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Tag: Judgment

पता लगने पर एकतरफा फैसले को रद्द कराया जा सकता है।

समस्या- जूही ने पीलीभीत, उत्तर प्रदेश से समस्या भेजी है कि- मेरा विवाह सन 2013 मे अमेठी उत्तरप्रदेश के मुसाफिरखाना निवासी इरशाद अली से हुआ। विवाह के बाद
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न्यायालयों की संख्या जरूरत की चौथाई से कम होने से मुकदमों के निर्णय में देरी

समस्या- यगदत्त वर्मा ने चित्तौड़गढ़, राजस्थान से पूछा है- मैं मध्यप्रदेश का निवासी हूँ तथा वर्तमान में मैं राजस्थान में प्राइवेट जॉब कर रहा हूं हमारा कोर्ट केस
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मुकदमे का निर्णय होने तक शान्ति से प्रतीक्षा कीजिए . . .

समस्या- हैदरगढ़, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश से यू.एस.पाण्डेय ने पूछा है –    मेरा एक मकान ग्राम खेमीपुर, जिला बाराबंकी, उत्तर प्रदेश में स्थित है। मेरे मकान के सहन
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न्यायाधीश और अधिवक्ताओं के पूर्वाग्रह न्यायिक निर्णयों को प्रभावित करते हैं।

केरल उच्च न्यायालय की निवर्तमान न्यायाधीश के. हेमा ने उन की सेवा निवृत्ति पर आयोजित समारोह में अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों को संबोधित करते हुए। अत्यन्त महत्वपूर्ण तथ्य को
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एक तरफा निर्णय व डिक्री साक्ष्य के आधार पर मामला साबित कर देने पर ही प्रदान किए जा सकते हैं।

समस्या- सिरोही, राजस्थान से मांगीलाल चौहान ने पूछा है- मेरी पत्नी और मेरे बीच मे एक साल से किसी तरह का कोई रिश्ता नहीं है।  क्यों कि वह
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वैकल्पिक उपाय होने पर रिट याचिका पोषणीय नहीं है।

समस्या- राजगढ़, मध्यप्रदेश से ममता नामदेव पूछती हैं- अदालत के आदेशानुसार मेरे पति द्वारा मुझे धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत भरण-पोषण की राशि 1500/- रुपए प्रतिमाह
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अपील का समय निकल जाने पर निर्णय बदला जाना संभव नहीं है

समस्या- एअरटेल मोबाईल फोन कम्पनी से मैं ने एक सिम ली थी करीब वर्ष 2006 में उस सिम को कम्पनी ने वेरिफिकेशन की आड़ में बंद कर दिया।
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अपराधिक मुकदमे में गवाह उपस्थित न होने पर क्या होगा ?

समस्या- एक लड़की से मेरी केवल बातचीत होती थी।  17 जनवरी 2010 को मेरी अनुपस्थिति में वह अचानक मेरे घर पर आई और कहा कि मैं ने उस
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कम न्यायालयों के कारण निर्णयों की गति और गुणवत्ता पर बुरे प्रभाव

आप ने विगत आलेख न्याय प्राप्ति एक दुःस्वप्न … में पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री वी.एन. खरे की कलम से जाना था कि भारत में न्याय प्राप्ति की स्थिति
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वैश्वीकरण और उदारीकरण के नाम पर मानव शोषण को अनुमति नहीं दी जा सकती : सर्वोच्च न्यायालय

ठेकेदार श्रमिक उन्मूलन अधिनियम 1970 के नाम से ऐसा प्रतीत होता है, जैसे इस कानून का निर्माण उद्योगों में ठेकेदार श्रमिकों को नियोजित करने की प्रथा का उन्मूलन
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