‘तीसरा खंबा’ का अभियान रंग लाया…………… न्यायिक सुधार बनेंगे आगामी चुनावों का केन्द्रीय मुद्दा
Posted On 31 Aug 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
'तीसरा खंबा' का यह कथन सच होने जा रहा है कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में न्यायिक सुधार एक अहम मुद्दा होना चाहिए। अपने जन्म से ही इस बात ... Continue Reading
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विवाह करने के अधिकार और इच्छा पर किसी प्रकार पाबंदी नहीं लगाई जा सकती
Posted On 30 Aug 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
जी, आप ने बिलकुल सही समझा। कंट्रेक्ट कानून की धारा-26 यही कहती है......विवाह के अवरोधक अनुबंध शून्य हैं....प्रत्येक वह अनुबंध शून्य है जो विवाह की उम्र प्राप्त व्यक्ति के विवाह ... Continue Reading
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फिल्मों और टीवी सीरियलों में गलत जानकारियाँ और लिखित तथा रजिस्ट्रीकृत में फर्क
Posted On 29 Aug 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under कानूनी सलाह.
भाई अभिषेक ओझा ने पिछले आलेख पर एक सवाल किया "लिखित और रजिस्ट्रीकृत में कितना फर्क है... अगर केवल लिखित दस्तावेज है तो शायद वो वैध नहीं होता?"दिखने में साधारण ... Continue Reading
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बिना प्रतिफल के शून्य अनुबंध, और उस के अपवाद
Posted On 28 Aug 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
प्रतिफल के बिना अनुबंध शून्य है, जब तक कि वह रजिस्टर्ड और लिखित न हो, या वह किए जा चुके किसी कार्य के प्रतिकर का वादा, अथवा अवधि कानून के ... Continue Reading
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कानूनी सलाह (1) दो विवाहों से संताने होने पर उत्तराधिकार का प्रश्न (2) किस उम्र के बालक-बालिका गोद लिए जा सकते हैं?
Posted On 27 Aug 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
राजकुमार रजक पूछते हैं : मेरे पिता जी ने दो शादी कर ली है, जिस से पहले के तीन पुत्र हैं और दूसरी से भी दो पुत्र हैं। धन सम्पत्ति ... Continue Reading
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गैरकानूनी उद्देश्यों व प्रतिफल के कारण शून्य कंट्रेक्ट
Posted On 25 Aug 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
पिछले आलेख कंट्रेक्ट के वैध-अवैध उद्देश्य और प्रतिफल पर ज्ञान जी की टिप्पणी थी...... मैं तो दो बार पढ़ गया। पर लगता है अब भी मन एकाग्र होने में नहीं ... Continue Reading
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कंट्रेक्ट के वैध-अवैध उद्देश्य और प्रतिफल
Posted On 24 Aug 2008 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Uncategorized.
आज हम जानेंगे कि कौन से उद्देश्य या प्रतिफल कानूनी हैं, जिन के कानूनी न होने के कारण कोई भी कंट्रेक्ट शून्य हो सकता है.......किसी भी अनुबंध का उद्देश्य या ... Continue Reading
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