पालिसी में नोमिनी न बनाना विवाह विच्छेद का आधार नहीं हो सकता।

समस्या-

मेरा विवाह तलाकशुदा लड़की से हुआ है जिसकी आयु 38 वर्ष है मेरी 28 वर्ष है। विवाह का पंजीयन नगर पालिका में हुआ है, जिस में डिवोर्स का कोई हवाला नहीं दिया गया है। मेरी पत्नी सरकारी अध्यापिका हे और मैं बेरोजगार हूँ। मेरी शादी में मैंने किसी प्रकार का दहेज नहीं लिया है, एक बैड एक चादर तक नहीं ली। बस एक अंगूठी ली बस। वह ससुराल में बहुत कम आती है। ज्यदा खुद के माता पिता के पास रहती है और मैं भी उन के माता पिता के पास ही रहता हूँ। वह खुद के रिकॉर्ड में कहीं पति का नाम मांगते हैं तो नहीं भरती। इनकम टैक्स में रिबेट के लिए कोई पालिसी करती है तो रिबेट के लिए परामर्श लेते हैं और कहते हैं कि पति पत्नी के नाम पालिसी ले लो, उसमें वह अपने पापा को नामिनी बनाती है, कहीं भी नॉमिनी में मेरा नाम नहीं भरती। उस की आय 40000 रुपए प्रतिमाह से अधिक है। यदि ऐसे में तलाक मेरी ओर लिया जाता है तो भरण पोषण या आर्थिक दंड देना होगा क्या?

-दौलतराम, खंडवा, म.प्र.

समाधान-

पने विवाह अपनी मर्जी से किया। आप बेरोजगार थे तो आपत्ति आप की पत्नी को होनी चाहिए थी। पत्नी की उम्र अधिक है तो आप को पता था। वह सरकारी कर्मचारी है यह भी आप को पता था। वह तलाकशुदा है यह भी आप को पता था। वह अपने माता पिता के साथ रहती है, आप भी उस के साथ रहते हैं इस में क्या परेशानी है। आप का सारा खर्च आप की पत्नी उठाती है तो इस में आपको कोई आपत्ति नहीं है। जो वह कमाती है उस की सम्पत्ति है। उसे वह कैसे रखती है या उस में किस को वह नोमिनी बनाती है यह उस का अधिकार है। न तो किसी पति को और न ही किसी पत्नी को यह अधिकार है कि वह अपने जीवनसाथी को बाध्य कर सके कि वह उसे नोमिनी बनाए। आप नोमिनी क्यों बनना चाहते हैं? नोमिनी तो पालिसी लेने वाले की मृत्यु पर पालिसी का पैसा लेने वाला होता है लेकिन वह उस धन का मालिक नहीं होता। धन तो उसी को मिलता है जो उत्तराधिकारी होता है। आप के इस तरह के सवाल करने से तो ऐसा लगने लगेगा कि आप बिना कुछ किए धरे अपनी पत्नी की कमाई पर अपना जीवन जीना चाहते हैं और यह भी चाहते हैं कि पत्नी अपनी सारी संपत्ति आप के नाम कर दे। विवाह में यह उचित नहीं है। आप अपनी पत्नी पर किसी तरह का संदेह करने के स्थान पर उस पर भरोसा करते हुए उस के साथ प्रेम पूर्वक एक अच्छे जीवनसाथी की तरह रह सकते हैं।

आप को और तो कोई शिकायत अपनी पत्नी से है नहीं। आप के पास तलाक का कोई आधार नहीं है। नोमिनी नहीं बनाना कोई आधान नहीं हो सकता। यदि पति या पत्नी को ही नोमिनी बनाने या न बनाने के नाम पर तलाक होने लगें तो देश की आधी शादियाँ अब तक टूट जानी चाहिए थीं। आप को तलाक मिल ही नहीं सकता। वह तभी मिल सकता है जब कि आपकी पत्नी सहमति से आपको तलाक देने को तैयार हो। ऐसे में तो आप दोनों तय करेंगे कि भऱण पोषण किस को कितना देना है और देना है या नहीं देना है।

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