Download!Download Point responsive WP Theme for FREE!

जाँच से चिंतित होने की जरूरत नहीं, कारण बताओ नोटिस मिलने पर किसी अच्छे वकील की सेवाएँ लें।

समस्या-

अजय कोशले ने तिकरापारा, रायपुर, छत्तीसगढ़ से पूछा है-

मै शासकीय सेवा मे साल 2009 से कार्यरत हूँ। मेरे सेवा में आने के लगभग 9 साल बाद मेरा पुलिस चरित्र सत्यापन कराया गया जिस में मेरे विरुद्ध साल 2007 में (जुआ एक्ट-13 क) के तहत 100 रुपये का अर्थदंड होना पाया गया। अनुप्रमाणन फार्म भरते समय इस बात का ध्यान न रहने के कारण मेरे द्वारा अनुप्रमाणन फार्म में इस तथ्य दर्शाया नही गया था। अब इस बात की वजह से मेरे विभाग मे मुझे सेवा से वंचित कर दिया जाऊंगा, इस तरह की बाते हो रही है। कृपया मुझे मार्गदर्शन देने का कष्ट करें कि क्या मै सेवा में रहने योग्य हूँ अथवा नहीं? इस तथ्य से संबंधित यदि कोई क़ानूनी नियम अथवा न्यायालयीन आदेश है तो कृपया मुझे अवगत कराए जाने का विनम्र निवेदन है, जिससे मुझे सेवा से वंचित न किया जा सके।

समाधान-

भी आप का पुलिस चरित्र सत्यापन विभाग द्वारा कराया गया है, इस सत्यापन की वजह क्या है यह आपने यहाँ नहीं बताई है। केवल इस तरह के सत्यापन में आप के बताई वजह से आप को दोषी पाने और 100 रुपए के अर्थदंड़ से दंडित किए जाने का तथ्य आया है। अब आप को यह चिन्ता सता रही है कि आप ने इस तथ्य को पूर्व में अनुप्रमाणन फार्म में प्रदर्शित नहीं किया था और इस वजह से आप को सेवा से वंचित कर दिया जाएगा।

किसी भी शासकीय कर्मचारी को जो विगत 9 वर्ष से सेवा में इतनी आसानी से नौकरी से नहीं हटाया जा सकता। इस के पहले यह जाँच की जाएगी कि क्या किसी कर्मचारी को अनुप्रमाणन फार्म में यह तथ्य बताना जरूरी था, और क्या यह तथ्य कर्मचारी ने जानबूझ कर छुपाया है? यदि यह माना जाता है कि कर्मचारी द्वारा यह तथ्य अनुप्रमाणन में बताना जरूरी था और उसे जानबूझ कर छुपाया गया है तो फिर आप को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। तभी आप की असली चिंता आरंभ होगी।

ब आप को ऐसा कोई कारण बताओ नोटिस मिले या आरोप पत्र मिते तो तुरन्त किसी अच्छे वकील से मिल कर उस का जवाब लिखाएँ, जरूरत हो तो जवाब को प्रमाणित करने के लिए शपथ पत्र और दस्तावेज भी उस के साथ संलग्न करें। हमारा मानना है कि मात्र इस कारण से आप की नौकरी नहीं छीनी जा सकती है। फिर भी सतर्क रहना जरूरी है। यदि आप को कारण बताओ नोटिस मिलता है तो आप तीसरा खंबा पर उस के तथ्य बताते हुए पुनः समाधान के लिए अपनी समस्या भेज सकते हैं।

Print Friendly, PDF & Email