तीसरा खंबा

अनुकम्पा नियुक्ति हेतु अन्य आश्रितों की अनापत्ति

CHHATTISGARH : अनुकंपा नियुक्ति से पीड़ित परिवारो को मिलेगी राहत – कलेक्टर,  इस जिले के स्कूल शिक्षा विभाग में 50 लोगों को मिली अनुकम्पा नियुक्ति ...

समस्या-

पीहू ने कर्वी, जिला चित्रकूट, उत्तर प्रदेश से पूछा है-

पिता की मृत्यु 23-06-2021 को सेवाकाल के दौरान हो गई जो एक सरकारी कर्मचारी थे। उनके स्थान पर उनकी नामांकित पत्नी अपनी छोटी पुत्री को नौकरी देना चाहती है। परंतु उनका विवाहित बेटा है जो संविदा नगर पालिका में कार्यरत है एवं उसकी पत्नी बेसिक शिक्षा जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत है। दोनों मिलकर 80 हजार के लगभग कमाते हैं जो कि अपने बीवी बच्चो के साथ अलग रहता है। एक पैसे से उन मां बेटी की मदद नहीं करता है। विभाग से बेटे का अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है जो वो देने के लिए तैयार नहीं है। दोनो मां बेटी का कोई सहारा नहीं है, कैसे बेटी को नौकरी मिल पाएगी?

समाधान-

सबसे पहले तो आपको यह समझ लेना चाहिए कि अनुकम्पा नियुक्त अनुकम्पा है, न कि अधिकार। इस कारण यदि नियमों के अनुसार नियुक्ति का आवेदन निरस्त किया जाता है तो वह उचित होगा। लेकिन, नियमों की व्याख्या उचित रीति से की जानी चाहिए।

आपके मामले में पुत्री को अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए अन्य आश्रित पुत्र की अनुशंसा /अनापत्ति मांगी जा रही है। नियमानुसार यह उचित है। लेकिन पुत्र और और उसकी पत्नी दोनों नियोजित हैं और कमा रहे हैं। पुत्र नगर पालिका में संविदाकर्मी है। वह चाहता है कि उसे अनुकम्पा नियुक्ति मिले, इसी कारण से वह अपनी अनापत्ति नहीं दे रहा है। अनापत्ति के बिना नियमों की पूर्ति नहीं होती है। उस स्थिति में आवेदन निरस्त किए जाने की आशंका उपस्थित है।

लेकिन अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने की स्थिति में भी विभाग/ सरकार अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदन को निरस्त नहीं कर सकती। अलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 5 अक्तूबर 2010 को राजकुमार बनाम ज्वाइंट डायरेक्टर शिक्षा विभाग के मुकदमे में निर्णय दिया है कि एक या एकाधिक आश्रित अनुकम्पा नियुक्ति हेतु अनापत्ति नहीं देता है तो अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आवेदन को इसी आधार पर निरस्त नहीं किया जा सकता। इस मामले में यह निर्देश दिया गया कि मामला अनुकम्पा नियुक्ति कमेटी को सौंपा जाए जो सभी आश्रितों से उनकी आपत्तियाँ मांगे। निर्धारित समय में आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर या होने पर उन पर विचार करके निर्णय ले कि किसी आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति दी जानी चाहिए अथवा नहीं। निर्णय किसी एक को नियुक्ति देने का अथवा किसी को भी नियुक्ति न देने का हो सकता है।

विभाग / सरकार द्वारा निर्णय लेकर किसी को नियुक्ति दी जा सकती है। नियुक्ति देने या न देने पर असन्तुष्ट पक्षकार उस नियुक्ति के विरुद्ध उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका प्रस्तुत कर सकता है। इस कारण किसी आश्रित द्वारा अनापत्ति न दिए जाने पर विभाग को सूचित कर दें कि आपत्ति नहीं दी जा रही है। इस सूचना में अनापत्ति नहीं देने के कारणों और परिस्थितियों का वर्णन किया जाना चाहिए कि अनापत्ति क्यों नहीं दी जा रही है और किसे देना न्यायोचित होगा।

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