तीसरा खंबा

नियोजक भविष्य निधि आवेदन को सत्यापित करने से मना करे, तो क्या करें?

समस्या-

इन्दौर, मध्यप्रदेश से चतुरेश तिवारी ने पूछा है-

अगस्त 2011 से मई 2012 तक मैं एक समाचार पत्र में उपसंपादक के पद पर कार्यरत था।  मैंने पत्र संस्थान में अपना पीएफ फार्म जमा कर दिया है, लेकिन वह इसे पीएफ कार्यालय में जमा नहीं करा रहा है। उसका कहना है कि आपने नौकरी छोड़ने के लिए एक माह का जरूरी नोटिस नहीं दिया इस कारण जब तक आप एक माह की बेसिक सैलरी जमा नहीं करा देते तब तक आपका फार्म पीएफ कार्यालय में जमा नहीं कराया जाएगा।  ऐसे में मैं क्या करूँ? क्या मैं अपने पीएफ के लिए अदालत जा सकता हूँ?

समाधान-Employee Provident Fund

कर्मचारी भविष्य निधि योजना के अंतर्गत जब भी योजना का कोई सदस्य यह देखे कि उस का नियोजक उस के भविष्य निधि वापसी आवेदन जो फार्म सं. 19 या 10सी में होता है को सत्यापित कर के भविष्य निधि योजना को प्रेषित नहीं कर रहा है तब वह किसी बैंक मैनेजर या गजेटेड अधिकारी या कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज/समिति/क्षेत्रीय समिति के किसी सदस्य से या किसी मजिस्ट्रेट, पोस्टमास्टर, सरपंच या नोटेरी पब्लिक से सत्यापित करवा कर क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को प्रेषित कर सकता है। बेहतर है आप जहाँ आप का बैंक खाता है उस के बैंक मैनेजर से उक्त फार्म सत्यापित करवा कर प्रेषित करें।

नियोजक के साथ कर्मचारी का कोई भी विवाद हो सकता है लेकिन एक बार नौकरी छोड़ देने पर कोई भी नियोजक भविष्य निधि वापसी आवेदन को सत्यापित करने से मना नहीं कर सकता।

इस तरह बैंक मैनेजर या किसी अन्य अधिकारी से उक्त आवेदन प्रपत्र सत्यापित करवा कर भेजने के उपरान्त भी आप को भविष्य निधि की राशि प्राप्त नहीं हो तो आप को क्षेत्रीय आयुक्त को स्मरण पत्र भेजना चाहिए। यदि उस के बाद भी आप को अपनी भविष्य निधि की राशि प्राप्त न हो तो आप क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को पक्षकार बनाते हुए अपने नियोजक के विरुद्ध भविष्य निधि राशि प्राप्त करने का परिवाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

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