली-गलौच करते हैं… असभ्य और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते हैं…
    किसी विशेष ब्लोगर कि निशाना बनाकर पोस्टें लिखी जाती हैं…
    फ़र्ज़ी कमेंट्स किए जाते हैं…
    दरअसल, 'इन लोगों' का लेखन से दूर-दूर तक का कोई रिश्ता नहीं है… जब ब्लॉग लेखन का पता चला तो सीख लिया और फिर उतर आए अपनी 'नीचता' पर… और करने लगे व्यक्तिगत 'छींटाकशी'…
    'इन लोगों' की तरह हम 'असभ्य' लेखन नहीं कर सकते… क्योंकि यह हमारी फ़ितरत में शामिल नहीं है और हमारे संस्कार भी इसकी इजाज़त नहीं देते… एक बार समीर लाल जी ने कहा था… अगर सड़क पर गंदगी पड़ी हो तो उससे बचकर निकलना ही बेहतर होता है…

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  16. Comment by Sanjeet Tripathi:

    aisa karne wale hindi bloggers ko samay rahte sachet ho jana chahiye, nai to ho sakta hai ki agla no unhi ka ho

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  17. Comment by बी एस पाबला:

    आज नहीं तो कल, हिन्दी ब्लॉगरों का नम्बर भी आने ही वाला है…?

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  18. Comment by जी.के. अवधिया:

    अपराध पर अंकुश तो लगना ही चाहिये।

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  19. Comment by महेन्द्र मिश्र:

    भगवान परशुराम जयंती अवसर पर हार्दिक शुभकामनाये .

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  20. Comment by बवाल:

    बहुत सही वक्त पर यह पोस्ट लिखी है आपने सर। इसका कुछ प्रभाव तो हमारे हिन्दी ब्लॉगजगत पर भी पड़ेगा ज़रूर। आभार आपका और अक्षय तृतीया पर्व आपको शुभकामनाओं सहित सादर प्रणाम।

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  21. Comment by डॉ. मनोज मिश्र:

    अब जैसी करनी वैसी भरनी.

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  22. Comment by honesty project democracy:

    कानून को अपना काम सख्ती से करना ही चाहिए ,सिर्फ ब्लोगर के ही मामले में नहीं बल्कि भ्रष्ट मंत्रियों के खिलाप भी /

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  23. Comment by M VERMA:

    खबर तो अच्छी है

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  24. Comment by पी.सी.गोदियाल:

    अच्छी खबर द्विवेदी जी , यह भी देखने लायक बात है कि एक उच्च जाति के प्रति एक निम्न जाति का ( साथ ही निम्न मानसिकता का भी ) इंसान किस कदर विद्वेष पाले रखता है !

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  25. Comment by Suresh Chiplunkar:

    यानी महिलाओं के खिलाफ़ ऊलजलूल लिखने वाले सावधान हो जायें…? 🙂

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  26. Comment by ali:

    स्वागतेय ! हालांकि एक आशंका ये भी है कि यदि सजा हल्की फुलकी हुई तो कौन डरेगा !

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  27. Comment by गिरिजेश राव:

    आशा है कि अब लोग समझेंगे।

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  28. Comment by डॉ टी एस दराल:

    सभी की आँखें खोलने वाली खबर ।
    अब तो संभल जाना चाहिए ।
    द्विवेदी जी , आपसे अनुरोध है कि ब्लॉग पोस्ट्स में किन बातों को नहीं लिखना चाहिए –इस पर एक लेख लिखें । आभार ।

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  29. Comment by अल्पना वर्मा:

    केरला पुलिस को बधाई इस प्रशंसनीय कार्य के लिए.आशा है यह खबर एक चेतावनी साबित होगी इस तरह के लोगों के लिए.

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  30. Comment by अल्पना वर्मा:

    सत्य है,इस तरह के कुंठित लोगों पर रोकथाम कानून ही कर सकता है.

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  31. Comment by अजय कुमार झा:

    लगता है सर .बहुत जल्दी ही हिंदी ब्लोग्गिंग को भी कोई ऐसी ही खबर सुनने को मिलेगी ही ।

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  32. Comment by ललित शर्मा:

    रवि रतलामी जी से सहमत

    काश! ऐसा हो पाता

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  33. Comment by Yugal Mehra:

    अब क्या कहें,
    घृणा फेलाने वाले को गिरफ्तार करना उचित है,

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  34. Comment by Raviratlami:

    ऐसा नहीं लगता कि आज नहीं तो कल, हिन्दी ब्लॉगरों का नम्बर भी आने ही वाला है…?

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