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Month: December 2009

प्रेसीडेंसियों में नगर निगम और क्राउन के मेयर न्यायालय : भारत में विधि का इतिहास-21

ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में व्यापार के लिए प्रवेश किया था। वह चाहती थी कि उस के अंदरूनी मामलों में न्याय का अधिकार उसी के पास रहे।
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बहनोई के दूसरी लड़की के साथ संबंध हैं, हम क्या करें?

 प्रशांत ने अपनी समस्या इस तरह रखी है- सर ! मेरी बहन की शादी एक साल पहले हुई है।  जब मेरी बहिन की शादी की बात चल रही
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कोलकाता में अंग्रेजी बस्ती : भारत में विधि का इतिहास-20

मुगल शासन से 1634 में प्राप्त व्यापार की अनुमति के आधार पर ईस्ट इंडिया कंपनी बंगाल में व्यापार कर सकती थी। लेकिन करीब सोलह वर्ष बाद 1650 में
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1684-1718 मुंबई न्याय व्यवस्था में बाधाएँ : भारत में विधि का इतिहास-19

नौकाधिकरण की स्थापना कीविन विद्रोह के कारण आंगियार द्वारा मुंबई स्थापित न्याय व्यवस्था पूरी तरह तहस-नहस हो गई थी। 16 नवम्बर 1684 को विद्रोहियों ने मुंबई को फिर
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मुंबई में कोर्ट ऑफ जुडिकेचर की स्थापना : भारत में विधि का इतिहास-18

मुंबई की 1670 की न्यायिक योजना अपने दोषों के कारण अधिक नहीं चल पायी। आंगियार के नेतृत्व में  विलकॉक्स की नियुक्ति के बाद उस ने पुरानी व्यवस्था का
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मु्म्बई में अंग्रेजी कानून और भारतीय न्यायाधीश : भारत में विधि का इतिहास-17

1670 की न्यायिक योजना के अंतर्गत मुम्बई में दो न्यायालय स्थापित किए गए। एक सीमाशुल्क अधिकारी का न्यायालय और दूसरा सपरिषद उपराज्यपाल का न्यायालय। सीमाशुल्क अधिकारी का न्यायालय 
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मुम्बई में अंग्रेजी बस्ती : भारत में विधि का इतिहास-16

पुर्तगालियों ने मुम्बई को 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुर से प्राप्त किया था। प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उन्हों ने यहाँ एक सैन्य अधिकारी को नियुक्त किया
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मद्रास का मेयर न्यायालय और चाउल्ट्री अदालतें : भारत में विधि का इतिहास-15

 मेयर न्यायालय1687 के चार्टर के अधीन मद्रास नगर निगम के ही एक आवश्यक अंग के रूप में न्यायिक कार्य करने के लिए मेयर न्यायालय स्थापित किया गया। मेयर
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मुकदमों के निपटारे की अवधि कम करने की कवायद

केन्द्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली जिस ऊर्जावान रीति से बयान जारी कर रहे हैं उसी रीति से परिणाम भी ले कर आएँ तो देश में प्रतिष्ठा खोती जा रही
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