तीसरा खंबा

संपत्ति का बँटवारा कैसे होगा?

हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियमसमस्या-

अनिल कुमार पाठक ने जमुई, बिहार से पूछा है-

मेरे नाना जी की दो पत्नियाँ थीं। पहली नानी का देहांत 1949 में हो गया। उसके 5 साल बाद उन्हों ने दूसरी शादी 1954 में कर ली। नाना जी का देहांत 2004 में और दूसरी नानी का देहांत 2014 में हो चुका है। पहली नानी से एक लड़की और दूसरी नानी से 3 लड़की हैं। अब उनके संपत्ति में बटवारे का क्या नियम है? सभी पाँच लड़कियों मे बराबर हिस्सा होगा या दोनो नानी के लड़कियों को बराबर हिस्सा होगा? दोनो मे से किसी नानी को एक भी लड़का नही है। नान जी ने अपने जीवन काल में किसी को भी वसीयत नहीं की थी और गिफ्ट भी नहीं किया था।

समाधान-

प के नाना जी के देहान्त तक तो उन की सारी संपत्ति के स्वामी खुद नानाजी थे। जैसे ही नानाजी का देहान्त हुआ। आप के नानाजी का उत्तराधिकार खुल गया।

प के नानाजी के देहान्त के समय उन के कुल चार लड़कियाँ और आप की दूसरी नानी जीवित थीं जो कि उन की संपत्ति में बराबर की हिस्सेदार थीं। इस प्रकार कुल पाँच उत्तराधिकारी थे। ये पाँचों उत्तराधिकारी 1/5 हिस्से के अधिकारी हुए।

बाद में 2004 में आप की दूसरी नानी का देहान्त हो गया, तब उन का उत्तराधिकार खुला। तब उन के हिस्से की 1/5 हिस्सा जमीन के बराबर के हिस्से उन की 3 लड़कियों को प्राप्त हुए। अर्थात नानाजी की संपत्ति का 1/15 हिस्सा उन्हें और मिल गया।

स तरह अब यदि नानाजी की संयुक्त संपत्ति का बँटवारा कानून के अनुसार होता है तो बड़ी नानी की पुत्री को 1/5 हिस्सा प्राप्त होगा तथा शेष तीन लड़कियों में से प्रत्येक को 4/15 हिस्सा प्राप्त होगा।

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