तीसरा खंबा

समस्या का पता नहीं लग रहा है तो विधिक सेवा प्राधिकरण से काउंसलर नियुक्त करने का आग्रह करें।

handshakeसमस्या-

हितेश बोलत वालोडरा ने अमरेली गुजरात से समस्या भेजी है कि-

मेरी शादी को 15 साल हो गए हैं, मेरा केस चालू है। मेरी पत्नी समझौता नहीं करना चाहती, हर माह 1400 रुपया जमा करता हूँ। समस्या क्या है यह बताती नहीं है मैं ने सब तरह से कोशिश कर के देख ली। फिर भी मनाने को तैयार हूँ। क्या करूँ।

समाधान-

कोई तो समस्या है, जिस के कारण वह आप के साथ रहने को नहीं आ रही है। वह बता नहीं पा रही है और आप पता नहीं कर पा रहे हैं। आप धारा 9 हिन्दू विवाह अधिनियम में पत्नी को लाने के लिए आवेदन लगाएँ लेकिन उस से पहले आप अपने जिले के विधिक सेवा प्राधिकरण में एक आवेदन लगाएँ जिस में यही लिखें कि पत्नी समस्या नहीं बताती और साथ आ कर रहती भी नहीं है। आप समस्या को हल करने को तैयार हैं। इस कारण दोनों के बीच काउंसलिंग करवाई जा कर समझौते के माध्यम से समस्या का समाधान निकाला जाए। आप के इस आवेदन पर विधिक सेवा प्राधिकरण दोनों के विवाद के हल के लिए काउंसलर नियुक्त करेगा जो आप के प्रकरण के समाधान की कोशिश करेगा। हो सकता है वह पता लगा पाए कि विवाद का विषय क्या है।

दि काउंसलिंग से समस्या हल न हो तो फिर धारा 9 का आवेदन प्रस्तुत कर डिक्री पारित करवाइए। फिर भी एक साल तक पत्नी न आए तो कोई मार्ग नहीं बचेगा। विवाह विच्छेद ही विवाद का एक मात्र हल होगा। जो आसानी से हो सकता है।

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