तीसरा खंबा

अपराधिक मुकदमा चल रहा हो तो न्यायालय से विदेश जाने की अनुमति प्राप्त करने पर पासपोर्ट बन जाएगा

समस्या-

ग्राम-महाराणा, तहसील-बाँन्सी, जिला-बाँका, बिहार से तौफीक अहमद ने पूछा है-

हमने विरोधी पक्ष पर मुकदमा किया है जिसका केस नंबर 81/12 है।  जिस में मारपीट की धारा 307 आईपीसी मौजूद है।  विरोधियों ने बचने के लिए हमारे ऊपर भी काउंटर केस कर दिया।  जिसमें उस तरफ से भी धारा 307 आईपीसी मौजूद है।  मामला कोर्ट में है। अब तक इंजरी रिपोर्ट्स्, डीएसपी सुपरविजन की गवाही उनके खिलाफ पाई गई है। मैं एक विद्यार्थी हूँ।  पढ़ाई के साथ जॉब भी करता हूँ, मुझे फॉरेन जाने का प्रस्ताव भी आ रहा है मुझे पासपोर्ट बनाना बेहद ही ज़रूरी है।  तो क्या मेरा पासपोर्ट बन सकता है? अगर हाँ, तो कैसे? अगर नहीं तो क्यों? तो फिर कब बनेगा?

समाधान-

यह सही है कि जब किसी व्यक्ति के विरुद्ध किसी अदालत में फौजदारी मुकदमा (Criminal Case) चल रहा हो तो पासपोर्ट कार्यालय पासपोर्ट नहीं बनाता है। क्यों कि इस तरह जिस व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा चल रहा है वह देश के बाहर चला जाता है और उस के विरुद्ध मुकदमे को आगे बढ़ाना और उस में निर्णय करना दुष्कर हो जाता है। लेकिन जिस न्यायालय में मुकदमा चल रहा है वह अदालत अभियुक्त को विदेश जाने की अनुमति प्रदान कर दे तो पासपोर्ट कार्यालय पासपोर्ट बना देता है।

आप को चाहिए कि जिस न्यायालय में आप के विरुद्ध मुकदमा चल रहा है उस न्यायालय में आवेदन कर दें और वहाँ से विदेश जाने की अनुमति प्राप्त करें।  न्यायालय से विदेश जाने की अनुमति के आदेश की प्रमाणित प्रति पासपोर्ट आवेदन पत्र के साथ पासपोर्ट कार्यालय को प्रस्तुत करें।   आप का पासपोर्ट बिना अड़चन के बन जाएगा।

Exit mobile version