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Tag: सहदायिक संपत्ति

विधिक पिता को उत्तराधिकार में प्राप्त संपत्ति में दत्तक पुत्र का अधिकार

समस्या- अरुण प्रजपात ने राजसमन्द( राजस्थान) से पूछा है- मैं एक दत्तक पुत्र हूँ। मेरे कानूनी पिता(जैविक पिता नहीं) को उत्तराधिकार में प्राप्त होने वाली संपत्ति में मेरा
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नाना की संपत्ति में उत्तराधिकार

समस्या- राजेश कुमार गुप्ता ने बिरसिंगपुर पाली, जिला उमरिअ, मध्य प्रदेश से पूछा है- मेरे नाना की दो संतानें थीं। एक पुत्र एवं एक पुत्री। मेरे नाना की
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सहदायिक संपत्ति के अलावा अन्य संपत्तियों में पिता के रहते संतानों का कोई अधिकार नहीं।

समस्या- अजय ने बांदा, उत्तर प्रदेश से पूछा है-       हमारे घर की ज़मीन मेरे दादा जी के नाम है जो कि जीवित नही हैं। उनके एक बेटा और
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम में 2005 का संशोधन केवल सहदायिक संपत्ति पर प्रभावी है।

समस्या- अमन ने 510 धानमंडी, जोधपुर, राजस्थान से पूछा है- मेरे पिताजी ने खुद के पैसे से 1976 में एक मकान खरीदा था। 1976 से अभी तक मैं
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किसी की मृत्यु के समय कोई संपत्ति या ऋण न हो तो उत्तराधिकार भी नहीं हो सकता।

समस्या- इन्‍द्र कुमार कंचनवार ने ग्राम बरघाट, ‍जिला सिवनी, मध्‍यप्रदेश से पूछा है- मेरे पिता की दो पत्नियां थी।  एक पत्नी से 1 संतान। पहली पत्नू की मृत्‍यु
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सहदायिक संपत्ति कभी अपना चरित्र नहीं खोती।

समस्या- दीपक शर्मा ने जयपुर, राजस्थान से पूछा है-   मेरे दादा जी तीन भाई थे तीनो भाइयों का मौखिक बंटवारा हुआ था और सम्पति के अलग अलग भाग
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पुत्री पुश्तैनी सहदायिक संपत्ति में अपना हिस्सा प्राप्त करने के लिए बंटवारे का वाद संस्थित कर सकती है।

समस्या- परमजीत खन्ना ने मरीवाला टाउन, मणिमाजरा, चंडीगढ़ से पूछा है- हम दो भाई बहन हैं। मेरे पापा को मेरे दादा जी से 1974 में संपत्ति विरासत में
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हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के अनुसार उत्तराधिकार में प्राप्त संपत्ति स्वअर्जित संपत्ति जैसी ही है।

समस्या भारत सिंह, गाँव मानपुरा गुजराती, तहसील नरसिंहगढ़, जिला राजगढ़,  मध्यप्रदेश ने पूछा है- हमारे दादा जी के नाम की खेती की ज़मीन थी जो उन्हे उत्तराधिकार मे
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बँटवारे और दुकान खाली कराने के लिए न्यायालय में वाद संस्थित करें।

समस्या- मेरे दादाजी तीन भाई है और उन सभी ने क़ानूनी रूप से कोई बँटवारा किए बगैर आपसी सहमती से अपनी सुविधानुसार संपत्ति का बँटवारा कर लिया था
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