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Tag: कानून

न्यूनतम मजदूरी बढने से ठेकेदार को घाटा नहीं, लेकिन मजदूरी मजदूरों को मिलती नहीं

भारत संघ बनाम सारस्वत ट्रेडिंग कम्पनी के मुकदमे में सु्प्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया कि यदि किसी निर्माण कार्य को करने के लिए कोई ठेकेदार नियुक्त किया
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आम जनता सर्वोच्च अदालत के इस रुख का स्वागत करे

सुप्रीम कोर्ट के इस रुख का आम जनता को स्वागत करना चाहिए जिस में उस ने केन्द्र सरकार को कहा है कि वह यह सुनिश्चत करे कि सार्वजनिक
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पत्नी बिलकुल भावनाहीन हो गई है, मैं क्या करूँ?

तीसरा खंबा को कल कानूनी सलाह के लिए मेल में निम्नांकित संदेश मिला।  इन पाठक की समस्या बहुत पीड़ामय है।  जरा आप भी पढ़ें। मेरी पत्नी के अपने
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जहाँ महिला रहती है वहाँ घरेलू हिंसा का मामला दायर कर सकती है।

अनिता ने मार्च 2009 में कुछ प्रश्न पूछे थे, जिन का उत्तर तीसरा खंबा की चिट्ठी भीरुता त्यागें, साहस करें, और पति के अत्याचारों के विरुद्ध अपने हकों
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विस्तृत लोक हित का समर्थन करने वाली सूचनाएँ

मृत्युञ्जय जी ने पूछा है….. कृपया मुझे सूचना का अधिकार  अधिनियम 2005 की धारा 8 (1) के (घ) और (ङ) को सामान्य भाषा में बताने का कष्ट  करेंगे(व्याख्या)? 
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बाल श्रम के लिए निषिद्ध प्रक्रियाएँ और व्यवसाय तथा जिज्ञासाओं के उत्तर

बाल श्रम उन्मूलन पर लिखे गए पिछले दो आलेखों में से पहले बाल श्रम उन्मूलन पर एक लघु परिचर्चा पर ताऊ रामपुरिया जी की जिज्ञासा थी कि “क्या
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क्या कहता है? बाल श्रम ( प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम,

पिछले आलेख पर आई टिप्पणियों से लगा कि भारत में बाल-श्रम के प्रतिषेध के लिए वर्तमान कानून की जानकारी के बारे में बहुत जानकारी आम नहीं है।  वर्तमान
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सरकारों की कुम्भकर्णी निद्रा तोड़ने के लिए शीघ् न्याय को राजनैतिक मुद्दा बनाना होगा

पिछले आलेख मुख्य न्यायाधीश ने कहा-अधीनस्थ न्यायालयों की संख्या में पाँच गुना वृद्धि आवश्यक में तिरुनेलवेल्ली में हुए एक कार्यक्रम में जो कुछ कहा गया था उस की
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मुख्य न्यायाधीश ने कहा-अधीनस्थ न्यायालयों की संख्या में पाँच गुना वृद्धि आवश्यक

अब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश  और मध्यस्थता व संराधन परियोजना के प्रधान श्री एस.बी. सिन्हा ने पिछले शनिवार को  कहा कि देश की अदालतों में मुकदमों का अम्बार
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