Archive for December 7th, 2018

समस्या-

टीकाराम राठौर ने एलबीएस नगर, लिंक रोड-03, तहसील व जिला विदिशा – 464001, मध्य प्रदेश से पूछा है-

मैं एक ऑटोमोबाइल्स की मायकार (भोपाल) प्राइवेट लिमिटेड में लेखपाल के पद पर दिनांक 25 जुलाई 2011 से कार्य कर रहा था। लेकिन 24 अप्रैल 2018 को कंपनी के एच आर ने मुझे ईमेल करके बताया कि मेरी सेवा दिनांक 30 अप्रैल 2018 को समाप्त की जाती है। बजह बताई गई कि मैंने मालिक से फोन पर गलत तरीके से बात की, जो कि बिल्कुल झूठ बताया गया। खैर, मैंने अपना सारा हिसाब मैनेजमेंट को 27 अप्रैल को सौंप दिया हस्ताक्षर के साथ प्रति भी ले ली। मैंने श्रम विभाग विदिशा में शिकायत कर दी वहां से मुझे ग्रैच्युटी की राशि कपनी ने दे दी, सहमति से परंतु मेरा मार्च, अप्रैल माह का वेतन नहीं दिया गया। श्रम विभाग से भी सिर्फ फॉर्मेलटी की जा रही थी। अब श्रम विभाग मेरा केस श्रम न्यायलय भोपाल को भेज रहा है। मैं आपसे जानना चाहता हूं कि मुझे अब क्या करना चाहिए? -मेरी दो माह मार्च,अप्रैल की सैलरी,117 दिन की बकाया छुट्टी, पीएफ भी काटा गया पर ईपीएफ खाते में जमा नहीं किया। बिना नोटिस के निकाल दिया नौकरी से। कुछ लोगों का कहना है कि केस करोगे तो वकील पैसे खीचेंगे और कुछ नहीं होगा। अब मुझे क्या करना चाहिए जिससे मेरा हक मुझे मिल सके?

समाधान-

प को जिस तरीके से नौकरी से निकाला है वह एक स्टिग्मेटिक टर्मिनेशन (दोष मंढ़ते हुए की गयी सेवा समाप्ति) है। बिना आरोप पत्र दिए और जाँच कराए की गयी ऐसी सेवा समाप्ति वैध नहीं है। इसे चुनौती दी जा सकती है और देनी चाहिए। आजकल सेवा की समाप्ति से संबंधित औद्योगिकक विवाद के लिए उपाय यह है कि श्रम विभाग में आप अपनी शिकायत प्रस्तुत करें, शिकायत प्रस्तुत करने के 45 दिनों में शिकायत का कोई परिणाम नहीं निकलने पर श्रम विभाग से शिकायत का प्रमाण पत्र प्राप्त कर सीधे श्रम न्यायालय में अपना विवाद प्रस्तुत करें। श्रम न्यायालय में सेवा की समाप्ति से संबंधित  विवाद का न्याय निर्णयन हो कर अधिनिर्णय पारित कर दिया जाएगा। अब इस के लिए आप वकील करेंगे तो उस की फीस तो देनी होगी। वकील की फीस के अतिरिक्त विभिन्न खर्चों का सवाल है वह मात्र 500-1000 रुपए से अधिक नहीं होंगे। आप अपने वकील से इस काम की पूरी फीस एक बार में तय कर लें और धीरे धीरे देते रहें। वकील अच्छा करें, घटिया वकील न करें।

प का दो माह का वेतन अदा नहीं किया गया है तो उस की वसूली के लिए श्रम विभाग में वेतन भुगतान अधिकारी के यहाँ वेतन अदायगी का प्रार्थना पत्र वेतन भुगतान अधिनियम के अंतर्गत प्रस्तुत कर दें। बकाया अवकाश की राशि भी इसी प्रार्थना पत्र में जोड़ी जा सकती है।

पीएफ अंशदान की कटौती आप के वेतन से करने के उपरान्त उसे पीएफ स्कीम में जमा न करना अमानत में खयानत का अपराध है। आप अपना पीएफ नंबर अंकित करते हुए इस बात की शिकायत पीएफ कमिश्नर को कर सकते हैं। विभाग आप के नियोजक के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट करवा सकता है। यदि विभाग कोई कार्यवाही न करे तो आप पुलिस को एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं, पुलिस के भी कोई कार्यवाही न करने पर आप स्वयं संबंधित मजिस्ट्रेट के न्यायालय में सीधे परिवाद प्रस्तुत कर सकते हैं।

सफसइस

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