पिता संपत्ति के विक्रय पर क्या कोई पुत्र आपत्ति कर सकता है?

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समस्या-

मैं ने जिस व्यक्ति से खेत खरीदा है उस का पुत्र कह रहा है कि सौदा निरस्त करो नहीं तो वह अदालत में मुकदमा कर देगा। लेन-देने हो चुका है और विक्रय पत्र का पंजीयन भी हो चुका है।  क्या मेरा कोई नुकसान हो सकता है?

-मनीष गिरी, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश

 

समाधान-

जिस व्यक्ति के नाम वह जमीन है जिसे आप ने खरीदा है तो दूसरा कोई भी व्यक्ति चाहे वह विक्रेता का पुत्र हो या अन्य कोई निकट संबंधी उसे विक्रय पर आपत्ति उठाने का कोई अधिकार नहीं है।  पहले यह आपत्ति उठायी जाती थी कि जमीन पुश्तैनी है और उस में पुत्रों का भी अधिकार/हिस्सा है। लेकिन पुश्तैनी संपत्ति में केवल उन्हीं पुत्रों को हिस्सा प्राप्त करने का अधिकार है जिन का जन्म 17 जून, 1956 के पूर्व हुआ है।

दिनांक 17.06.1956 को हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम प्रभावी हो गया था।   इस अधिनियम को प्राचीन प्रचलित हिन्दू विधि पर अधिप्रभावी घोषित किया गया है।  इस अधिनियम की धारा-8 के अनुसार उत्तराधिकार केवल पुत्र को ही प्राप्त होता है न कि पुत्र के पुत्र को।  इस तरह किसी भी पुत्र को पुश्तैनी संपत्ति में उस के पिता के जीवित रहते कोई अधिकार या हिस्सा प्राप्त नहीं होता।

विक्रेता का पुत्र आप को मात्र धमकी दे रहा है।  आप उस की परवाह नहीं करें।  यदि वह कोई कानूनी कार्यवाही भी करेगा तो वह चलने लायक नहीं होगी।  ऐसी कार्यवाही में आप को प्रतिवाद तो करना होगा, किन्तु आप को कोई हानि नहीं होगी।

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62 टिप्पणियाँ

  1. Comment by Sumit:

    कानूनी तोर पर पिता ने अपने छोटे बेटे के नाम वसीयत की है तो फिर इस वसीयत पर बड़े बेटे का अधिकार कानून तोर पर होगा या नही

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  2. Comment by praveen:

    सर मेरे दादा जी गांव के एक ब्यक्क्ति को ३० साल पहले रहने के लिए जंमीन दिए थे अब वह जंमीन छोड़ के दूसरी जगह चला गया क्या मेरे दादा दुयारा दी गई जंमीन को ओ बेच सकता है जंमीन आवादी की थी और अब मेरे दादा भी नहीं रहे

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  3. Comment by md gulab:

    T

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  4. Comment by md gulab:

    Sr mai Md gulab
    Mere Dada ke name ki jamin h mere Dada k char ladke h jisme mere pita Ji ka dehant ho chuka or charo bhai ka fatwara 30 sal pahle ho chuka h lekin fatwara ka paper nhi bna tha mokhik hi hua tha jisme ek jamin ki kimat 10 guna jyada ho. Gya. H kiyok wo jamin rod k side ki jamin h to mere auncle log us jamin KO kabja Karna chahte h or sabhi auncle apne apne hissa me se jamin bhi beach chuke h to is position ham us jamin KO jamin KO transfer ham apne sister k name kar denge to achha rhega kiyok mere auncle sabhi is jamin kobechna chah rhe h ya dusra solution achha kiya rhega

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  5. Comment by Mohit:

    सर जी
    मेरे दादा का मकान जो मेरी दादी के नाम पर था उसे दादी नै अपने चार बेटो में बाँट दिया मेरे पिता की मृर्त्यु के बाद मेरी माँ नै किसी से कर्ज लिया था और १००० के स्टाम्प पर यह लिखा की यदि में क़र्ज़ नहीं दे पाई तो ये पूरी मकान उसका हो जाएगा तो सर क्या उसमे हमारा हक़ है या नहीं

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  6. Comment by Instant Lal ganpat:

    Mere pitaji ki do wife hai mere pitaji ka spearhead ho gaya hai ,to mera saotela bhai aur mere family k log bolte hai samptti ka do hisasa Hoga mai bolta hoo hm jitane sadasy log hai sbko barber hisasa Mila chaihiye isi bat pr bad vivah chal raha hai ,aapki ray kya hai

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  7. Comment by Abhishek kumar:

    Sir ,
    Jinka janm 1956 se pahle hua h….or or apni pustani jamin Jo 1956 ke pahle ki h to usme bete ka haq hoga na…???? Ise clear kar de…??? Kyon ki mere pitaji mujhe mera haq nhi de rage h….jabki mera birth…1951m hua h

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  8. Comment by Lekh Raj:

    सर Namste
    मेरे पिताजी का देहांत फरबरी २०१६ मैं हो गया. हम चार भाई और एक बहन है पिताजी ने अपनी कमाई से जमीन खरीदी थी सं १९९० मै
    सर मेरा सवाल यह है की क्या मेरी सिस्टर इस प्रोपर्टी मैं हक़दार है जबकि उसकी सदी सं १९८५ मैं हो चुकी थी और पिताजी ने जमीन सिस्टर की सदी के बाद खरीदी है

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    • Comment by Lekh Raj:

      सर Namste
      मेरे पिताजी का देहांत फरबरी २०१६ मैं हो गया. हम चार भाई और एक बहन है पिताजी ने अपनी कमाई से जमीन खरीदी थी सं १९९० मै
      सर मेरा सवाल यह है की क्या मेरी सिस्टर इस प्रोपर्टी मैं हक़दार है जबकि उसकी सादी सं १९८५ मैं हो चुकी थी और पिताजी ने जमीन सिस्टर की सादी के बाद खरीदी है

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  9. Comment by puneet:

    सर मेरे दादा की पैतृक संपत्ति है मेरे दादा उस सम्पात्ति को दादी के नाम बसीयत कर गए है और मेरे पिता अब नही है दादी मेरे नाम से बसीयत कर सकती है है मेरे दादा जी के पांच बेटे है पर दादी मेरे नाम बसीयत कर रही है वो बसीयत मान्य hogi

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  10. Comment by M D jangid:

    सर में राजस्थान के नागौर जिले का रहने वाला हु मेने और मेरे pitaji ने हमारी पुस्तेनी १३.५बिगा जमीन बेचीं थी जिसकी कीमत ३लाख ५०००० रूपया बिगा में फाइनल हुई थी जिसकी पूरी कीमत ४७लाख २५००० hoti है उस आदमी ने हमको रजिस्ट्री से पहले ३००००००( तिस लाख) रूपया दे दिया जो हमको मान्य है बाकि के रुपियो का ५महीनो की मोलागत ली अब वो रूपया देने में आना-कानि कर रहा है और अब वो आदमी मेरे से बात करना नहीं चाहता है अब साब मेरे पास साबुत इतना है की जिस दिन हमारा जमीन का सौदाहुआ जो भाव फाइनल हुआ वो सारी बाते फ़ोन में रिकॉर्ड है अब आप ही बताये मुझे मेरे पैसे कैसे नीकालने है प्लीज मेरी मदद करे

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  11. Comment by Anil:

    Mere Nana ki miratiyu ho gayi do machine pehle or unki ask hi baris hair joki hamari mami or koi nahi or unke dastakhat unke bai ke ladle me dhoke she kisi stamp par larva liya hum kya Kate jam in nam karbane ke liye (putri khera tikamgad mp ke hair Nana unka nam ghanshyam vishwakarma hai

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  12. Comment by Shivani:

    Mere pita ko khandani sampati me batwara chahhiye apne chacha ke sath kaise kya kya karna hoga

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  13. Comment by bhanu:

    mare dada ji naam pustani jamin property h mare father ke ek Bhai or three sister h.mare pitaji ke accident mai death ho chuki h . mare dada ji or mare chaha ji mugh pustani property mai jo hak mare pita ka tha wo nahi dena chate.mare dada ji ne mare pita ke hak ka sub chacha ko de diya .kya mai kanun tor pe mera hak nahi le sakta .sir please help me give a idea

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  14. Comment by Raghuvir pawar:

    1980  me mere dada ke nam jo jamin thi vo jamin kisine dhoke se apne nam karvali he or vo jamin ..2006..ko mp..pithampur..auto testing me..sarkar ke..tahet..chali..gai hai or uska muvabja hame nahi.mila. balke dhoke se jisne apne nam karwali usko mil chuka hai…ab is bich..ka hum apna muvabja kanuni tor par mang sakte hai ya nahi.yadi mang sakte hai to kya hume muvabja milega.or..us jamin ke koi kagjat bhi nahi he hamare pass..nahi koi khasra no..bus itna pata hai ki wo jamin hamare dada ke nam thi..

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  15. Comment by sandeep:

    meri mami ki proprti h use bejana h lekin mami ka prup me papa ka naam alag h mere prup me pita ka naam alag h aur jo jamin ka paisa vo mujhe dena chati h to kya incame texe ko k

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  16. Comment by sandeep:

    help

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  17. Comment by sandeep:

    meri mami ki proprti h use bejana h lekin mami ka prup me papa ka naam alag h mere prup me pita ka naam alag h aur jo jamin ka paisa vo mujhe dena chati h to kya incame texe ko kya ye proup mana jayega

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  18. Comment by rekha rajput:

    हेल्लो सर, हमारी एक प्रॉपर्टी हे, जो हमारे दादा जी की हे मेरा एक भाई भाबी और भतीजी हे मेरा भाई कोई काम नई करता मेरे पाप के पास दादा की एक दूकान हे जो पाप चलते थे, अब वो ८५ के हे इसलिए दूकान मुझे चलानी होती हे, में ३८ की unmarried girl हो… सरे घर का खर्ज और भाबी और भतीजी का, पाप का खर्ज मुझे करना होता हे, इसके बात बी भाई घर में लड़ी और पाप se gail bolta हे, ये सब देखते पाप ने अपनी प्रॉपर्टी की वसीयत मेरे naam kar di ही और भाई को bedakal kar दिया हे, में जानना छाती हु की ये सब करेने के baat bhi hume और kya करना होगा जो हमारी प्रॉपर्टी हमारे paas save rahe मुझे और मेरे परिवार को भाई se खतरा बी हे, हम बहुत डरे बी हे, सर मेरी हेल्प करे…

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  19. Comment by Deepesh kumar:

    SIR plz tell me ak harjan aadmi ne mere name basiyat १९९५मे ki thi aur १९९८मे mere nam a gyi usk ladke ne gbhai Di thi ab bo ladka २००८मे exp ho gya hamne २०१५ में bo jamin bech Di ab Us ladke ki wife ne sdm Court Me Case kiya hai kya hoga SIR plz tell me

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  20. Comment by Ravi Prajapat:

    सर मेरे दादा हमें बेदखल करके सारी जमीन को बेचना चाहते है क्या करे,
    हम हमारा हिस्सा कैसे ले ?

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  21. Comment by Gaurav:

    Sir,mere father 1999 mai expire kiye Abhi Kuch din phele Jo bhi mere dada ji aur dadi ke Naam Sai Jo bhi paustanik samapti tha wo batawara ho ko mere maa ke Naam pr ho gya hai Kya usme mere maa ki beti ya beta ka share nhi ho skta.

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  22. Comment by शान्ति लाल:

    जैसे मे मेरे हिस्से की जमीन जायदाद मेरे भाई को सोड के किसी दूसरे को नॉमिनी मे रखना सहता हू

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  23. Comment by मिथलेश कुमार:

    मेरी चचेरी दादी गुंगी और बैहरी है,उसका कोई बेटा नही है,बेटी है ,क्या उनकी सम्पती उनकी बेटी बेच सकती है। दादी के जिंदा रहते ?

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  24. Comment by raj:

    hmlog 2bhai h or agr koi ek bhai apna papa ka hi jamin khrid le to kya jamin khridne k bad dusra bhai koi objection krega to kha tk sahi hoga

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  25. Comment by manish saxena:

    प्रॉपर्टी सिस्टर की साँसे की नाम ह साँसे की डेथ हो गई पति की बी डेथ हो गई अब ससुर आबि जिन्दा ह पैर जथा प्रॉपर्टी म अड़चन दाल रहा ह बो दो हिस्सा करना कहता ह तू सिस्टर को हिस्सा कैसे मिलेगा सिस्टर की दो बच्चे ह एक नंदी बी ह कर्प्या उपाय बातये

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  26. Comment by Aakash:

    Mere Dada ki koi khas property ni thi mere papa 4 Bhai hote the or 1 bahan thi unki Dada ki ek makan bs bcha h
    Bat ye h ki bad Bhai police me tha jinse baki Bhai or bahan ka soshan bs kiya unki parwarish me dhyan ni Dena apni salary ayyasiyo me bitana wo सब
    Dada k Marne k waqt sirf 1ghar or kuch khet the
    Jo ki bade Bhai k nam me hota tha pehle sare property bade Bhai k nam me hi rahta tha police wala Bhai Mara to uske bad Puri property uske bad wale Bhai k nam me aayajisme 1 ghar bs tha
    Mere bade papa ek dukan khole band party jisme kuch sal bs 3bhai sathme bajaye bade Bhai ko teacher ki job mili fir b usne dukan ka pura paisa se apne bachho ki study job sb krke kuch pisa deposit krke apni future secure kr k apne niche wale Bhai ko dukan de ke alag hogya qki do Bhai berojgar the is liye ab is Bhai ne bajana chhokr Malik ban gya chhota Bhai ko naukar jaisa bna k usse akele bajwate rha is ki b job lg ggyi teacher me to b usne dukan ni chhoda chhota Bhai ab dukan ko ittni bulandiyo me pahuncha diya ki unke time me state me famous hogya kafi nam chala unke band dukan ka lekin unhe unke dono Bhai sarab pila pila k unko mansik tour se bahut paresan kr diye wo darne lg gye apne bhayiyo se or wo log unka fayda utha kr pure samaj me crime krte ja rha h sirf paiso k dum pe jaisi kisi b ldki k sathme wo sb kr k crime ko dba Dena kayi sadiya krwana apne bachho ki paise dekar job lgwana or bar bar suspend hone ki naubat me paise dekar बचाना
    Jis time Dada mare property me kuch b khas ni tha aaj dono Bhai k pass ghar care bank balance yaha tk apni betiyo k ghar husband ka palanposan uske bachho tk ka palanposan sb kr the h aaj b or mere papa dukan me hi bjate bjate apni jindgi tyag diye or hum log ab pdne likhne tk k liye unke pass jate h paisa mange to bajao tb paisa denge bolte h
    Mere papa ki 2 wife thi bat ye h ki Dustin wife Jo h wo apne haq ki ladayi ldna ni chahti apne bête ko leke wo chupchup pichhe baithi h taki wo buri sabit Na ho or wo uske bête jante h ki usko b baithe baithe papa k property me aadha hissa milega hi wo haq ki ladayi ldna b ni chahte or free me baithe baithe sb kuch milega sochte ह
    Bade papa log ka kehna h ki sirf dukan bechenge or usme tumlog ko denge bs jbki dukan k jariye wo log sb Seattle hogya job me sb bête h aaj unke dukan k paiso se hi to Mai kya karu plz बताईये

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  27. Comment by raghav:

    मेरे दादाजी ने मेरे पिता के नाम वसीयत की उसके बावजूद भी कोर्ट से मेरे ताऊ और चाचा ka makan मई हिस्सा कैसे हुआ..
    Makan म ४ कमरे पुस्तेनी है तो क्या वो vsiyat म शामिल नई h

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  28. Comment by Amit rai:

    Mere pitaji apni puri property ma ke gahane fb jiska nommny Mai hu o mere chote Bhai ko de Rahe hai Kya Mai ise rok sakta Hu…unki mansik isthiti thik nahi .

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  29. Comment by Ashu:

    Sir mere father in law ke 4 ladkiya hei or ek ladka hei hum ghaziabad se hei pichle 20 salo se hamare sasur ka hamare saale se koi MATLAB nahi hei .hamare sasur ji ki death 20 March 2015 ko ho gayii thi ab hamare sala ghaziabad ki sari property mei apna kabza chahata hei kya us property mei shadi shuda ladkiyo ko apna hissa milega.

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  30. Comment by Rajesh kr sinha:

    महोदय ,
    हमलोग तीन भाई है , मकान मेरी माँ के नाम से है , मकान के ऊपर मेरे बड़े भाई ने माँ के आदेश से ऊपर में मकान बनाया है तो क्या ऊपर वाला पर हमलोग आपत्ति कर सकते है की नहीँ और नीचे वाला मकान पर बड़े भाई का हक होगा या नहीँ

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  31. Comment by Rakesh Kumar:

    Hello sir meri ek pustaini jameen hai jise purve sarpanch madam Singh ke dwara Madhya Pradesh sasan kar Diya Gaya hai humare pass lagan Ki Rashid aur kuch kagjat hai hum log usme rahte the hum se jabar jasti ghar Khali karwaya Gaya hai ab app bataye Ki hum kya Karen bina notice ke Madhya Pradesh sasan kar diye koi upaye batain mera mobile number hai 8859262632 Rakesh Kumar Lakhera beohari distic Shahdol MP

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  32. Comment by R.K.Singh:

    हेलो मैडम.
    नमस्कार.
    मेरे पिताजी पांच भाई हैं मेरे दादाजी 28 साल पहले सारे जमीन के 80 परसेंट जमीन को पांच भाइयों में बंटवारा कर दिया था गोटी गिराकर जिसका कोई लिखित प्रमाण नहीं है बाकी के 20 परसेंट जमीन में से 10 परसेंट मेरे पापा को दिया गया था क्योंकि मेरी दादी मेरे पापा के पास थी 10 परसेंट मेरे पांच में अंकल को दिया गया था दादा जी उनके पास थे मेरी दादी 2 साल पहले स्वर्गवास हो च*** है 2 महीने पहले मेरे दादाजी 20 परसेंट जमीन जो कि दादा के नाम का क्या वाला था दादा जी के नाम कथा वह बाकी के मेरे पिताजी के चार भाइयों को नाम से लिख दिया जोकि मेरे पिताजी को 2 दिन पहले मालूम हुआ मालूम होने के बाद बाकी के अंकल गुप्त रुप से बोले की मैं जमीन मेरे पापा के हिस्से का तब वापस करुंगा जब दो जमीन 28 साल पहले बंटवारा हुआ था वह फिर से batwara की जाए लेकिन लेकिन आज आज का गुप्त सूचना है वह लोग जमीन भी वापस नहीं करना चाहते हैं और बाकी के 80 परसेंट जमीन है उसमें से बेचने का प्रयास कर रहा है मेरे दादाजी मेरे पापा के संपर्क में नहीं है फिलहाल ढाई महीने से जो जमीन दादाजी 20 परसेंट उन लोगों को लिख दिया है उनमें से मेरे पापा के हिस्से का जमीन कैसे वापस किया जाए????? और जो जमीन 28 साल पहले बटवारा हो चुका है क्या यह मान्य नहीं है???? ? यह बहुत ही अर्जेंट है कृपया मदद करें आपका आभारी आर के सिंह यह मामला बिहार का है कृपया अपना कांटेक्ट नंबर मुझे द* मेल के जरिए धन्यवाद

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  33. Comment by varun kawadkar:

    mere pita ki mansik halt thik nhi h or ve apni pusateni jamin bechna chahte h to ky mai unhe jamin bechne se rok sakta hu

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    • Comment by naveenpandit:

      Mere dadaji ki dath ho chuki hai.or mere papa ke naam sampatti aa gai.or mujhe bedakhal krna chahte hai.mere bevi bachche hai.or chchote bhai ki sadi nhi hui.kya mai court ja sakta hu.

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    • Comment by Mohan rajput:

      क्या आपका नंबर मिल सकता ह वरुण कवड़कर जी

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  34. Comment by SATYAM YADAV:

    मेरे बाबा के पास 27 बिस्सा जमीन थी और उनके 3 पुत्र थे बडे पुत्र की मृत्यु के बाद बाबा के पौत्र ने अपने पिता के हिस्से की जमीन (9 बिस्सा) बेचने को कहा और बाबा ने बेचकर उनको सारे पैसे दे दिए किंतु जमीन बाबा ने बेची थी अब बाबा की मृत्यु के बाद बचे 18 बिस्सा में फिर से तीन लोगों (दो पुत्र और एक पौत्र की मां)का नाम दर्ज हो गया है जोकि गलत है क्योंकि पौत्र व उसकी मां ने अपने हिस्से की जमीन पहले ही बेच ली है। अब हम लोगों को सिर्फ 6 बिस्सा ही मिलेगा पर पौत्र तो (9+6=15) बिस्से का मालिक बन बैठा।
    क्या बचे 18 बिस्से में सिर्फ 2 भाग हो सकते हैं।
    मदद कीजिए कृपया।

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  35. Comment by surajkumar:

    Sir mera nam surajkumar hai.mere pitaji ke nam se ek jamin hai jis par mere pitaji aur chacha jee ne milkar 2001 main ek ghar banaya tha bijnesh ke liye .fir 2008 main dono bhaiyon me kuch tainson hua aur hamare chacha jee apani faimilly ko lekar us makan main chale gaye.hamare papa ka pariwar purane ghar main rahane laga jo ki hamare dada jee ki banai hui hai.hamare papa jee jail police main the.wo jab chutti lekar ate aur ghar batware ki baat karte to chacha jee samay na hone ki baat kah kar taal dete the.phir 2011 main hamare papa ki mrityu ho gai.ab hamare chacha jee us ghar aur jamin main hissa dene se inkar kar rahe hai .mai kya karu.kripya sujhav dain

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  36. Comment by rajesh:

    Sir Maine ek wyakti ki deeh awadi jameen ragistry karwai Jo uski pustaini jameen thi .ab uska putra case karne ko kah raha h .kya meri registry galat h.kya mera paisa doob jayega.

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  37. Comment by RANJANA:

    मेरा एक १४ साल का लड़का है मैंने मुस्लिम लड़के से शादी की थी मेरे पति के काम न करने और शराब पिने के कारन मैंने ७ साल से घर छोड़ दिया मेरे ससुर जी का ७ साल पहले निधन हो गया था अब उनकी सम्पति में मेरे पति उनके बड़े भाई और दो बहनो को हिस्सा मिल रहा है क्या इस सम्पति में मेरा या मेरे लड़के का कोई हिस्सा नहीं है मेरे पति को जो मिलेगा वो सब बेच कर शराब पिएंगे मेरे पास प्राइवेट नौकरी है जिससे मेरा और मेरे लड़के का खर्च चलता है क्या हमारा मेरे ससुर जी की सम्पति में कोई हक़ नहीं है अभी मेरा तलाक नहीं हुवा है. मुझे क्या करना चाहिए प्लीज कोई सलाह दे .

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  38. Comment by Prithvi:

    Namste Sir,
    Humari २ family hai, or hum logo ki petrik sampati baandh ban ne ke karan dub gai hai or sarkar ne hume dusri jagah visthapit kar diya hai, mere pita अपनी or petrik sampati ka sara hissa dusri family ko de rahe h.sir kya हम अपनी petrik or pita ki sampati me adhikaar le sakte hai??

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  39. Comment by namrta saini:

    Mere father ki 31-03-2008 ko death hui thi. Mere father 2 bhai the. Hm jis jagah pr rahte h wo mere dada ji ko virast me mili h. Hme rahne k liye km jagah di hui hai. nivas grah me hme brabr ka hissa nai de rkha. Mere dada us jamin me meri 2 bua ko b hissa de skte h kya? Ya hm brabr jagah le skte h.

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  40. Comment by संजय गुप्ता:

    मेरा प्रस्न ये है की मेरे दादा जी की संपत्ति जो की हम ४ भाई यो के नाम वसीयत कर गये हैं जिन्होंने अप्ने दो पुत्त्रो के नाम मे नहीं की है १ पुत्र् से १ पुत्र है २ से ३ पुत्र् है जो १पुत्रके पुत्र का संवर्ग वस् हों गया है मगर १ पुत्र की राखि हुई दूसरी ओरत ने आपने पुत्र के द्वार हमारे दादा जी की संपत्ति पर केस लगयाहै ओउर १ पुत्र द्वारा कोई संपत्ति नही खरीदी गई है तो क्या १ पुत्र की दूसरी ओरत के पुत्र के द्वारा लगे केस जो हमारे दादाजी की संपत्ति पर उस का हाक है

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  41. Comment by vineet:

    सर ,
    मेरे दादा जी को उनके पिता से १० बीघा खेत मिले थे.. औऱ उनको, उनके पिता जी से मिले .. जो लगातार पिछली पांच पीढ़ियों से इसी तरह मिलती चली आ रही थी.. मेरे बाबा ने दो शादियां की जिसके बाद पहली पत्नी से दो पुत्र हुए और दूसरी पत्नी से दो पुत्र.. पहली पत्नी के देहांत के बाद उन्होने सारी जमीन को अपनी दूसरी पत्नी के दोनों पुत्रों के नाम बेचनामा कर दिया है.. और अपनी पहली पत्नी के दोनों पुत्रों को उसमे कोई हिस्सा नहीं दिया है.. कृपया बताएं क्या अब हमे उस जमीन में हिस्सा नहीं मिल सकता .? हम लोग अब क्या करें.. सभी लड़के पूरी तरह से बालिग है

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  42. Comment by Swami kirtilal:

    नमस्ते
    मेरे पिता और मेने एक जमींन खरीदी थी १९८०
    सादे कागज पर सोदा खरीददार से लिखित हुआ उस पर
    पिता और मेरे रूपये दोनों के सजेदारी से ली ज़मींन है
    उस पर लिखा हुआ है की हम प्रेम वस् ये ज़मींन मेरे
    छोटे Bhai जिसकी उम्र उस समय १३ वर्ष की थी
    उसका भी नाम उसमे लिखा गया
    फिर ५ साल बाद उसकी रेगिस्त्री हुई तब शिर्फ़ छोटे भाई
    के नाम पर की गई एग्रीमेंट पर ५ साल पहले सोव्दा हुआ
    लिखा हुआ है अब पिता की मानसिक इस्ताथि ठीक नहीं
    है उसका गलत फायदा छोटा भाई ने पिता से कुछ लिखवा
    लिया है और पिताजी ने मुजे हक़ मिलाना चाहिए मुजे
    भी लिखकर दिया है क्या अब उस ज़मीन के लिए
    मुजे क्या करना चाहिए की मुजे मेरा हक़ मिले
    पिताजी अब शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्त
    नहीं है

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  43. Comment by VINOD KUMAR:

    महोदय मेरे दादाजी पांच भाई थे तथा उनके पिता की मृत्यु के बाद उनकी पुश्तैनी जमीन (जिसकी कोई वसीयत परदादा ने नहीं बनायी थी) पांचो भाइयों में नामंतरित होने की बजाय सबसे बड़े भाई के नाम पर नामंतरित करा दी गयी थी परन्तु उस जमीन को सबसे बड़े भाई सहित तीन भाइयो ने बांटकर उपयोग करना शुरू कर दिया था बाद में बड़े भाई ने बयान देकर उपरोक्त दोनों को उनका हिस्सा उनके नाम पर करवा दिया लेकिन बाकी दो भाइयो (जिनमे से एक मेरे दादा जी थे) ने अपने-अपने हिस्से की जमीन बड़े भाई के पास उन्ही के नाम पर रहने दी थी | आगे भी दादा जी ने वो जमीन अपने नाम पर नहीं करवाई थी बाद में दादा जी की मृत्यु हो गयी तथा उस समय मेरे पिताजी काफी छोटे थे (दादाजी की मृत्यु १९५६ से पहले ही हो गयी थी) एवं आगे चलकर दादाजी के सबसे बड़े भाई की भी मृत्यु हो गयी और उनके नाम पर जितनी जमीन थी वो सारी की सारी (जिसमे मेरे दादाजी का हिस्सा भी था) उनके एक मात्र पुत्र के नाम पर नामंतरित हो गयी और पुनः उस पुत्र की मृत्यु के बाद उनके तीन बेटो के नाम पर नामंतरित हो चुकी है | अर्थात मेरे दादा जी एवं उनके एक भाई की जमीन भी उन्ही के नाम पर है | अब वो तीनो लडके मेरे पिताजी को जमीन नहीं दे रहे और कहते हैं की जब उनके दादा ने जमीन नहीं दी तो हम क्यों दे ? श्री मान जी कृपया मुझे ये बताएं कि क्या वो जमीन किसी प्रकार से प्राप्त की जा सकती है ? यदि हाँ तो कृपया इसकी प्रक्रिया बताने की कृपा करें मैं आपका आभारी रहूँगा |

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  44. Comment by VINOD KUMAR:

    यहाँ पर आप बताते हैं कि पिता अपनी संपत्ति को किसी को भी बेंच सकता है और उसके पुत्र पुत्री या पत्नी कुछ नहीं कर सकते लेकिन कहीं पर आप बताते हैं कि पुत्र न्यायालय में वाद प्रस्तुत कर सकता है
    आप अपनी पुरानी पोस्ट देखिये जिनमे आपने इन दो प्रश्नों के उत्तर दिए हैं वो बिलकुल विरोधाभासी हैं “१) मेरे पापा मुझे अपनी संपत्ति से बेदखल कर सारी संपत्ति दूसरे भाई को देना चाहते हैं, मुझे क्या करना चाहिए ? ” एवं “२) पिता संपत्ति के विक्रय पर क्या कोई पुत्र आपत्ति कर सकता है? “

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    • Comment by दिनेशराय द्विवेदी:

      विनोद जी,
      दोनों पोस्टें विरोधाभासी नहीं हैं लेकिन प्रतीत होती हैं। किसी भी संपत्ति के बारे में जब तक यह पता नहीं हो कि उस का स्रोत क्या है उस के उत्तराधिकार की स्थिति पता नहीं लग सकती। पुराने लेख में संपत्ति का स्टेटस पता नहीं था। वहाँ यह कहा गया है कि संपत्ति यदि पुश्तैनी है तो पुत्र अपने अधिकार की मांग कर सकता है और उस के लिए दीवानी वाद दाखिल कर सकता है। लेकिन संपत्ति पुश्तैनी है या नहीं यह उस के स्रोत से पता लगेगा। यदि संपत्ति १९५६ के पूर्व से ही पुश्तैनी है तो वह पुश्तैनी ही रहेगी। उस में सभी का अधिकार होगा।

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      • Comment by VINOD KUMAR:

        महोदय आपका बहुत बहुत धन्यवाद आपने मेरी शंका का समाधान कर दिया | दरअसल आपने एक स्थान पर कहा की जिसकी संपत्ति है वो किसी को भी दे सकता है और उसे कोई नहीं रोक सकता और दुसरे स्थान पर कहा की संपत्ति देने पर उसमे रोक लगाई जा सकती है परन्तु आपने जो अर्जित संपत्ति और पुश्तैनी संपत्ति के बारे में कहा था वो मैं समझ नहीं पाया था मैं क्षमा चाहता हूँ |

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  45. Comment by premnath lahri:

    मेरे पिता जी ३० वरस से या अधिक से(१९६८-७० से अब तक ) घास भूमि या सरकारीभूमि पर कृषि करते आ रहे है और उसी जमीन का खसरा नं का एक टुकड़ा का (१.४९हे. ) पट्टा किसी और को अपर कलेक्टर के माध्यम से (२००२ में अन्य पिछडा वर्ग को )दिया जा चूका है चूँकि हम भूमिहीन अनुसूचित जाती में आते है तो क्या हमको सरकारी पट्टा मिल सकता है

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  46. Comment by tekram pal:

    मेरी दादी जी ने जीते जी अपनी सारी संपत्ति अपने बेटे के नाम कर दी है तो क्या मेरी बुआ जी उस संपत्ति में अपना हक़ ले सकती है

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  47. Comment by sandy:

    sandy says:

    August 17, 2012 at 8:56 pm

    मेरे पिताजी के हम दो पुत्र हैं मगर मेरे पिताजी का लगाव मेरे बड़े भाई से जयादा है मुझे दर है की वो अपनी सम्पति उसके नाम कर दें गे क्या वे ऐसा कर सकते हैं ओउर अगर वे ऐसा करते हैं तो मुझे क्या करना चाहिए क्या मैं क़ानूनी कारवाही कर सकता hun

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  48. Comment by sandy:

    मेरे पिताजी के हम दो पुत्र हैं मगर मेरे पिताजी का लगाव मेरे बड़े भाई से जयादा है मुझे दर है की वो अपनी सम्पति उसके नाम कर दें गे क्या वे ऐसा कर सकते हैं ओउर अगर वे ऐसा करते हैं तो मुझे क्या करना चाहिए क्या मैं क़ानूनी कारवाही कर सकता hun

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    • Comment by kamal hindustani:

      आपके पिता को उनके जीवित रहते हुए ये अधिकार है की वो अपनी जमीन किसी के भी नाम कर सकते है |

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  49. Comment by t s daral:

    एक महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर बहुत काम की जानकारी दी है .आभार .

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  50. Comment by babitaa wadhwani:

    मान लीजिये पिता की म्रत्यु हो जाये और माता कहे की यह सम्पति सिर्फ मेरी है और वो बेटे के बेटे को कुछ भी देने से इंकार केर दे , बेटे के न रहने पर या खो जाने पर , क्या उस पोत्र को कुछ हिस्सा दिलाया जा सकता है क्या.

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    • Comment by दिनेशराय द्विवेदी:

      पिता को अपनी संपत्ति को वसीयत करने का अधिकार है। वसीयत के माध्यम से वह अपनी संपत्ति किसी को भी दे सकता है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति ने अपनी सारी या कुछ संपत्ति की वसीयत नहीं की है तो वह उत्तराधिकार के नियमों के अनुसार उस के उत्तराधिकारियों को प्राप्त होगी। किसी भी हिन्दू पुरुष के उत्तराधिकारियों में उस की माता, पत्नी, पुत्र व पुत्रियाँ समान रूप से उत्तराधिकारी होते हैं। अर्थात इन की कुल संख्या जितनी होगी उतने ही हिस्से का एक उत्तराधिकारी को अधिकार होगा। जैसे इन की संख्या 5 हो तो प्रत्येक को पाचवें हिस्से का उत्तराधिकार प्राप्त होगा। लेकिन पोत्र को कुछ नहीं मिलेगा यदि उस का पिता जीवित है। यदि मृतक के किसी पुत्र की पहले ही मृत्यु हो चुकी है तो उस पूर्व मृत पुत्र के उत्तराधिकारियों अर्थात उस की पत्नी व संतानों को उस के हिस्से में से समान हिस्से प्राप्त होंगे।
      दिनेशराय द्विवेदी का पिछला आलेख है:–.पिता संपत्ति के विक्रय पर क्या कोई पुत्र आपत्ति कर सकता है?My Profile

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  51. Comment by babitaa wadhwani:

    अच्छा है इससे बड़े अपना निर्णय अंतिम रख सकेगे

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