अदालतें बाढ़ग्रस्त हैं। ‘कितने मरे? कितने चिकित्सालय में भरती हैं?’
Posted On 29 Jan 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
मैं ने कहा था कि संसद और विधानसभाऐं कानून बनाती रहती हैं। कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए उन में सजा के लिये प्रावधान होते ... Continue Reading
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चैक बाउंस के अपराधिक कानून के पारिणामिक पहलू
Posted On 24 Jan 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
.......(कल से आगे)1. चैक बाउंस के मामले के कानून के पारिणामिक पहलू पाँच साल पहले ही दिखाई पड़ने लगे थे। पर जब वित्तीय संस्थाओं ने इसे अपने व्यापार का अनिवार्य ... Continue Reading
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चैक बाउंस का अपराधिक कानून और अदालतें
Posted On 23 Jan 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
सोमवार का दिन केवल दलाल स्ट्रीट के कारण ही कॉरपोरेट जगत के लिए बुरा नहीं गुजरा, उसे चैक बाउंस के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार भी सुननी पडी। ... Continue Reading
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वकीलों, न्यायाधीशों और चिट्ठाकार साथियों से विनम्र निवेदन
Posted On 15 Jan 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
भारत की न्यायपालिका को बचाएं, देश बचाएं अब यह सब के सामने है कि पर्याप्त साधनों के अभाव में भारत की न्यायपालिका देश में हो रहे विकास ... Continue Reading
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”अंधेर नगरी-चौपट राजा” और सर्वत्र फैली हुई अराजकता।
Posted On 10 Jan 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
संसद और विधानसभाएं कानून बनाती हैं। ये कानून किताबों में दर्ज हो जाते हैं। बहुत सारे पुराने कानून हैं और हर साल बहुत से कानून बनते हैं। नयी परिस्थितियों के ... Continue Reading
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तीसरा खंबा का सहयोगी अँग्रेजी ब्लॉग "JUDICATURE INDIA" आज से प्रारंभ
Posted On 06 Jan 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
तीसरा खंबा ने विगत दो माह में जो काम किया है वह महत्वपूर्ण है। इस दृष्टि से कि उस ने यह खोजने का प्रयास किया कि हमारी न्याय प्रणाली ... Continue Reading
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राजनीति न्याय प्रणाली की उपेक्षा न करे
Posted On 03 Jan 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
आजादी के साठ साल बाद हमारे देश की न्याय प्रणाली आज किस मुकाम पर खड़ी है इस की राजनैतिक समीक्षा होना जरुरी है। हमारी संसद और विधान सभा को यह ... Continue Reading
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