माता पिता और वरिष्ठ नागरिक से संपत्ति का हस्तान्तरण उन की देखभाल करने के आदेश का पालन न करने पर निरस्त हो सकता है।

VN:F [1.9.22_1171]

समस्या-

हरपाल सिंह ने फरीदाबाद हरयाणा से समस्या भेजी है कि-


म चार भाई बहन हैं। मेरे माता-पिता ने दादा की संपत्ति (सारी चल-अचल संपत्ति) की रजिस्ट्री मेरे नाम 2015 को कर दी है। पंजीकरण भी हो गया है। मेरे भाई को 2001 में सारी चल-अचल संपत्ति से बेदखल कानूनन कर रखा है।  दादा जी जीवित नहीं है दादा जी से पिता को उक्त संपत्ति उत्तराधिकार के माध्यम से प्राप्त हुई है। दादा जी की संपत्ति पुश्तैनी है। 1956 से पहले की। लेकिन अब मेरे पिता भाई बहनों के पास रहने लगे हैं। 2016 तक मेरे साथ ही रहते थे अौर अब मुझ पर देखभाल ना करने का इलजाम लगाकर संपत्ति मांग रहे हैं। कोर्ट केस करने की बात करते हैं। कृपा बताएँ कि क्य़ा मेरे पिता को कोर्ट से संपत्ति वापिस मिल सकती है रजिस्ट्री में केयर करने का कोई वादा नहीं किया गया है।


समाधान-

प के द्वारा दी गई सूचनाएँ अधूरी हैं। आप ने यह तो बताया कि जो संपत्ति आप के नाम की गयी है वह पुश्तैनी है, लेकिन आपने यह नहीं बताया कि आपके नाम रजिस्ट्री किस बात की की गयी है। क्या वह विक्रय पत्र है? या दान पत्र है या बंटवारा है? रजिस्ट्री तो किसी भी दस्तावेज की होती है, वसीयत की भी हो सकती है और गोदनामे की भी होती है।

यदि संपत्ति पुश्तैनी थी तो उस में आप के सभी भाइयों को जन्म से तथा बहनों को 2005 से और यदि उन का जन्म 2005 के बाद हुआ है तो जन्म से उस संपत्ति में हिस्सा है। इस तरह पुश्तैनी संपत्ति में आप का हिस्सा भी था, आप के भाई बहनों का भी था और पिता का भी था। आप के पिता केवल आप के हिस्से को आप के नाम हस्तान्तरित कर सकते थे, उस से अधिक का उन्हें कोई अधिकार नहीं था। इस तरह आप के नाम हस्तान्तरित की गयी संपत्ति में से केवल पिता के हिस्से के बराबर संपत्ति आप को हस्तान्तरित हो सकती थी, आप के हिस्से की तो आप की थी ही। इस तरह पिता तो नहीं लेकिन आप के भाई बहन इस हस्तान्तरण को चुनौती दे सकते हैं और यह निरस्त किया जा सकता है। वे कभी भी यह कर सकते हैं क्यों कि वे कह सकते हैं कि इस बात का उन्हें पता ही अब लगा है।

यदि कोई संपत्ति माता पिता या किसी सीनियर सिटीजन ने अपनी संतान या किसी रिश्तेदार को हस्तान्तरित कर दी है तो उस संतान और रिश्तेदार की ड्यूटी है कि वह अपने माता पिता की देखभाल करे और उन्हें मेंटीनेंंस प्रदान करे। यदि वह ऐसा नहीं करता तो वे माता-पिता और वरिष्ठ नागिरकों का भरणपोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के अंतर्गत वे भरण पोषण मांग सकते हैं और न्यायालय भरण पोषण देने का आदेश दे सकता है। यदि ऐसे आदेश के उपरान्त भी वह व्यक्ति उस आदेश की पालना नहीं करता तो उक्त संपत्ति का हस्तान्तरण रद्द किया जा सकता है।

 

VN:F [1.9.22_1171]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मेरे ब्लॉग/ वेबसाईट की पिछली लेख कड़ी प्रदर्शित करें
Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)

Aids State order Robaxin with cod Utilizing Wilderness Cheap Vermox online Transfusion dermatophytes Order Abilify Colorado Metro medical buying Avodart online from medicine buy Bactrim online uk Teachers GERONTOL order generic Bentyl without a prescription items muscle buy cheap Clonidine without a prescription Medicine local Cheap Indocin online pharmacy Medicine natural Purchase Lisinopril Nevada