Tag Archive


Agreement Cheque Civil Suit Complaint Contract Court Cruelty Dispute Dissolution of marriage Divorce Government Husband India Indian Penal Code Justice Lawyer Legal History Legal Remedies legal System Maintenance Marriage Mutation Supreme Court wife Will अदालत अनुबंध अपराध कानून कानूनी उपाय क्रूरता चैक बाउंस तलाक नामान्तरण न्याय न्याय प्रणाली न्यायिक सुधार पति पत्नी भरण-पोषण भारत वकील वसीयत विधिक इतिहास विवाह विच्छेद

बलात्कारी और ब्लेकमेलर के विरुद्ध रिपोर्ट कराएँ और उसे सजा दिलाएँ।

समस्या-Havel handcuff

शीलू ने उन्नाव, उत्तर प्रदेश से पूछा है-

मेरा एक लड़के से कई दिनों से अफेयर चल रहा था। पहले उसने मेरे साथ जबरदस्ती की थी। लेकिन बाद में उसने कहा कि वह उससे शादी कर लेगा। लेकिन 2 से 3 साल बीत जाने पर अब वह मना कर रहा है। वह कह रहा है कि जो करना है कर लो वह शादी नहीं करेगा। उसके घर वालो को सब पता है। मुझे शुरू से बहुत डरा धमका रहा है इसलियें मैंने अपने घर में सबको नहीं बताया है। मेरी अपेक्षा वह पैसे वाला भी है। अब वह मुझको डराकर अपने दास्तों से सम्बन्ध बनाने के लिये कह रहा है। घर पर मैंने अपने भाई से बताया है तो वह कह रहा है कि चुपचाप रहो और मैं लड़का देखकर कहीं और शादी कर दूंगा।  नहीं तो सब जगह अपनी ही बदनामी होगी। उसके पास पैसा है उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। वह अच्छा वकील कर के छूट जायेगा।  लेकिन मैं अब उसी लड़के से शादी करना चाहती हूँ क्या करूँ। अगर कुछ हल नहीं निकला तो मैं आत्महत्या कर लूंगी।  मेरी मदद करें।

समाधान-

म उन लोगों की बात का कोई उत्तर नहीं देते जो अपने प्रश्न में यह कहते हैं कि हल न निकला तो आत्महत्या कर लूंगा/ लूंगी। इस प्रश्न का उत्तर इस कारण दे रहा हूँ कि इस तरह का प्रश्न पहली बार हमारे पास आया है।

आप के कहने से पता लगता है कि उस लड़के ने कभी आप से प्रेम नहीं किया। उस ने पहले आप के साथ जबर्दस्ती की। फिर समाज में प्रचलित इस धारणा का कि जिस लड़की के साथ किसी ने बलात्कार कर दिया वह विवाह और परिवार में रहने लायक नहीं होती, दुरूपयोग करते हुए आप को धमकाया साथ में आप को विवाह का लालच दिया। आप भी यही समझती हैं कि बलात्कार की इस श्रंखला को छुपाना ही श्रेयस्कर है आप ने भी अपने शोषण को स्वीकार कर लिया। अब उस लड़के ने पीठ दिखा दी है। वह समझता है कि आप में अब इतना नैतिक साहस शेष नहीं है कि आप पुलिस में बलात्कार की इस श्रंखला की शिकायत कर सकें। इस कारण वह अकड़ गया है।

यह सब कथानक यह बताता है कि वह लड़का आप से कभी प्रेम नहीं करता था। ऐसा व्यक्ति कभी किसी से प्रेम नहीं कर सकता। क्यों कि जो व्यक्ति किसी लड़की का बलात्कार कर सकता है और उसे धमका कर और लालच दिखा कर बलात्कार को जारी रखता है वह कभी किसी से प्रेम करने लायक हो ही नहीं सकता। वह आप का ही नहीं अपितु समस्त स्त्री समुदाय का अपराधी है, इस समाज का अपराधी है उस की शिकायत होनी चाहिए और उसे दंडित होना चाहिए।

आप के भाई का सुझाव भी जैसा हमारा समाज है वैसा ही है। अक्सर ऐसी घटनाओं की शिकार लड़कियों में से 99 प्रतिशत लड़कियाँ यही करती हैं कि वे चुपचाप विवाह कर अपनी ससुराल चली जाती हैं और सारा जीवन इस भय में गुजार देती हैं कि उन के पति को या ससुराल वालों को या अन्य किसी को उन के जीवन का यह अंधेरा पता न लगे।

यदि आप उस लड़के के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट कराती हैं तो उस का पैसा भी उसे नहीं बचा पाएगा। उस के विरुद्ध बलात्कार और ब्लेकमेल करने के अपराध में मुकदमा भी चलेगा और उसे सजा भी मिलेगी। अभी आप उस लड़के के चंगुल में हैं, जब वह चंगुल में फंसेगा तो दस बार आप के सामने विवाह के लिए नाक रगड़ेगा। हमारा सुझाव है कि आप को उस लड़के के विरुद्ध पुलिस रिपोर्ट करना चाहिए और उसे दंडित कराना चाहिए। यदि आप पूरी मुस्तैदी से यह काम करती हैं तो आप समाज का भला करेंगी, उन तमाम स्त्रियों के हक में काम करेंगी जो इस तरह शिकार बनती हैं। जब वह खुद को बचाने के लिए  पुनः विवाह का प्रस्ताव रखे तो उसे मना कर दीजिएगा, यही उस की सजा होगी। हमें विश्वास है कि आप को कोई न कोई सच्चा जीवन साथी भी मिल जाएगा जो आप के अतीत को जानते हुए भी आप के साथ पूरा जीवन बिताने को तैयार होगा।

धोखाधड़ी, छल व ब्लेकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराएँ।

cheque dishonour1समस्या-

सुनील ने  हिरनमगरी, उदयपुर, राजस्थान से समस्या भेजी है कि-

मैं ने दुकान की आवश्यकता के लिए डेली बेस पर डायरी खुलवाने हेतु एक खाली चैक डायरी वाले को दिया। उस के बदले उस ने एक बीस हजार का चैक दिया। जब मैं ने चैक बैंक में डाला तो उसने चैक स्टॉप करा दिया। जब मैं उसके पास गया तो उस ने रूपया नहीं होना बताया। कुछ समय बाद दूसरा चैक देने की बात की। मैं ने भी जरूरत के कारण हाँ भर दी कॉफी समय निकलने के बाद भी उस ने चैक नहीं दिया। जब फिर से उसके आफिस गया तो पता चला कि उसने आफिस खाली कर दिया। फिर मैं ने उसे बहुत तलाश किया पर उसका कोई पता नही चला। करीब दो साल बाद उस ने मेरे चैक में राशि भरकर मुझ पर केस कर दिया। उस से मिलने पर वह बात करने को भी तैयार नहीं है। बात जिरह तक पहुँच गई है। मुझे कानूनी ज्ञान बिलकुल नहीं है और वकील साब भी कुछ नहीं बताते। कृपया उचित सलाह दें।

समाधान-

ह समझ नहीं आया कि दैनिक आधार पर यह किस तरह की डायरी खुलवाने की बात आप कर रहे हैं। उस व्यक्ति ने आप को 20000/- हजार का चैक दिया और आप ने उसे खाली चैक हस्ताक्षर कर के दे दिया। फिर उस का चैक डिसऑनर हो गया। उसी वक्त आप उस के विरुद्ध चैक डिसऑनर के लिए नोटिस दे कर कार्यवाही कर सकते थे लेकिन उस ने आश्वासन दे कर आप को टाल दिया। फिर दो साल का वक्त निकाल कर उस ने चैक में राशि भर कर बैंक में प्रस्तुत किया और डिस ऑनर करवा कर मुकदमा लगा दिया।

स तरह के मुकदमों में कोई मजबूत डिफेंस नहीं होता। सजा और चैक की राशि से अधिक राशि जुर्माना होता है। इसी परिस्थिति के आधार पर वह व्यक्ति आप को ब्लेक मेल कर रहा है। जब वह व्यक्ति आप का हस्ताक्षर युक्त खाली चैक ले कर फरार हुआ था तभी आप को पुलिस में उस के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराना चाहिए था। खैर।

ब भी जब कि आप जान चुके हैं कि आप के साथ छल हुआ है और वह व्यक्ति ब्लेकमेलिंग कर रहा है आप को चाहिए कि आप पुलिस में उस के छल, धोखाधड़ी और ब्लेकमेलिंक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। यदि पुलिस इस तरह कोई मुकदमा दर्ज करने से इन्कार करे तो न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर उसे पुलिस को जाँच के लिए भेजा जाना चाहिए तभी आप को कोई राहत इस मुकदमे में मिल सकती है। यदि आप के पास उस का डिसऑनर हुआ चैक हो तो उसे तथा आप के बैंक खाते में उस चैक के डिसऑनर होने का जो रिकार्ड है उसे भी प्रतिरक्षा में न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। लेकिन इन सब का लाभ आपको तभी मिलेगा जब आप उस व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा देंगे।

बहू और उस के माता-पिता के स्थान पर खुद को रख कर सोचें, समाधान मिल जाएगा …

Headache_paintingसमस्या-

भारत पाटिल ने नासिक, महाराष्ट्र से समस्या भेजी है कि-

मेरे बेटे की शादी 10 जून 2014 को हुई थी। 1 महीनेके बाद ही पता चला कि हमारी बहू किसी दूसरे आदमी के साथ मोबाइल पर 2/2 घंटे बातें करती है। वह आदमी उसे बीवी/बीवी बोलता है, उस को उसने सोने की रिंग और 1/2 लाख रुपए खाते में जमा करने की बात करता है। उस के पास बहू के बाथरूम के वीडियो क्लिप और फोटो भी उसके पास हैं। उनकी 7/8 ओडिओ क्लिप बहू के मोबाइल से हमें मिली है। उस मे वह बहू को लालच दिखाता है इमोशनल ब्लेक मेल करता है। रिश्ता तोड़ने के लिए भड़काता है। उसको बायको बायको बोलता है। बच्चे पैदा करने की भाषा करता है, धमकी देता है। बहुत ही शक पैदा करने वाली बातें उन क्लिपों में हैं। हमने बहू को इस बारे में बहुत प्यार से उसकी मम्मी और भाई के साथ उन से इस बातचीत के बारे मे पूछा। लेकिन वह झूठ बोलती है जो क्लिप मे उस ने उस लड़के से बाते की है उसके बारे में कुछ भी सच नहीं बोलती है। उसकी माँ उसे सपोर्ट करती है। हमें ऐसा लगता है कि उस ने और उसके माँ बाप ने मिलकर हमारे साथ बहुत बड़ा धोका दिया है। शादी से पहले उन्हों ने इस बारे में कुछ भी हमें जानकारी नहीं दी है। ऐसी हालत में हमें क्या करना चाहिए?

समाधान-

में लगता है कि आप ने इस मामले से निपटने में जो जल्दी की है उस से बात कुछ बिगड़ सी गई है। एक बार आप लोगों ने खुद को अपनी बहू और उस के माँ बाप के स्थान पर रख कर सोचा होता तो शायद बात आप की समझ में आ जाती।

प ने जितना कुछ बताया है उस से लगता है कि आप की बहू किसी मुसीबत में है। जब कि आप उसे ही मुसीबत में मान रहे हैं। हो सकता है वह व्यक्ति साधारण रूप से कहीं आप की बहू को मिला हो और बहू के सीधेपन का लाभ उठा कर उस के वीडियो क्लिप उस ने बनाए हों और उन के आधार पर वह उसे ब्लेक मेल कर रहा हो।

दि ऐसा है तो कौन लड़की और उस के माता पिता ऐसी बातों को विवाह के पहले उस के होने वाले पति और ससुराल वालों को बताएंगे। उन के स्थान पर आप होंगे तो आप भी नहीं बताएंगे। और एक बार इस तरह की बात पता लगने पर क्या आप खुद इस रिश्ते को अपना लेते? नहीं अपनाते। वैसी स्थिति में आप की बहू और उस के माता पिता का व्यवहार सामान्य व्यवहार प्रतीत होता है। वह गलत हो सकता है लेकिन अनपेक्षित नहीं। खैर¡

गता है आप बहू और उस के माता पिता के साथ बहुत खराब व्यवहार कर चुके हैं और स्थिति को यहाँ तक पहुंचा चुके हैं कि सोचने लगे हैं इस रिश्ते से पीछा छूट जाए तो अच्छा है। लेकिन आप का ऐसा सोचना गलत है।

प को चाहिए कि किसी भी तरह से आप अपनी बहू और उस के माता पिता का विश्वास फिर से हासिल करें। उन्हें समझाएँ कि न केवल आप की बहू अपितु माता पिता होने के नाते वे स्वयं और आप का खुद का परिवार इस घटना से प्रभावित होगा। इस कारण से सब मिल जुल कर इस व्यक्ति से निपटें जो आप की बहू को ब्लेक मेल कर रहा है। एक बार आप अपनी बहू को तैयार कर लें कि वह उस व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस को शिकायत दर्ज करवाएगी। यदि वह तैयार हो जाती है तो आप सब मिल कर पुलिस को उस व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए बाध्य कर सकते हैं। एक बार आप की बहू का पीछा वह व्यक्ति छोड़ दे और उस से आप की बहू के वीडियो क्लिप व अन्य अवांछित सामग्री बरामद हो जाए। उस व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो जाए। फिर आप लोग यह तय कर सकते हैं कि बहू के साथ रिश्ते का क्या करना है। हालांकि यदि आप लोग मिल जुल कर इस मुसीबत का सामना करते हैं तो आप लोगों में इतना आत्मविश्वास बन जाएगा कि बहू को न आप छोड़ना चाहेंगे और न बहू आप को छोड़ना चाहेगी।

दि आप बहू से पीछा छुड़ाने की सोच कर कार्यवाही करेंगे तो बहू जो पहले से मुसीबत में है वह मायके चली जाएगी और उस के पास आप के बेटे और आप के विरुद्ध बहुत सारी शिकायतें और कार्यवाहियां करने की वजह पैदा हो जाएगी। ये मुसीबतें ऐसी होंगी जिन से आप का परिवार आसानी से पीछा नहीं छुड़ा पाएगा।

कोई ब्लेकमेल करे तो क्या करें?

Blackmailingसमस्या –
दिल्ली, से अनाम कुमार ने पूछा है-

दि कोई 30 वर्ष की आयु की महिला अपने पति के कहने पर अपना शरीर अपनी मर्जी से बेचती है। क्या वह बाद में अपने पति या अपने किसी ग्राहक के विरुद्ध केवल इस बात के लिये कोई शिकायत या केस कर सकती है? अगर वह केवल इस बात के लिए ग्राहक को धन के लिये ब्लैकमेल करती हो तो ग्राहक क्या करे?

समाधान –

कोई पुरुष किसी भी स्त्री जो कि विवाहित नहीं है अर्थात अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा है, के साथ उस की इच्छा से यौन संबंध स्थापित करता है तो यह न उस के लिए और न ही उस पुरुष के लिए अपराध है। लेकिन यदि यही कार्य वह धन का आदान-प्रदान कर के करता है तो यह THE IMMORAL TRAFFIC (PREVENTION) ACT, 1956 के अन्तर्गत अपराध है। इस तरह ग्राहक ने उस स्त्री को धन दे कर यौन संबंध स्थापित कर के उक्त अधिनियम के अन्तर्गत अपराध तो किया ही है।

दि कोई पुरुष किसी विवाहित स्त्री के साथ जो किसी की पत्नी है उस के पति की सहमति के बिना यौन संबंध स्थापित करता है तो यह दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 497 के अंतर्गत पाँच वर्ष के कारावास तथा जुर्माने से दंडनीय अपराध है।

स तरह का ग्राहक सदैव ही अपराध करता है और उसे ब्लेकमेल करने की सदैव ही संभावना बनी रहती है। लेकिन किसी किए गए अपराध की शिकायत कर के कोई व्यक्ति किसी ग्राहक को हानि पहुँचाने की धमकी दे तो उस का यह कृत्य भी भारतीय दंड संहिता की धारा 384 व 385 के अंतर्गत अपराध है। ऐसे ग्राहक को यदि उस के पास इस तरह की ब्लेकमेलिंग के प्रारंभिक सबूत हों तो ब्लेकमेल होने के स्थान पर तुरन्त पुलिस को सूचना देनी चाहिए तथा ब्लेकमेल करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए।

किसी भी प्रकार का भय दिखा कर रुपया वसूल करना उद्दापन, फिरौती (Extortion) का अपराध है

 दीपक जी ने पूछा है –
शासन द्वारा लागू किये गये सूचना के अधिकार अधिनियम के अन्‍तर्गत कुछ छोटे मोटे साप्‍ताहिक पत्रकारों द्वारा कर्मचारियों से संबंधित जानकारी चाही जाती है, जैसे उसकी नियुक्ति कैसे की गई? वेतन कितना है? समाचार पत्र में विज्ञप्ति प्रकाशित हुई कि नहीं?  इस प्रकार की जानकारी चाह कर कर्मचारियों को परेशान किया जाता है, साथ ही उनसे दूरभाष अथवा किसी अन्‍य व्‍यक्ति के जरिये इस प्रकार का आवेदन कार्यालय से वापस लेने निरस्‍त करने हेतु रूपये 10000 तक मांगे जाते हैं। मेरे साथ भी कुछ इसी प्रकार की घटना हुई। चूंकि आज से 15 से 20 वर्ष पहले कलेक्‍टर दैनिक वेतन पर या निश्चित वेतन पर कर्मचारी को रखकर उसे नियमित कर दिया जाता था। जिसके संबंध में कोई विज्ञप्ति आदि प्रकाशित भी नहीं की जाती है। जैसा की वर्तमान में किया जाता है ये पत्रकार ऐसे कर्मचारियों को ब्‍लेकमेल कर रूपया वसूल करते हैं।  हाल ही में मेरी नियुक्ति के बारे में  जानकारी एक पत्रकार द्वारा चाही गई।  साथ ही उसे वि‍भिन्‍न पत्रों में मेरे नाम के साथ प्रकाशित भी करा दिया गया। मैं जानना चाहता हूँ कि ऐसे पत्रकारों पर क्‍या कार्यवाही और कैसे की जा सकती है क्‍योंकि जिस समाचार पत्र में मेरे संबंध में खबर छपी, उसने मेरी जानकारी कभी मांगी ही नहीं। मेरे द्वारा तंग आकर एक दो पत्रकारों का स्टिंग आपरेशन भी किया तथा आडियो एवं वीडियो क्लिप भी उपलब्‍ध है। जिसमें सूचना के अधिकार के अन्‍तर्गत अपील न करने के संबंध में रूपये 10000 की मांग की जा रही है। चूँकि मै पत्रकार का स्टिंग करना चाहता था अंत मैं ने अपने सेलेरी खाता से रूपये 5000 निकाल कर दे भी दिये। उक्‍त प्रकरण में मैं किस प्रकार की कार्यवाही कर सकता हूँ जिससे संबंधित को सजा हो सके। मैं और अन्‍य पाठक आपकी इस सलाह के लिए आपके आभारी रहेंगे।
 उत्तर –
दीपक जी,
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 383 में उद्दापन अर्थात् फिरौती को निम्न प्रकार परिभाषित किया गया है-

धारा 383. उद्दापन, फिरौती (Extortion)

जो कोई किसी व्यक्ति को स्वयं उस व्यक्ति को या किसी अन्य व्यक्ति को कोई क्षति करने के भय में साशय डालता है, और तद्वारा इस प्रकार भय में डाले गए व्यक्ति को कोई सम्पत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति या हस्ताक्षरित या मुद्रांकित कोई चीज जिसे मूल्यवान प्रतिभूति में परिवर्तित किया जा सके, किसी व्यक्ति को परिदत्त करने के लिए बेईमानी से उत्प्रेरित करता है, वह ‘उद्दापन’ करता है।  

  • धारा 384 के अंतर्गत उद्दापन का यह अपराध तीन वर्ष तक के सश्रम या साधारण कारावास व जुर्माने से दंडनीय है। 
  • धारा 385 के अंतर्गत उद्दापन करने के उद्देश्य से कोई व्यक्ति किसी को भय में डालेगा या डालने का प्रयास करेगा तो उस का अपराध दो वर्ष के सश्रम या साधारण कारावास  या जुर्माने से दंडनीय है। 
  • धारा 386 के अंतर्गत मृत्यु या घोर उपहति के भय में डाल कर उद्दापन करने वाले का अपराध दस वर्ष तक के सश्रम या साधारण कारावास से दंडनीय है।
  • धारा 387 के अंतर्गत उद्दापन के उद्देश्य से मृत्यु या घोर उपहति के भय में डालने का अपराध सात वर्ष तक के सश्रम या साधारण कारावास से दंडनीय है।
  • धारा 388 के अंतर्गत मृत्यु या आजीवन कारावास या दस वर्ष तक दंड से दंडनीय अपराध के अभियोजन की धमकी देकर उद्दापन करने का अपराध दस वर्ष तक के सश्रम या साधारण कारावास से दंडनीय है। यदि जिस अपराध के अभियोजन का भय दिखाया गया है वह धारा 377 के अधीन दंडनीय है तो वह आजीवन कारावास से दंडनीय होगा।  
  • धारा 389 के अंतर्गत धारा 388 के अंतर्गत वर्णित अपराध करने के लिए भय दिखलाने का प्रयत्न करने पर भी दंड धारा 388 के अनुरूप ही होगा। 

क्त अपराधों में से धारा 386 व 387 के अंतर्गत वर्णित अपराध अजमानतीय हैं। अर्थात उन में पुलिस किसी अभियुक्त को जमानत पर नहीं छोड़ सकती, केवल न्यायालय ही अभियुक्त को जमानत पर छोड़े जाने के लिए विचार कर सकता है। लेकिन अन्य अपराधों के मामले में पुलिस को अभियुक्त द्वारा जमानत प्रस्तुत करने पर उसे रिहा करना होगा क्यों कि अन्य सभी अपराध जमानतीय हैं।

परोक्त विवरण से स्पष्ट हो गया होगा कि आप को धमकी दे कर और आप का उद्दापन कर के कथित पत्रकारों ने  क्या अपराध किया है। ये सभी अपराध संज्ञेय अपराध हैं, जिस के कारण पुलिस को सूचना देने पर पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर के अन्वेषण कर सकती है और अपराध होना पाया जाने पर अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर सकती है। यदि पुलिस आप की सूचना पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है तो आप ये सूचना रजिस्टर्ड ए.डी. डाक के माध्यम से संबंधित पुलिस अधीक्षक को प्रेषित कर सकते हैं। उस पर भी कार्यवाही न होने पर आप सीधे न्यायालय को परिवाद प्रस्तुत कर सकते हैं।

सहेली को ब्लेकमेल किया जा रहा है, क्या किया जाए?

 नीलम शर्मा पूछती हैं – – – 
मेरी सहेली एक २१ साल की कुआँरी लड़की है जिसे एक बदमाश टाइप के लड़के ने जबरदस्ती कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करा कर शादी का पंजीयन करा लिया है जिसका पता उसे चार पांच महीने बाद चला। अब वे उसे ब्लेकमेल करता है और अपने साथ रहने को कहता है, जब की मेरी सहेली उसके साथ नहीं रहेना चाहती है आप ही बताये उसका शादी का पंजीयन कैसे निरस्त होगा और उसे उस लड़के से पीछा छुड़ाने के लिए क्या करना चाहिए?
 उत्तर – – –
नीलम बहिन,


मुझे लगता है सारा संकट इस बात से  उत्पन्न हुआ है कि आप की सहेली इन सब बातों को उजागर नहीं करना चाहती और चाहती है कि सारा संकट किसी को बताए बिना हल हो जाए। पर यह उन की और यदि आप भी यही सोचती हैं तो आप की भी गलत सोच है। कोई भी लड़की उसे पहली बार छेड़े जाने पर अपने माँ-बाप से या  अन्य लोगों से शिकायत कर देती है उसे कोई बदनाम नहीं करता अपितु उसे साहसी कहा जाता है। जो कई बार छेड़े जाने पर भी बात को दबाए रहती है वह पता लगने पर बदनाम हो जाती है। मेरा मानना है कि इस मामले में सभी उन लोगों को जो इस मामले में मदद कर सकते हैं शामिल कर लेना चाहिए। इसी से समस्या हल हो सकती है।
प की सहेली का मामला स्पष्ट रूप से ब्लेक-मेल करने का मामला है। उसे अपने माता-पिता को विश्वास में ले कर सीधे पुलिस में शिकायत करनी चाहिए। ब्लेक-मेल एक गंभीर अपराध है और जो करता है उसे सजा अवश्य ही मिलनी चाहिए। पुलिस में शिकायत करें, पुलिस थाना द्वारा तुरंत कार्यवाही नहीं करने पर उच्चाधिकारियों से मिलना चाहिए। यदि फिर भी काम न चले तो तुरंत संबंधित मजिस्ट्रेट के न्यायालय में शिकायत प्रस्तुत करनी चाहिए तथा अदालत से आदेश प्राप्त करना चाहिए कि पुलिस इस मामले में त्वरित अन्वेषण कर के कार्यवाही करे।
पुलिस को शिकायत प्रस्तुत करते ही मामला हल हो जाएगा। पुलिस कार्यवाही के उपरांत विधिक रूप से विवाह के पंजीयन को रेकॉर्ड से हटाने के लिए पंजीयन अधिकारी को नोटिस दे कर 60 दिनों के उपरांत विवाह के पंजीयन को निरस्त करने के लिए घोषणा किए जाने हेतु दीवानी वाद प्रस्तुत करना चाहिए। मेरा दृढ़ विश्वास है कि इस से आप की सहेली को किसी प्रकार की हानि या उन की बदनामी नहीं होगी।

पत्नी जब ब्लेक मेल करे, तो क्या करें?

तीसरा खंबा के सहयोगी ब्लाग अदालत के टूलबार के माध्यम से एक पाठक से हमें निम्न समस्या प्राप्त हुई थी….
 
 
 
सर! मेरी शादी मई 2004 में हुई थी। लेकिन पत्नी शादी के बाद से ही मायके में रहने लगी। मैं घर लाता हूँ तो दस दिन से अधिक नहीं रहती है। धमकी देती है कि जहर खा लेंगे, फाँसी लगा लेंगे, समाज में तमाशा करेंगे, दहेज केस में फंसा देंगे, पत्नी के घर वाले भी धमकी देते हैं और पैसे मांगते हैं। समाज के लोगों ने समझाने की कोशिश की लेकिन सब बेकार गया। सर पत्नी तीन साल से भी अधिक समय से मायके में ही रहती है। कई बार कोशिश भी की लेकिन आती नहीं है। घऱ वाले और पत्नी धमकी मारती है कि पैसे ला कर दो, नया घर बना कर दो। सर, मैं मानसिक रूप से परेशान हो गया हूँ। मेरी कोई इच्छा नहीं है क्यों कि वे दस दिन से अधिका मेरा पास रही नहीं. सर, सुनने में आया है कि मेरी पत्नी ने मेरे ऊपर भऱण पोषण, घरेलू हिंसा और दहेज का केस लगाने वाली है। मेरे माता-पिता सीधे सादे हैं। सर, मैं यह जानना चाहता हूँ कि मैं अपने बचाव में क्या कर सकता हूँ। सर,कृपया जल्दी जवाब देने का कष्ट करें वरना एक बेकसूर घर और बरबाद हो जाएगा मेरे ई-मेल पर मुझे सलाह देने का कष्ट करें। – आप का ?????
 
हम ने उक्त सज्जन को जो उत्तर दिय़ा वह इस प्रकार है…..

????? जी!

आप की समस्या को कुछ तो आप ने बढ़ा लिया है।  वास्तव में आप की पत्नी और ससुराल वाले आप को ब्लेक-मेल कर रहे हैं। वे जानते हैं कि ऐसा किया जा सकता है। सब से पहले तो आप उन की किसी भी बात का उत्तर देना और प्रतिक्रिया करना बंद कर दें।  उन्हें लगे कि आप उन की परवाह नहीं करते हैं। पत्नी को लाने के बारे में सोचना और कुछ भी करना बंद कर दें।   आप ने यह नहीं बताया कि आप किस प्रांत से हैं।  यदि आप के प्रांत में पुलिस द्वारा स्थापित परिवार परामर्श केन्द्र हो तो वहाँ अपनी सारी कहानी लिखते हुए एक शिकायत करिए।  पुलिस आप की पत्नी और ससुर को बुला कर कार्यवाही करेगी जिस का विवरण भी रखेगी।  कभी आप की पत्नी ने आप पर मुकदमा किया तो आप को उस से मदद मिलेगी।  जिस तरह से आप की पत्नी और ससुर आप को ब्लेकमेल कर रहे हैं उस की शिकायत भी पुलिस को कीजिए। आप की पत्नी तीन साल से अधिक समय से आप के संपर्क  में नहीं है और उस के पिता के यहाँ रह रही है इस कारण से 498-ए का मामला नहीं बनता है। यदि आप के विरुद्ध कोई मुकदमा या प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हो जाए तो उसे खारिज कराने के लिए आप को हाईकोर्ट में सीधे कार्यवाही करनी चाहिए।  यदि आप के विरुद्ध मुकदमा हो ही जाए तो आप को किसी समझदार वकील की सहायता लेनी ही पड़ेगी।  आप चाहें तो अभी किसी वकील से मिल कर धारा-9 हिन्दूविवाह अधिनियम के तहत पत्नी से वैवाहिक संबंधों की पुनर्स्थापना का दावा करें।  यदि दावे में आदेश हो जाने पर भी वह नहीं आती है तो आप तलाक ले सकते हैं। या फिर सीधे ही इस आधार पर कि आप की पत्नी ने तीन साल से अधिक समय से आप का परित्याग कर रखा है, तलाक की अर्जी दाखिल करवा सकते हैं। पर आप को अपनी समस्या ले कर पुलिस और अदालत के पास तो जाना ही होगा।
 
उक्

Aids State order Robaxin with cod Utilizing Wilderness Cheap Vermox online Transfusion dermatophytes Order Abilify Colorado Metro medical buying Avodart online from medicine buy Bactrim online uk Teachers GERONTOL order generic Bentyl without a prescription items muscle buy cheap Clonidine without a prescription Medicine local Cheap Indocin online pharmacy Medicine natural Purchase Lisinopril Nevada