काँपीराइट को समझें, इस का उल्लंघन करने पर तीन साल तक की सजा, साथ में ढ़ाई लाख तक जुर्माना हो सकता है
Posted On 25 Feb 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under कॉपीराइट.
इन दिनों हिन्दी ब्लॉगिंग में कॉपीराइट का चर्चा रहा। एक-दो चिट्ठाकार साथियों से बातचीत से ऐसा अनुभव हुआ कि अधिकांश चिट्ठाकारों को कॉपीराइट कानून के सम्बन्ध में प्रारंभिक जानकारी भी ... Continue Reading
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काँपीराइट को समझें, इस का उल्लंघन करने पर तीन साल तक की सजा, साथ में ढ़ाई लाख तक जुर्माना हो सकता है
Posted On 25 Feb 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
इन दिनों हिन्दी ब्लॉगिंग में कॉपीराइट का चर्चा रहा। एक-दो चिट्ठाकार साथियों से बातचीत से ऐसा अनुभव हुआ कि अधिकांश चिट्ठाकारों को कॉपीराइट कानून के सम्बन्ध में प्रारंभिक जानकारी भी ... Continue Reading
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दास को उतना ही दो, जिस से वह जीवित रहे, मरे नहीं
Posted On 23 Feb 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
हम ने दास युग को नहीं देखा। उस के बारे में हमें इतिहास की पुस्तकों, साहित्य और कुछ अन्य साधनों से ही पता लगता है। दास युग के स्वामी अपने ... Continue Reading
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न्याय प्रणाली-भ्रष्टाचार का प्रतिशत और पूल
Posted On 21 Feb 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
पिछले अंक में मैं भारत की न्याय प्रणाली पर गर्व कर रहा था। गलती से मैं ने एक शर्मनाक बात के बारे में लिख गया था। लेकिन उस के बात ... Continue Reading
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देश के लिए गर्व भी और शर्मनाक भी
Posted On 19 Feb 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
लोकेश जी के ब्लॉग "अदालत" की खबर "चीन भारत के न्यायिक माडल से सीखने का इच्छुक!" हम भारतियों के लिये गर्व करने लायक है और शर्मनाक ... Continue Reading
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चैक बाउंस के मुकदमे मे पेशी का एक सीन
Posted On 17 Feb 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
वह मध्यवर्गीय व्यापारी परिवार से है। पति-पत्नी और एक बेटी, यही उस का परिवार। कोई छोटा सा ट्रेडिंग का व्यवसाय। आमदनी इतनी कि जिन्दगी मजे में चल जाए। आस पास ... Continue Reading
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अदालत में पेशियों पर पेशियाँ क्यों ?
Posted On 13 Feb 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
हम चल रहे थे इस सवाल पर कि अदालतों की संख्या कैसे बढ़े? पर ममता जी का एक मासूम सवाल आ गया। वे परेशान थीं अदालतों के तारीख पर तारीख ... Continue Reading
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