स्वतंत्र सहमति के बिना किए गए, कौन से कंट्रेक्ट शून्य हो सकते हैं?
Posted On 31 Jul 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
स्वतंत्र सहमति के बिना अनुबंधों की शून्यकरणीयता जब किसी भी अनुबंध के लिए सहमति जबर्दस्ती, कपट या मिथ्या-निरूपण के माध्यम से प्राप्त की गई हो, तो ऐसा अनुबंध उस ... Continue Reading
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कंट्रेक्ट में ‘मिथ्या-निरूपण’ (misrepresentation)
Posted On 29 Jul 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
'मिथ्या-निरूपण' (misrepresentation) कंट्रेक्ट का मूल कानून अंग्रेजी में है और वहाँ शब्द है 'मिसरिप्रेजेन्टेशन'। इस शब्द का कोई हिन्दी, उर्दू या हिन्दुस्तानी पर्याय उपलब्ध नहीं है, इस कारण ... Continue Reading
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विवाह, नौकरी और धंधे में कपट
Posted On 25 Jul 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
बीमा कंपनी के तो ऐसे हजारों मुकदमे अदालत में हुए हैं जिन में कंपनी ने कपट के आधार पर बीमा पॉलिसी को शून्यकरणीय घोषित कराया। लोग उपभोक्ता अदालत पहुँचे और ... Continue Reading
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कपट, कैसे कैसे… बीमा कराने के पहले सावधानी बरतें
Posted On 23 Jul 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
हमने पिछले आलेख में कंट्रेक्ट किए जाने के दौरान होने वाले ‘कपट’ (fraud) की परिभाषा को जाना। इस आलेख पर ज्ञानदत्त जी पाण्डे ने कहा कि- “करण घोड़े के गुण ... Continue Reading
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कंट्रेक्ट के संबंध में ‘कपट’ क्या है ?
Posted On 22 Jul 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
अपनी उपस्थिति से स्वतंत्र सहमति को दूषित करने वाले तीसरे कारक ‘कपट’ अर्थात् (fraud) को भारतीय कंट्रेक्ट कानून में परिभाषित किया गया है। उस की परिभाषा इस तरह है... ... Continue Reading
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अनुचित प्रभाव का उपयोग कैसे ? और कब ?
Posted On 19 Jul 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
किसी भी कंट्रेक्ट में अनुचित प्रभाव की जाँच करते समय न्यायालय इस के तीन महत्वपूर्ण तत्वों की जाँच अवश्य करें। भारत के उच्चतम न्यायालय ने 1963 में एक मामले में ... Continue Reading
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संबंधों के कारण अनुचित प्रभाव का उपयोग कर किए गए कंट्रेक्ट
Posted On 17 Jul 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
'अनुचित प्रभाव' वह दूसरा कारक है जिस की उपस्थिति में सहमति स्वतंत्र नहीं रह जाती है और एक कंट्रेक्ट शून्यकरणीय हो जाता है। इसे कानून में इस तरह परिभाषित किया ... Continue Reading
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