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स्त्री के नाम की संपत्ति उस की व्यक्तिगत है उस में किसी का कोई हिस्सा नहीं।

rp_courtroom4.jpgसमस्या-

सर्वेश गुप्ता ने रोहता रोड़, थाना कांकेर खेड़ा, मेरठ, उत्तर प्रदेश से पूछा है-

मैं एक विधवा हूँ, मेरे पति का देहान्त हुए तीन वर्ष हो चुके हैं। मेरी चार बेटियाँ और 2 बेटे हैं। सभी बेटी की शादी हो चुकी है और एक बेटा विवाहित है जिसकी उमर 34 साल है और दूसरा नाबालिग जिसकी उमर 15 साल है। मेरी समस्या ये है कि मेरा बेटा और बहू मेरे मकान पर अपना कब्जा करना चाहते हैं। हम साथ ही रह रहे थे किन्तु अब उन्हें मेरे लड़के और मुझे रखने में समस्या है। वो मेरे छोटे बेटे पर झूठा मुकदमा चलवा कर उसे जेल भिजवाना चाहते हैं और मुझे घर से बाहर करना चाहते हैं। मकान में अपना आधा हिस्सा मांग रहे हैं। हमारी कमाई का कोई साधन नहीं है। मकान मेरे नाम है। क्या मेरी बहू (बड़े बेटे का मकान में हिस्सा है? क्या मैं उसे बेदखल कर सकती हूँ। अब जब उसने कब्जा कर रखा है तो क्या मैं इस मकान के सात हिस्से कर के बेच सकती हूँ। अगर बड़ा बेटा इस पर राजी नहीं होता और घर खाली नहीं करता है तो मैं मकान बेचने की हकदार हूँ? हम मकान बेचकर उसका 7वां हिस्सा देने को तैयार हैं। पर /2 हिस्सा माँग रहा है। उसके खिलाफ किस धारा के अंतगत केस कर सकती हूँ। मेरी 4 बेटी मेरी ही साइड हैं। मैं और मेरी बेटियाँ मकान बेचने को तैयार हैं क्या मे मकान बेच सकती हूँ।

समाधान-

दि यह मकान आप के नाम है तो यह आप की निजि संपत्ति है इस में किसी का कोई अधिकार नहीं हैं। आप को यह मकान स्वयं विक्रय करने, वसीयत करने, दान आदि करने का पूरा अधिकार है। आप जब चाहें यह मकान बेच सकती हैं।

आप की मूल समस्या यह है कि आप का बड़ा पुत्र और बहू इसी मकान में रह रहे हैं और एक हिस्से पर उन का कब्जा है। इस कारण कोई भी खरीददार मकान को खरीदने में हिचकेगा और मकान की कीमत कम देगा क्यों कि उसे मकान खरीदने के उपरान्त जिस हिस्से पर आप के बड़े बेटे का कब्जा है उसे भी खाली कराना पड़ सकता है।

आप को सब से पहले तो यह करना चाहिए कि सब से बेटियों और बेटों से कहना चाहिए कि मकान मेरे नाम है मेरी इच्छा होगी वैसे करूंगी, यदि ठीक से न रहे तो इस मकान को दान कर के हरिद्वार चली जाउंगी।

आप का बेटा आप की अनुमति से उस मकान में निवास कर रहा है इस का अर्थ यह है कि उस की हैसियत एक लायसेंसी की जैसी है। आप उसे नोटिस दे कर लायसेंस खत्म करें और फिर बेदखली का दावा करें। इस दावे के साथ ही इस आशय की अस्थाई निषेधाज्ञा भी प्राप्त करें कि वह जिस हिस्से में रहता है उस हिस्से के अतिरिक्त हिस्से का उपयोग न करे और अन्य हिस्से का उपयोग करने से आप को व आप के अन्य पुत्र पुत्रियों को न रोके। यदि बेटा और बहू कुछ गलत करते हैं तो आप घरेलू हिंसा अधिनियम के अन्तर्गत भी शिकायत पुलिस को कर सकती हैं।

यदि आप को कोई ऐसा खरीददार मिल जाता है जो कि आप के बड़े बेटे के रहते हुए मकान खरीदने को तैयार हो तो आप मकान बेच सकती हैं। जो धन प्राप्त हो उस का अपने हिसाब से उपयोग कर सकती हैं।

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