तीसरा खंबा

छल कर के जमीन दूसरे को बेच देना छल है, मामले की प्र.सू.रिपोर्ट दर्ज कराएँ व संविदा भंग का दीवानी वाद करें

Jail-inmate-looks-outसमस्या-
सीमा ने गुड़गांव, हरियाणा से पूछा है-

क आदमी से मेरी जमीन के लिए डील हुई। सौदा तय हो गया। उसने बयाने के तौर पर मुझसे 1 लाख 50 हज़ार रुपया कैश लिया। जोकि एक 10 रुपए के स्टाम्प पेपर पर नोटरी से बनवाया गया। उस आदमी ने भी अपने हस्ताक्षर किये और मैंने भी अपने हस्ताक्षर किये। ओरिजनल कॉपी मेरे पास है। उसने अपने पास फोटो कॉपी रख ली। लेकिन ये बयाना उसने मेरे कहने के बावजूद भी तहसीलदार के पास रजिस्टर्ड नहीं करवाया। ठीक 2 महीने बाद रजिस्ट्री का वादा बयाना एग्रीमेंट में किया गया। जब में रजिस्ट्री के लिए पहुंचा तो वो नहीं आया। काफी फोन किये लेकिन जमीन बेचने वाला आदमी फोन नहीं उठाता है। उसके घर पर संपर्क किया गया तो पता चला कि वो उस जमीन को किसी दुसरे आदमी को बेचकर कहीं नामालूम जगह चला गया है। तहसील में से पता किया गया तो वो जमीन बेचीं गयी पायी गयी। उसने मेरे से पहले तो बयाना ले लिया फिर जमीन किसी और को बेच दी। लेकिन प्रूफ के तौर पर मेरे पास सिर्फ एक 10 रुपए का स्टाम्प पेपर एग्रीमेंट है।

क्या मुझे मेरे रुपए कोर्ट से वापिस मिल सकते हैं? क्या उस जमीन को बयाने के आधार पर मुझे बेचा जा सकता है? क्या उस जमीन की रजिस्ट्री मेरे बयाने के आधार पर निरस्त हो सकती है? क्या उस जमीन पर मुझे स्टे मिल सकती है? मुझे क्या कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए, कृपया मेरी समस्या का समाधान करें।

समाधान-

प ने अपनी समस्या तो रख दी है लेकिन तथ्य ठीक से नहीं बताए हैं। इस तरह के मामलों में प्रत्येक व्यवहार की तिथि और स्थान अवश्य बताया जाना चाहिए तभी कोई समाधान ठीक से बताया जा सकता है। हमारे पास रोज ही ऐसी अनेक समस्याएँ आती हैं। लेकिन उन में व्यवहारों कि तिथियाँ और स्थान ठीक से नहीं बताए गए होते हैं, इस कारण उन के समाधान नहीं सुझाए जाते हैं। आप के मामले में भी आप ने बयाना देने, उस का एग्रीमेंट लिखने व नोटेरी से प्रमाणित कराने, आप के तहसील में रजिस्ट्री के लिए जाने और जमीन दूसरे को बेची हुई देखने, तथा उसे बेचने की तारीखें आपने बताई होतीं और यह बताया होता कि बयाना देने के एग्रीमेंट पर आप दोनों के अतिरिक्त गवाहों के हस्ताक्षर हैं या नहीं तो हमें समाधान प्रस्तुत करने में आसानी होती और समाधान शुद्ध होता। समाधान चाहने वाले सभी पाठकों से हमारा आग्रह है कि वे अपनी समस्या में यदि इन आवश्यक तथ्यों को नहीं लिखेंगे तो हम उन की समस्या का समाधान प्रस्तुत करने में असमर्थ रहेंगे।

प ने बयाना दे कर जो एग्रीमेंट कराया है वह जमीन के विक्रय की संविदा है। जिस में वह व्यक्ति आप से जमीन की कीमत का एक हिस्सा प्राप्त कर चुका है। बाद में वह उस का विक्रय पत्र पंजीकृत कराने के स्थान पर गायब हो गया है। आप को पता चला है कि वह जमीन को अन्य व्यक्ति को विक्रय कर चुका है। आप को दूसरे व्यक्ति को जमीन बेचने के विक्रय पत्र की प्रतिलिपि तहसील से प्राप्त करनी चाहिए। आप के साथ छल किया गया है, आप को तुरन्त धारा 420 भा.दं.संहिता में थाने में रिपोर्ट करानी चाहिए, पुलिस थाना रिपोर्ट लिखने और कार्यवाही करने से इन्कार करे तो न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करना चाहिए।

प से एग्रीमेंट कर के उस ने आप से रुपया लिया है। बाद में जमीन बेचने से इन्कार कर दिया है। इस तरह वह आप के साथ हुई संविदा का पालन नहीं कर रहा है। दूसरे व्यक्ति को जमीन बेच देने के कारण अब उस संविदा का पालन कर भी नहीं सकता। इस कारण आप को उस के विरुद्ध अपनी राशि व क्षतिपूर्ति प्राप्त करने हेतु संविदा भंग का दीवानी मुकदमा करना चाहिए।

संविदा के विशिष्ट पालन का मुकदमा कर के उस से जमीन की रजिस्ट्री कराने का मुकदमा करने से कोई लाभ नहीं है, उस में जमीन के खरीददार को भी पक्षकार बनाना पड़ेगा तथा उस के नाम हुए पंजीकृत विक्रय पत्र को भी निरस्त कराना पड़ेगा जिस में बहुत अधिक न्यायालय शुल्क देना होगा और मुकदमा भी जटिल हो जाएगा। हमारी राय में पहले आप को अपराधिक मुकदमा करना चाहिए और उस के बाद आप को संविदा भंग का दीवानी मुकदमा करना चाहिए। आप ने जमीन पर कब्जा नहीं लिया है इस कारण से आप को उस मामले में कोई स्टे नहीं मिलेगा। इस मामले में आप को सारे दस्तावेज दिखा कर किसी स्थानीय वकील से सलाह ले कर ही कार्यवाही करना चाहिए।

Exit mobile version