मैं वह फैसला पढ़ लेता तब भी मेरा फैसला वही होता ……
साल का आखिरी दिन है, और अपने पाठकों और मित्रों से कानून की बात नहीं, व्यवहार की बात करना चाहता हूँ। यह ब्लाग विधि और न्याय प्रणाली से संबद्ध है ... Continue Reading
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आलोचना नहीं, तो हम न्यायपालिका जितनी निष्पक्ष रह गई है, उसे भी खो देंगे
वर्षान्त आ गया है। मैं जब इस लेख को लिखने बैठा हूँ, उस के ठीक दो घंटे बाद साल 2010 का आखिरी दिन आरंभ हो चुका होगा, फिर चौबीस घंटे बाद ... Continue Reading
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क्यों आवश्यक है उत्तराधिकार प्रमाण पत्र? और यह कैसे प्राप्त किया जाए?
श्री वी के श्रीवास्तव, बस्ती उत्तर प्रदेश से पूछते हैं -मेरी माता जी द्वारा एक वर्ष के लिए क्रमश: पचास, पचास हज़ार रूपये की तीन सावधि जमा (Fixed deposit) पोस्ट ... Continue Reading
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राजद्रोह का अपराध क्या है?
Posted On 28 Dec 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Crime, Judicial Reform, System, अपराध, न्यायिक सुधार, व्यवस्था.
राजद्रोह के अपराध में चिकित्सक और मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ.बिनायक सेन को आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई, देश भर में बड़े पैमाने पर इस निर्णय की आलोचना हुई है। ... Continue Reading
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डॉ. बिनायक सेन व अन्य दो अभियुक्तों को दंडित करने वाला मूल निर्णय अंतर्जाल पर उपलब्ध
दिसंबर 24, 2010 को रायपुर (छत्तीसगढ़) के द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी.पी. वर्मा ने अपने यहाँ लंबित सत्र प्रकरण क्रमांक 182/2007 छत्तीसगढ़ शासन बनाम पिजूष उर्फ बुबून गुहा, डॉ. विनायक ... Continue Reading
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एक अभियुक्त की जमानत देने पर आप के क्या दायित्व होंगे?
श्री नरेश सिह राठौड़ तीसरा खंबा के स्थाई पाठक हैं। पिछली पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हों ने पूछा है- जब हम किसी व्यक्ति के न्यायिक हिरासत में होने ... Continue Reading
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किसी ऋण का गारंटर बनने से पहले सारे नियम जान लें, और सोच समझ कर ही गारंटी पत्र पर हस्ताक्षर करें
जब भी आप किसी बैंक या किसी अन्य वित्तीय संस्था से ऋण लेने जाते हैं तो आप से कहा जाता है कि आप के पास कोई गारंटर है या नहीं। ... Continue Reading
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