उन्हें बेशर्म कहने से तो बेशर्मी भी अपमानित हो जाएगी
संयुक्त परिवार के किसी बुजुर्ग के बारे में परिवार के किसी कमाऊ सदस्य से पूछा जाए कि उन के बारे में आप का क्या कहना है। वह कहेगा, वे सम्माननीय ... Continue Reading
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चैक अनादरण के मामले में चैक प्रदाता को नोटिस प्राप्त होना प्रसंज्ञान लेने के लिए जरूरी नहीं
शकील पूछते हैं____________क्या एक मजिस्ट्रेट धारा 138 परक्राम्य विलेख अधिनियम (NI ACT) में कानूनी नोटिस चैक प्रदाता को पहुँचाए बिना अपराध का प्रसंज्ञान ले सकता है? जब कि पोस्टमेन डाक ... Continue Reading
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चैक बाउंस के फौजदारी मुकदमों का गुब्बारा पंक्चर
एक सप्ताह पहले जब हम मध्यान्ह की चाय पीकर पान खाने के लिए निकले तो साथी वकील साहब ने धारा 138 परक्राम्य विलेख अधिनियम के दो निर्णयों का उल्लेख किया। ... Continue Reading
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क्या रुक पाएगा चैक बाउंस के फौजदारी मुकदमों का सिलसिला?
पिछली पोस्ट से आगे .....मैं ने कल उल्लेख किया था कि, अभी हाल ही में कुछ न्यायालयों ने जिस तरह के निर्णय इन मामलों में देना आरंभ किया है उस ... Continue Reading
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क्या रुक पाएगी चैक बाउंस के मुकदमों की बाढ़?
1988 में जब परक्राम्य विलेख अधिनियम, 1881 में अध्याय 17 (धारा 138 से 147 तक) को जोड़ा गया था तब यह सोचा भी नहीं गया था कि यह अध्याय भारत ... Continue Reading
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दिल्ली हाई कोर्ट को मौजूदा मुकदमों के निपटारे में लगेंगे 466 साल
हमारी अदालतों की हालत का इसी बात से अनुमान लगाया जा सकता है कि दिल्ली हाईकोर्ट में वर्तमान में इतने मुकदमें लंबित हैं कि जितने जज इस समय न्यायालय में ... Continue Reading
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जीवन बीमा का मूल पॉलिसी बॉण्ड नहीं मिला, बीमा एजेण्ट खर्चे पर डुप्लीकेट निकलवाने को कहता है, क्या करना चाहिए?
Posted On 26 Mar 2009 By दिनेशराय द्विवेदी. Under कानूनी सलाह.
श्री गजानन्द अग्रवाल ने पूछा है ____________मैं ने तीन वर्ष पूर्व जीवन बीमा निगम से एक बीमा पॉलिसी ली थी। लेकिन आज तक भी मुझे मूल पॉलिसी बॉण्ड प्राप्त नहीं ... Continue Reading
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