श्रद्धांजलि!!! दिनेशराय द्विवेदी | 08/04/2010 | System, व्यवस्था | 5 Comments दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ में शहीद सभी जवानों को ‘तीसरा खंबा’ की विनम्र श्रद्धाँजलि More from my siteवसीयत को पंजीकृत कराना लाभकारी है, वसीयत वसीयतकर्ता के देहान्त पर प्रभावी होगी।माँ पत्नी को तंग करे तो क्या करें?पत्नी को दहेज के कारण घर से निकाल दिया पुलिस ने नहीं सुना, पत्नी क्या करे?बँटवारे पर उत्तराधिकारियों में सहमति न होने पर बँटवारे का दीवानी वाद ही सही हल है।हक-त्याग पंजीकृत विलेख से ही संभव है।वसीयत बाद में प्रकट होती है तो उत्तराधिकार के आधार पर हुआ बंटवारा रद्द हो सकता है Related Posts हिन्दी सर्वोच्च न्यायालय की भाषा क्यों नहीं? 17 Comments | Dec 27, 2008 दवाखाना संचालित कर रहे व्यक्ति पर संदेह होने पर क्या करें? No Comments | Dec 13, 2012 जिरह के बाद आत्महत्या के मामले में जज की जिम्मेदारी क्यों न तय हो? 11 Comments | Nov 24, 2009 मुकदमें का एक्सपार्टी होना क्या है? No Comments | Dec 7, 2019 About The Author DineshRai Dwivedi 5 Comments नरेश सिह राठौङ 08/04/2010 सच्ची श्रद्धांजलि तो उस दिन होगी जब इसका बदला लिया जाएगा | संजय भास्कर 08/04/2010 हमारी भी श्रृद्धांजलि! Udan Tashtari 08/04/2010 हमारी भी श्रृद्धांजलि! M VERMA 08/04/2010 श्रद्धांजलि Sanjeet Tripathi 08/04/2010 mujh akinchan ki bhi shraddhanjali.
सच्ची श्रद्धांजलि तो उस दिन होगी जब इसका बदला लिया जाएगा |
हमारी भी श्रृद्धांजलि!
हमारी भी श्रृद्धांजलि!
श्रद्धांजलि
mujh akinchan ki bhi shraddhanjali.