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दत्तक संतान और उत्तराधिकार

समस्या- अजय शर्मा ने श्योपुर, मध्यप्रदेश से पूछा है- मेरी मौसी अभी मेरे मामाजी के साथ रहती है ओर आंगनबाड़ी में जॉब करके अपना पालन पोषण करती है।
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शेष उत्तराधिकारी माँ के नाम अपने हिस्से की रिलीज डीड निष्पादित कर दें।

समस्या- राघवेन्द्र दीक्षित ने लुधियाना पंजाब से पूछा है- मेरे पिता जी ने 18-19 साल पहले 200 गज़ ज़मीन खरीदी थी जिस में से बाद में 50 गज़
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पति और ससुराल वालों ने क्रूरता का व्यवहार किया है तो उस की रिपोर्ट जरूर दर्ज कराएँ।

समस्या- संजना लववंशी ने इंदौर, मध्यप्रदेश से पूछा है- मेरी शादी हिंदू रीति रिवाज से राजेश लववंशी से ग्राम छनेरा, जिला खंडवा में हुई थी। हमारा 1साल का
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परित्यक्त गर्भवती पत्नी तुरन्त घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम में आवेदन करे।

समस्या- कंचन ने इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश से पूछा है- करीब 2.5 साल पहले हमरा प्रेम विवाह हुआ था। हम साथ रहते थे। अचानक एक दिन ऑफिस का कुछ
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जहाँ विपक्षी का शाखा कार्यालय हो वहाँ उपभोक्ता परिवाद प्रस्तुत किया जा सकता है।

समस्या- प्रशांत चौहान ने इंदौर, मध्य प्रदेश से पूछा है- मेरी एक निकटतम महिला पारिवारिक मित्र मूलतः मुम्बई के निवासी हैं। वे कुछ माह पूर्व अपने परिजनो से
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न्यायिक पार्थक्य, विवाह विच्छेद तथा बच्चों के लिए भरण पोषण हेतु कार्यवाही करें।

समस्या- रागनी गोयल ने रायपुर छत्तीसगढ़ से पूछा है- मेरा विवाह 8 मई 1997 को रायपुर के पास ही के गांव पर सामाजिक रीति रिवाज से सम्पन हुआ।
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498-ए आईपीसी के मुकदमे के लंबित रहते विवाह विच्छेद का आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।

समस्या- पी.के. साहा ने कोलार मध्यप्रदेश से पूछा है- मेरी पत्नी ने 498-ए का मुकदमा किया। हम कुछ दिन जेल में रहे तब जमानत हुई। उस की तरफ
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पिताजी की संपत्ति का बँटवारा कैसे हो?

समस्या- ब्रजरतन सोनार ने बीकानेर राजस्थान से पूछा है- मेरे पिताजी के नाम दो अचल सम्पति हैं, मेरे पिताजी एवम माताजी का देहान्त हो चुका है। मेरे पिताजी
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क्रूरता के आधार पर न्यायिक पृथक्करण के साथ आवास और भरण पोषण प्राप्त किया जा सकता है।

समस्या- नीलम गोयल ने जयपुर, राजस्थान से पूछा है- मेरे पति में मेरे लिए कोई संवेदनाएँ नही हैं,  मेंटली, एमोशनली, कोई संवेदनाएँ नही हैं। ना कभी टाइम दिया,
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