उच्चतम न्यायालय द्वारा यह निर्धारित कर देने मात्र से बवाल उठ खड़ा हुआ कि अविवाहित वयस्क स्त्री-पुरुष का आपसी सहमति से साथ रहना और यौन संबंध स्थापित करना
इन दिनों वयस्क स्त्री-पुरुष के बीच स्वैच्छिक लिव-इन-रिलेशनशिप चर्चा में है। यह संबंध यदि ऐसे स्त्री-पुरुष के बीच होता है जिन का पहले से कोई विवाहित जीवनसाथी नहीं
दैनिक भास्कर के स्थाई रविवासरीय परिशिष्ठ रसरंग में कवर स्टोरी के रूप में विजयशंकर चतुर्वेदी ने भारतीय न्याय व्यवस्था की एक विस्तृत समीक्षा की थी। यह आलेख अब