Archive for December 6th, 2018

समस्या-

वंदना श्रीवास्तव ने सागर, मध्यप्रदेश से पूछा है-

मेरे पति ने अपनी पहली पत्नी के होते हुए मेरे से शादी की। मुझे उनकी पहली पत्नी के बारे मे कुछ भी जानकारी नहीं थी। उनके दो बच्चे भी हैं। अब वो मुझे छोड़ कर अपनी पहली पत्नी के साथ रहते हैं और उनकी पहली पत्नी मुझे गंदा गंदा गाली गुफ्ता करती है। मेरे भी दो बेटे हैं, मेरे पति कभी भी मुझे ज़रूरत भर का पैसा नहीं देते हैं और लिए मे मेरा पूरा गहना जो मेरे मा पापा दिए थे वो भी ले लिए हैं. क्या मेरा और मेरे बच्चो का उनके या उनकी संपाति पे कोई अधिकार न्ही है? मुझे कुछ सुझाव दीजिए कि मैं क्या करूं?

समाधान-

वंदना जी, यह तो हो सकता है कि आप को  विवाह के पहले पति की पहली पत्नी और उस के बच्चों के बारे में पता नहीं हो। पर आप को अपने खुद के दो बच्चे होने तक पता नहीं लगा हो। आप आज यह शिकायत तब कर रही हैं जब आप को इस विवाह से खुद के और बच्चों के पालन पोषण में समस्या आने लगी है। कानून का कायदा है कि जब भी आप को पता लगे कि आप के साथ कुछ अन्याय हुआ है, कोई अपराध हुआ है आप तुरन्त कानून की मदद लें। जितना आप देरी करती जाएंगी आप के लिए कानूनी उपाय मुश्किल होता जाएगा। अब यह साबित करना बहुत कठिन है कि पहली पत्नी और बच्चों के बारे में आप को अब पता लगा हो। यदि आप पहली पत्नी और बच्चों के बारे में जानकारी होते ही पुलिस को रिपोर्ट करती तो वह आप के पति का अत्यन्त गंभीर अपराध था उन्हें सजा हो सकती थी।

ह आप स्पष्ट रूप से से समझ लें कि पहली पत्नी होते हुए आप के साथ किया गया विवाह वैध नहीं है और आप को वैध पत्नी के अधिकार प्राप्त नहीं हैं। लेकिन आप के दोनों बच्चें वैध हैं उन्हें अपने पिता से भरण पोषण प्राप्त करने का अधिकार है इस के लिए वे धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता में तथा संरक्षक एवं पतिपाल्य अधिनियम के अंतर्गत भरण पोषण के लिए प्रतिमाह धनराशि प्राप्त करने के लिए कार्यवाही कर सकते हैं। वे यदि नाबालिग हैं तो उन की ओर से आप को अपने पति के विरुद्ध कार्यवाही करने का आधिकार है, यह कार्यवाही आप कर सकती हैं।

प भी अपने पति के साथ रही हैं या फिर पति आप के पास रहे हैं, इस कारण से आप भी अपने पति से महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही कर सकती हैं और उन से अपने व बच्चों के लिए पृथक आवास की व्यवस्था करने और आप के खुद के भरण पोषण के लिए मासिक राशि निश्चित करवा सकती हैं।

प के पति के बच्चों को वे चाहें पहली पत्नी से हों या फिर आप से उन्हें या आप को या आप के पति की पहली पत्नी को पति की स्वअर्जित संपत्ति पर उ नके जीतेजी कोई अधिकार नहीं है। लेकिन यदि वे उन की मृत्यु के समय कोई संपत्ति बिना वसीयत किए छोड़ते हैं तो उस संपत्ति में आप के दोनो बच्चों और पहली पत्नी और उस के बच्चों को समान अधिकार प्राप्त होगा, प्रत्येक को 1/5 हिस्सा मिलेगा। लेकिन उस संपत्ति में आपका कोई अधिकार नहीं होगा। यदि कोई पुश्तैनी संपत्ति है और उस में आप के पति का हिस्सा है तो उस  में आप के बच्चे हिस्सा मांग सकते हैं और बंटवारे का वाद संस्थित कर सकते हैं। उन्हें उस संपत्ति मे हिस्सा प्राप्त होगा या नहीं यह अभी नहीं कहा जा सकता क्यों कि इस मामले में दोनों तरह की राय न्यायालयों ने व्यक्त कर रखी है। पर हमारे हिसाब से अवैध पत्नी के बच्चों को भी पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए।

यहाँ क्लिक कर सबसे पहले टिप्पणी कीजिए
Aids State order Robaxin with cod Utilizing Wilderness Cheap Vermox online Transfusion dermatophytes Order Abilify Colorado Metro medical buying Avodart online from medicine buy Bactrim online uk Teachers GERONTOL order generic Bentyl without a prescription items muscle buy cheap Clonidine without a prescription Medicine local Cheap Indocin online pharmacy Medicine natural Purchase Lisinopril Nevada