DwonloadDownload Point responsive WP Theme for FREE!

Latest

मद्रास की अंग्रेजी बस्ती : भारत में विधि का इतिहास-13

सूरत में व्यापारिक केन्द्र मजबूत हो जाने के बाद कंपनी ने अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर अपनी फैक्ट्रियाँ स्थापित करने का निर्णय किया जिस के परिणाम स्वरूप मद्रास, कोलकाता
Read More

अंग्रेजों का भारत प्रवेश : भारत में विधि का इतिहास-12

मुगल काल में ही भारत में अंग्रेजों का प्रवेश हुआ और धीरे-धीरे उन्हों ने भारत को अपने अधीन कर लिया। पुर्तगाली नाविक वास्कोडागामा ने 22 मई 1498 को
Read More

शपथ आयुक्त और नोटेरी का अंतर

कल शाम की पोस्ट नोटेरी द्वारा प्रमाणित दस्तावेज की साक्ष्य में क्या महत्ता है? पर अजय कुमार झा की टिप्पणी थी…. सर लगे हाथों …अगली कडी में ही
Read More

क्या हिन्दू विवाह अधिनियम ने विवाह विच्छेद के मामलों को बढ़ाया है?

निशान्त दुबे ने पूछा है – मैं जानना चाहता हूँ कि हिन्दू विवाह अधिनियम के समाज पर क्या प्रभाव हुए हैं? क्या इस ने तलाक के मामलों में
Read More

नोटेरी द्वारा प्रमाणित दस्तावेज की साक्ष्य में क्या महत्ता है?

कमलेश द्विवेदी पूछते हैं-  मैं जानना चाहता हूँ कि एक  स्टाम्प पेपर्स पर अंकित और नोटेरी के समक्ष पंजीकृत बयान जो किसी भी  न्यायालय अथवा अर्धन्यायिक कार्यवाही में
Read More

समान एकल नागरिकता और न्याय की एकरूपता का बीजारोपण : भारत में विधि का इतिहास-11

मुगलकाल की दंड व्यवस्था पूरी तरह से मु्स्लिम विधि पर आधारित थी और अपराध साबित हो जाने पर अपराधी को दिए जाने वाले दंडों को चार तरह से
Read More

मुगल कालीन न्याय प्रक्रिया और सबूत : भारत में विधि का इतिहास-10

अब तक आप ने पढ़ा कि मुगल काल में किस तरह से न्याय प्रशासन की व्यवस्था की गई थी। अपने पूर्ववर्ती राज्यों की अपेक्षा मुगल काल में न्याय
Read More

मुगल कालीन सरकार और परगना न्यायालय : भारत में विधि का इतिहास-9

सरकार (जिला)  न्यायालय  मुगल काल में जिला न्यायालयों को सरकार कहा जाता था और उपजिलों को परगना। इसी आधार पर इन्हें सरकार न्यायालय और परगना न्यायालय कहा जाता
Read More

मुगल कालीन सर्वोच्च और प्रांतीय न्यायालय : भारत में विधि का इतिहास-8

सामान्य प्रशासन मुगल काल की तीसरी पीढ़ी के शासक अकबर ने मुगल साम्राज्य को स्थायित्व प्रदान किया। इस स्थायित्व का मुख्य कारण तब तक का सब से सुव्यवस्थित
Read More