एग्रीमेंट कहीं भी रजिस्टर्ड नहीं है, क्या ये एग्रीमेंट किसी विवाद के वक्त वैध या मान्य होगा?
आप की शंका केवल उस अनुबंध/करार के पंजीकृत (रजिस्टर्ड) नहीं होने को ले कर है। कोई भी अनुबंध आवश्यक रूप से पंजीकृत होना जरूरी नहीं है। हाँ यदि अनुबंध के पक्षकार चाहें तो उसे पंजीकृत करवा सकते हैं।
यदि आप ने उक्त दी गई कड़ियाँ पढ़ी ली हैं तो यह समझ चुके होंगे कि कोई भी व्यक्ति किसी करार के लिए प्रस्ताव कर सकता है और प्रस्ताव को स्वीकार कर के दूसरा व्यक्ति उसे अनुबंध में बदल सकता है। अनुबंध मौखिक भी हो सकते हैं और लिखित भी। लेकिन यदि अनुबंध लिखत में है तो सब से बेहतर है। उस में प्रस्ताव और उस की स्वीकृति आवश्यक है। यदि अनुबंध पर अनुबंध के पक्षकारों के हस्ताक्षर दो गवाहों की उपस्थिति में किए गए हैं तो इतना ही पर्याप्त है। विवाद की स्थिति में आप अपने अनुबंध को अपने बयान से तथा गवाहों के बयानों से साबित कर सकते हैं।
संक्षेप में आप के प्रश्न का उत्तर यही है कि कोई भी अनुबंध पंजीकृत न होने के आधार पर अमान्य और अवैध नहीं होता।
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बहुत अच्छी जानकरी
उम्दा जानकारी.
ऐसा लगता है कि नोटरियों की बढती भीड के चलते अभिलेखों का नोटरीकरण कराने का भ्रम तेजी से फैलाया जा रहा है । मैं देख रहा हूं कि बीमा से सम्बन्धित ऐसे अनेक आवेदन, नोटरीकृत होकर आ रहे हैं जो सादे कागज पर ही पर्याप्त होते हैं । कहीं इसमें दलालों की तो कोई भूमिका नहीं है ।
यदि अनुबंध पर अनुबंध के पक्षकारों के हस्ताक्षर दो गवाहों की उपस्थिति में किए गए हैं तो इतना ही पर्याप्त है।
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काम की बात।
बढिया व उप्योगी जानकारी के लिए आभार।
बहुत सुंदर तरीके से समझाया है. आभार.
अत्यन्त उपयोगी जानकारी दी आपने ! धन्यवाद !