धर्म परिवर्तन की कोई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया नहीं।

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धर्म परिवर्तनसमस्या-

यचन्द मौर्य ने मनौवा खमरिया, जनपद मीरजापुर,  उ0 प्र0 से जानना चाहा है-

विजय मौर्य ने अपना हिंदू धर्म बौद्ध धर्म में परिवर्तन करा लिया हैं लेकिन वे इस सम्बन्ध में ज्यादा जानकारियाँ चाहते हैं – उनके प्रश्न निम्न हैं-
1.  उ0प्र0 सरकार या भारत सरकार द्वारा कोई ईमेल या विभागीय वेब साईट उपलब्ध है जहाँ से हमें धर्म परिवर्तन सम्बंधी नियम कानून व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हो सके ?
2. यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता है तो धर्म परिवर्तन करने के बाद उस व्यक्ति का नाम व जाति जो पहले था वो वही रहेगा या फिर बद्ल जायेगा ?
3. धर्म परिवर्तन द्वारा आन लाइन माध्यम से प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जाता तो फिर जाति प्रमाण पत्र व परिवार रजिस्टर में दर्ज व इसके साथ अन्य दस्तावेजों में परिवर्तन कराना जरुरी होगा या नहीं यदि नहीं तो फिर किसीभी फार्म को भरते समय यदि आवेदक मौर्य हिन्दू जाति का हो और हिन्दू धर्म से हो तो धर्म परिवर्तन के बाद वो आवेदन पत्र में अपना विवरण कैसे दर्ज करायेगा हिन्दू धर्म या बौद्ध धर्म ?
4. महोदय मेरे दोस्त के पुत्र धर्म परिवर्तन कराकर बौद्ध धर्म अपनाया है लेकिन दशमोत्तर छात्रवृत्ति आवेदन भरते समय उसने अपना विवरण मौर्य जाति के साथ व बौद्ध धर्म चुन कर आवेदन आनलाईन भरा था लेकिन इस धर्म परिवर्तन के कारण आवेदन विभाग में पता नहीं किन कारणों से रुक गया था जब उनके बेटे ने इस मामले को मुख्यमंत्री0 महोदय उ0 प्र0 को सीधा ईमेल से जब अपनी समस्या से अवगत कराया था तो शासन स्तर से मामले को प्रमुख सचिव/ समाज कल्याण पिछड़ा वर्ग् को प्रेषित कर दिया गया बाद में विजय जी के बेटे ने
अपने बारे में धर्म परिवर्तन कि जानकारी देते हुए मा0 मुख्यमंत्री जी को बौद्ध धर्म का होने की बात से दुबारा अवगत कराया गया जिस पर बाद में शासन स्तर से मामले को  अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को प्रेषित कर कार्यवाही करने हेतु सचिव को निर्देशित किया गया है। इस सम्बंध में जरा विस्तृत जानकारी ये देने की कृपा करें कि हर बार इनके बेटे को धर्म परिवर्तन कराने की बात बतानी होगी या और कोई भी रास्ता है ?
5. यदि कोई भी व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता है और वह जाति से मौर्य पिछड़ी जाति का है तो धर्म परिवर्तन कराने के बाद  उस व्यक्ति की जाति व धर्म वही रहेगा या फिर क्या होगा? धर्म परिवर्तन कराने वाले को किन किन दस्तावेजों में पूर्व में दर्ज विवरणों को संशोधन कराना पड़ेगा?
6. यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन कराता है तो उसके परिवार का धर्म परिवर्तन अपने आप होगा या कराना होगा ? यदि कोई लड़का धर्म परिवर्तन कराता है तो उसके माता पिता का धर्म परिवर्तन होगा या नहीं?

समाधान-

भारत में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया के संबंध में किसी तरह का कोई कानून नहीं है, उस के लिए कोई कानूनी प्रक्रिया निर्धारित नहीं है। कोई भी व्यक्ति स्वैच्छा से कोई भी धर्म अपना सकता है। कुछ राज्यों में लालच या दबाव में धर्म परिवर्तन कराने पर प्रतिबंध संबंधी कानून अवश्य हैं। इस संबंध में आप को न केन्द्र सरकार और न ही किसी राज्य सरकार की किसी वेबसाइट पर कोई जानकारी प्राप्त नहीं होगी, ऐसी कोई जानकारी किसी सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गयी है।

धर्म परिवर्तन के लिए कोई विशेष प्रक्रिया न होने के कारण कोई भी व्यक्ति जो धर्म अपनाना चाहता है वह उस धर्म के धार्मिक स्थल पर जा कर धर्मानुसार उचित प्रक्रिया जान सकता है। उस प्रक्रिया, अनुष्ठान आदि को पूर्ण कर लेने के उपरान्त यदि उस धर्म के लोग उसे अपने धर्म में स्वीकार कर लेते हैं तो उस का धर्म परिवर्तन सम्पन्न हो जाता है। धर्म विशेष के कोई पीठ आदि हों तो वे इस बात का लिखित प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं कि अमुक व्यक्ति ने अमुक दिन हमारे धर्म की प्रक्रिया/ अनुष्ठान संपन्न कर उन का धर्म अपना लिया है। इस प्रमाण पत्र के प्राप्त होने पर धर्म परिवर्तन करने वाला व्यक्ति स्वयं अपना एक शपथ पत्र निर्धारित स्टाप्प पेपर पर अंकित करवा कर किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट अथवा नोटेरी पब्लिक से प्रमाणित करवा सकता है। यह प्रमाणीकृत शपथ पत्र ही उस व्यक्ति के धर्म परिवर्तन का प्रमाण होगा।

धर्म परिवर्तन के लिए नाम परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। फिर भी बहुधा लोग अपना नाम परिवर्तित कर लेते हैं, जिस धर्म में वह प्रवेश करता है उस धर्म के लोग भी उस का नया नामकरण करने का सुझाव देते हैं। लेकिन सरकारी रिकार्ड में नाम परिवर्तन करना एक दुष्कर प्रक्रिया है और इस से अनेक जटिलताएँ उत्पन्न होती हैं। इस कारण से यदि नाम परिवर्तन न हो तो बेहतर है। धर्म परिवर्तन का नाम परिवर्तन से कोई संबंध नहीं है।

जाति जन्म से होती है, धर्म परिवर्तन से उस पर कोई अन्तर नहीं पड़ता है। जाति परिवर्तन केवल किसी व्यक्ति को किसी दूसरी जाति के व्यक्ति द्वारा दत्तक ग्रहण करने और फिर उस के परिवार संबंधियों द्वारा व्यवहार में अपना लिए जाने पर ही हो सकता है अन्यथा नहीं। यहाँ तक कि विवाह से भी जाति परिवर्तन संभव नहीं है। इस कारण धर्म परिवर्तन के उपरान्त भी व्यक्ति की जाति वही रहेगी जिस में उस ने जन्म लिया है।

संविधान के अनुसार भारत में राज्य का धर्म से कोई संबंध नहीं है, उस के हिसाब से राज्य धर्म निरपेक्ष है इस कारण वह धर्म परिवर्तन के लिए कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं करता है। सरकारी रिकार्ड में जहाँ जहाँ धर्म अंकित किया  जाता है वहाँ परिवर्तन कराने के लिए वह व्यक्ति अपने सत्यापित शपथपत्र की सत्यापित प्रति तथा अंगीकार किए गए धर्म के लोगों या प्रमुखों द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति के साथ आवेदन कर सकता है। इस आवेदन के आधार पर संबंधित रिकार्ड में उस का धर्म परिवर्तित कर दिया जाएगा। किस किस रिकार्ड मेें उसे परिवर्तन कराना होगा यह तो वह स्वयं अपनी आवश्यकता के अनुसार तय कर सकता है, कोई अन्य नहीं।

धर्म परिवर्तन के कारण किसी व्यक्ति की छात्रवृत्ति रुकनी नहीं चाहिए थी। लेकिन धर्म परिवर्तन के बारे में असमंजस हो जाने से अधिकारियों ने उसे रोक दिया गया होगा। लेकिन यह गलत था। यदि ऐसा होता है तो इस के विरुद्ध लड़ा जा सकता है और न्यायालय से भी राहत प्राप्त की जा सकती है।

किसी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन से सिर्फ और सिर्फ उस का धर्म परिवर्तन होगा। उस के परिवार के अन्य सदस्यों का नहीं चाहे वे माता-पिता, बहिन-भाई, पत्नी या संतानें ही क्यों न हों। धर्म परिवर्तन के उपरान्त उत्पन्न हुई संतान का धर्म माता पिता का माना जाएगा। वयस्क होने पर वह चाहे तो अपना धर्म स्वयं निश्चित कर सकता है।

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4 टिप्पणियाँ

  1. Comment by Rahul Sharma:

    आदरनीय
    क्या धर्म परिवर्तन कर लेने कें बाद एक ब्राम्हण जाति के व्यक्ति को बोध धर्म ग्रहन कर लेने के बाद आरक्षण का लाभ मिल पयेगा अथवा नही ???

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  2. Comment by Mustaq meer:

    “धर्म परिवर्तन के लिए कोई विशेष प्रक्रिया न होने के कारण कोई भी व्यक्ति जो धर्म अपनाना चाहता है वह उस धर्म के धार्मिक स्थल पर जा कर धर्मानुसार उचित प्रक्रिया जान सकता है। उस प्रक्रिया, अनुष्ठान आदि को पूर्ण कर लेने के उपरान्त यदि उस धर्म के लोग उसे अपने धर्म में स्वीकार कर लेते हैं तो उस का धर्म परिवर्तन सम्पन्न हो जाता है। ”

    ये आपने क्या लिखा साहब कि उस धर्म के लोग जब अपने धर्म में स्वीकार कर लेते हैं तो उसका धर्मपरिवर्तन सम्पन्न हो जाता है। किसी धर्म को स्वीकार करना आस्था की बात होती है और आस्था दिल के अधिकार क्षेत्र में आती है न कि मौलवीजी या पंडित जी के या किसी अन्य धर्म गुरू के हां वो प्रक्रिया बता सकते हैं धन्यवा्द

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  3. Comment by shashikant:

    रेस्पेक्टेड सर,

    १. दो धर्म एक पर्सन कैसे लिख सकता है

    लेकिन सरकारी रिकार्ड में नाम परिवर्तन करना एक दुष्कर प्रक्रिया है और इस से अनेक जटिलताएँ उत्पन्न होती हैं। इस कारण से यदि नाम परिवर्तन न हो तो बेहतर है। धर्म परिवर्तन का नाम परिवर्तन से कोई संबंध नहीं है।

    सर
    अगर कोई अपना धर्म परिवर्तन कर लेता है. तू उस के आने वाले जीवन में बराबर लाभ मिल सकेगा

    जैसे की

    हिन्दू से मुस्लिम
    मुस्लिम से हिन्दू

    जब बात आती है. आरछण क्या मिल पाएगा

    अगर कोई किसी सरकारी फॉर्म में अपना नाम मोहहम शाह लिखता है.

    रिलिजन – हिन्दू प्रॉब्लम होना जायज है. या नहीं

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