Archive for May 16th, 2017

समस्या-

रवि ने दिल्ली से समस्या भेजी है कि-


मेरा भाई और उसकी पत्नी शादी के 3 महीने बाद से ही घर से अलग रह रहे हैं। उनका आपस मे कोई विवाद हुआ और फिर 498/ 406 125 498और 406 में अभी कोर्ट में नहीं लगा है, एफआर्ईआर  हुए 2 साल हो गए हैं।  गुजारा भत्ता का केस कोर्ट में है जिस में 2500 प्रति माह खर्च देना होगा और पिछले 32000 भी। भाई हिप जुआइन्ट की बीमारी के कारण कुछ काम नहीं कर पाता, उसका खर्च भी दोस्त मिल कर उठाते हैं।  गुज़ारा भत्ता न देने पर कोर्ट ने 30 दिन का समय दिया है, नहीं तो कुर्की की कार्यवाही की जाएगी। भाई के पास कोई सम्पत्ति नहीं है। वह किराये के मकान में रहता है।  क्या कुर्की में माता पिता या भाई की सम्पत्ति को भी जप्त किया जा सकता है क्या?


समाधान-

त्नी का भरण पोषण करने की जिम्मेदारी पति की है न कि पति के रिश्तेदारों की। यह जिम्मेदारी भी पति की वर्तमान आय और संपत्ति पर  निर्भर करती है। यदि इन सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने आदेश नहीं दिया है तो उस आदेश के विरुद्ध अपील या रिविजन करना चाहिए और वसूली पर स्थगन प्राप्त करना चाहिए। यह तभी संभव हो सकता है जब संपत्ति और वर्तमान आय तथा शारीरिक स्थिति के संबंध में दस्तावेजी सबूत अपील या रिविजन कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए जाएँ।

जहाँ तक वसूली के लिए संपत्ति को कुर्क करने का प्रश्न है तो केवल पति की या उस की साझेदारी वाली किसी संपत्ति को ही कुर्क किया जा सकता है, अन्य किसी संपत्ति को नहीं। यदि किसी गलत फहमी के अंतर्गत किसी अन्य संपत्ति को कुर्क किया भी जाए तो उस संपत्ति का स्वामी संबंधित न्यायालय में अपनी आपत्तियाँ प्रस्तुत कर सकता है।

 

 

Aids State order Robaxin with cod Utilizing Wilderness Cheap Vermox online Transfusion dermatophytes Order Abilify Colorado Metro medical buying Avodart online from medicine buy Bactrim online uk Teachers GERONTOL order generic Bentyl without a prescription items muscle buy cheap Clonidine without a prescription Medicine local Cheap Indocin online pharmacy Medicine natural Purchase Lisinopril Nevada