तीसरा खंबा

पुत्री या दत्तक पुत्री ही आश्रित हो सकती है, पति की पूर्व पत्नी की पुत्री नहीं।

courtroomसमस्या-

बबिता वाधवानी ने मानसरोवर, जयपुर, राजस्थान से समस्या भेजी है कि-

मेरी माताजी का देहान्‍त 26 जनवरी 2013 में हो गया था । मेरे पिता ने दो शादियाँ की थी। पहली की मृत्‍यु हो जाने पर दूसरा विवाह हुआ था।  मेरे पिता की म़त्‍यु हो जाने पर मेरी माता को उनके स्‍थान पर अनुकम्‍पा नौकरी मिली थी। उनकी मौत पर हमें अनुकम्‍पा नौकरी फार्म भरना था जिसे मेरी बड़ी बहन ने भर दिया जो पूर्व पत्‍नी की संतान हैं। हालाँकि वो पिछले 15 सालों से एक ही कम्‍पनी में काम कर रही है। उस ने हमेशा यही कहा कि मुझे 3000 रू ही तनख्‍वाह मिलती है, वो भी समय से नहीं मिलती। अभी वर्तमान में पता चला है वो अचल सम्‍पति भी रखती है और उसकी तनख्‍वाह पूरे तौर पर तो नहीं पता पर अन्‍दाजा ही लगाया जा सकता है कि 10000 रू से ज्‍यादा ही होगी। घर वालों के दबाव में मुझे उस धोषणा पत्र पर हस्‍ताक्षर करने पडे जिस में उन्‍होने दर्शाया कि वो नौकरी नहीं करती व टयूशन से 2500 ही कमाती है अत उन्‍हे नौकरी दी जाये। उनका फार्म आफिस से रिजेक्‍ट हो गया और बीएसएनएल से मुझे फार्म भरने को कहा गया। मैंने फार्म भर दिया व सभी दस्‍तावेज लगा दिये। पर मुझे अपनी इस बहन का अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा करवाने को कहा गया जो बहन ने देने से मना कर दिया है। मम्‍मी की पेन्‍शन मेरे नाम से बनी है। उस फार्म के साथ पेन्‍शन के कागज भी लगते है जो मैंने लगा दिये हैं। क्‍या आप बता सकते हैं कि बहन के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना मैं अनुकम्‍पा नौकरी प्राप्‍त कर सकती हूँ। बहन ने बीएसएनएल पर मुकदमा कर दिया है कि मुझे नौकरी दी जाये। व मेरे भाई जिसको मम्‍मी अन्‍य सभी लाभों के लिए नामिनी कर गयी है उसमें से भी हिस्‍सा चाहती है। मैं अपनी बहन का झूठ साबित नहीं कर सकती क्‍योंकि मेरे पास ऐसा कोई सबूत नहीं, दूसरा मेरे घर के दूसरे बडे लोग ये सोचते है‍ कि मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ तो मिलने वाले लाभ को सामाजिक कार्यो में लगा दूंगी। वे किसी प्रकार का सहयोग करने को तैयार नहीं। पेन्‍शन प्राप्‍त करने के लिए भी मुझे राज्‍य महिला आयोग की मदद लेनी पडी थी क्‍योंकि उसमें भी बडी बहन ने अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया था । मेरी उम्र 41 साल हो चुकी है। प्राइवेट सेक्‍टर में मैंने काम किया लेकिन कभी भी किसी आफिस में 2 से 3 महीने से ज्‍यादा नहीं टिक पायी। मुझे अपनी बेटी की उच्‍च शिक्षा के लिए इस नौकरी की जरूरत है।

समाधान-

बिता जी¡ आप ने यह नहीं बताया कि बड़ी बहिन का आवेदन क्यों निरस्त किया गया है? बीएसएनएल ने उन का आवेदन निरस्त करने का कारण जरूर प्रदर्शित किया होगा। हो सकता है आप को यह पता नहीं हो पर आप को यह पता करना चाहिए।

में लगता है कि आप की बहिन का आवेदन इस कारण निरस्त हुआ है क्यों कि वह नियमानुसार आप की माता की आश्रित नहीं मानी जा सकती क्यों कि वह उन की पुत्री नहीं बल्कि आप के पिता की पहली पत्नी की पुत्री है, उसे आप की माता जी की दत्तक पुत्री भी नहीं कहा जा सकता क्यों कि दत्तक ग्रहण के लिए प्रक्रिया आवश्यक है वह नहीं हुई है। नियम यह है कि केवल पुत्री या दत्तक पुत्री ही आश्रित हो सकती है। इस नियम के कारण आप की बहिन इस नियुक्ति के योग्य नहीं है। आप इस के लिए सर्वथा योग्य हैं।

प की बहिन ने मुकदमा कर दिया है उस मुकदमे में आप भी आवश्यक पक्षकार हो गई हैं यदि नहीं हैं तो आप पक्षकार बनें और मुकदमे में अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करें। अपने अधिकार के लिए लड़ना बुरी बात नहीं। आप बीएसएनएल को भी कह सकती हैं कि आप की बहिन आप की माता की नियमानुसार आश्रित नहीं है इस कारण आप की नियुक्ति के लिए उन की अनापत्ति की किसी तरह की कोई आवश्यकता नहीं है। बीएसएनएल को आप के तर्क को स्वीकार कर के आप को नियुक्ति दे देना चाहिए।

Exit mobile version