ब्रिटिश सम्प्रभुता के क्षेत्रों के लिए ब्रिटिश सम्राट को ही न्याय का उच्चतम स्रोत माना जाता है। इसी कारण से ब्रिटिश सम्राट को उच्चतम अपील न्यायालय के रूप
औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 देश में उत्पन्न औद्योगिक विवादों का हल प्रस्तुत करता है। किसी भी कर्मकार की सेवाएँ समाप्त हो जाने पर उत्पन्न औद्योगिक विवाद इसी कानून
भारत शासन अधिनियम 1935 में उच्च न्यायालयों को पूर्व में प्राप्त अधिकारिता को ही अनुमोदित किया गया था। उन्हें 1915 के अधिनियम के अंतर्गत देशज प्रथाओं और रूढ़ियों