श्रद्धांजलि!!! दिनेशराय द्विवेदी | 08/04/2010 | System, व्यवस्था | 5 Comments दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ में शहीद सभी जवानों को ‘तीसरा खंबा’ की विनम्र श्रद्धाँजलि More from my siteओसीडी रोग से ग्रस्त पत्नी को छोड़ने की नही, उस के साथ जीवन बिताने की सोचेंकलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना : भारत में विधि का इतिहास-30स्वामित्व खरीदें, सम्पत्ति का केवल कब्जा न खरीदें।दो वसीयत होने पर दूसरी वसीयत मान्य होगी।पुत्री जीवित होने पर लड़की को दत्तक ग्रहण नहीं किया जा सकता।बलात्कारी और ब्लेकमेलर के विरुद्ध रिपोर्ट कराएँ और उसे सजा दिलाएँ। Related Posts अदालतों की संख्या बढ़ाने के लिए भी जनता को आंदोलन करने होंगे 10 Comments | Sep 9, 2009 क्या आप अपने लिए एक काम करेंगे? 28 Comments | May 27, 2009 न्यायपालिका की आलोचना के लिए माफी मांगने के बजाय जेल जाना पसंद करेंगे 7 Comments | Nov 12, 2010 अपराधों के अन्वेषण, अभियोजन और अदालतों की पर्याप्तता और स्वतंत्रता-स्वायत्तता के बारे में सोचा जाना जरूरी है 1 Comment | Feb 16, 2009 About The Author DineshRai Dwivedi 5 Comments नरेश सिह राठौङ 08/04/2010 सच्ची श्रद्धांजलि तो उस दिन होगी जब इसका बदला लिया जाएगा | संजय भास्कर 08/04/2010 हमारी भी श्रृद्धांजलि! Udan Tashtari 08/04/2010 हमारी भी श्रृद्धांजलि! M VERMA 08/04/2010 श्रद्धांजलि Sanjeet Tripathi 08/04/2010 mujh akinchan ki bhi shraddhanjali.
सच्ची श्रद्धांजलि तो उस दिन होगी जब इसका बदला लिया जाएगा |
हमारी भी श्रृद्धांजलि!
हमारी भी श्रृद्धांजलि!
श्रद्धांजलि
mujh akinchan ki bhi shraddhanjali.