श्रद्धांजलि!!! दिनेशराय द्विवेदी | 08/04/2010 | System, व्यवस्था | 5 Comments दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ में शहीद सभी जवानों को ‘तीसरा खंबा’ की विनम्र श्रद्धाँजलि More from my siteआपसी समझ बना कर वैवाहिक समस्या का समाधान तलाशने का प्रयत्न करें।हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम में 2005 का संशोधन केवल सहदायिक संपत्ति पर प्रभावी है।स्वामित्व खरीदें, सम्पत्ति का केवल कब्जा न खरीदें।माता पिता और वरिष्ठ नागरिक से संपत्ति का हस्तान्तरण उन की देखभाल करने के आदेश का पालन न करने पर निरस्त हो सकता है।गलत नामान्तरण की अपील तुरन्त बिना देरी के करें और नामान्तरण को सही करवाएँ।शान्तिपूर्वक और आपसी समझदारी से अलग होने का उपाय हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 13-ख में आपसी सहमति से विवाह विच्छेद की डिक्री प्राप्त करना है। Related Posts एक सही न्याय व्यवस्था के लिए भी इंकलाब से ही गुजरना पड़ेगा 14 Comments | Nov 19, 2009 प्रान कार्ड बनवाने के लिए कोई शुल्क नहीं,किसी एजेंट की जरूरत नहीं 2 Comments | Jun 3, 2013 कानून की नजरों में सब समान क्यों नहीं हैं? 2 Comments | Dec 15, 2010 उन्हें बेशर्म कहने से तो बेशर्मी भी अपमानित हो जाएगी 12 Comments | Mar 31, 2009 About The Author DineshRai Dwivedi 5 Comments नरेश सिह राठौङ 08/04/2010 सच्ची श्रद्धांजलि तो उस दिन होगी जब इसका बदला लिया जाएगा | संजय भास्कर 08/04/2010 हमारी भी श्रृद्धांजलि! Udan Tashtari 08/04/2010 हमारी भी श्रृद्धांजलि! M VERMA 08/04/2010 श्रद्धांजलि Sanjeet Tripathi 08/04/2010 mujh akinchan ki bhi shraddhanjali.
सच्ची श्रद्धांजलि तो उस दिन होगी जब इसका बदला लिया जाएगा |
हमारी भी श्रृद्धांजलि!
हमारी भी श्रृद्धांजलि!
श्रद्धांजलि
mujh akinchan ki bhi shraddhanjali.