अपने हिस्से की जमीन प्राप्त करने के लिए बँटवारे का वाद संस्थित करें।

Arp_land-demarcation-150x150.jpgसमस्या-

रत्नेश के पारख ने मन्दसौर, मध्यप्रदेश से समस्या भेजी है कि-

मेरे पिताजी को बँटवारे में पास हमारे पैतृक गांव लसुडिया ईला,तहसील-दलौदा, जिला मंदसौर में पैतृक मकान और कृषि भूमि प्राप्त हुई थी। अब पिताजी के देहावसान के बाद मेरी माता जी के नाम उन संपत्तियों का नामांतरण करवाना है । परंतु समस्या यह है कि वे कृषि भूमियाँ हमारे परिवार में कई बार बँट चुकी हैं और मेरे दादाजी के हिस्से में आई थीं।विगत ५० वर्षों से हमारे ही कब्जे में है फिर भी उनके खाते में मेरे दादाजी के चचेरे भाइयों का नाम चला आ रहा है । इस पर पटवारी से संपर्क करने पर उसने कहा कि ये गोल खाता है और नाम नहीं हट सकते किसी के भी। पर अगर कल किसी परिजन की नियत बिगड़ जाने पर हम क्या कर सकते हैं क्योंकि दादाजी के समय हुआ बँटवारा मौखिक था और दादाजी के चचेरे भाई तो अपने हिस्से की जमीन ना जाने कैसे बेच चुके हैं जबकि उनके भी गोल खाते थे और मेरे दादाजी का नाम भी था उन खातों में। ये तनाव हमें खा रहा है। हम क्या करें????

समाधान –

हाँ समस्या में आप ने सिर्फ इतना तथ्य बताया है कि आप के चचेरे भाई अपने हिस्से की जमीन बेच चुके हैं। यह सिर्फ एक सूचना है। इस के साथ आप को यह भी बताना चाहिए था कि यह जमीन उन्हों ने कैसे बेची है? जमीन की बिक्री केवल रजिस्टर्ड विक्रय पत्र से बेची जा सकती है। इस रजिस्टर्ड विक्रय पत्र की प्रति आप को उप रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त करनी चाहिए। यह जानकारी करनी चाहिए कि उस विक्रय पत्र के आधार पर नामांतरण हुआ है या नहीं। हुआ है तो वह विक्रय पत्र के अनुसार है या नहीं। यदि उन्हों ने अपना हिस्सा बेचा है तो उन के हिस्से की जमीन का नामांतरण क्रेता के नाम हो चुका होगा। इस से आप को सही स्थिति पता लग जाएगी।

मौखिक बँटवारा वास्तव में केवल कब्जों का बँटवारा है। उस से खातेदारी अधिकारों का बंटवारा नहीं होता है। खाते में सभी के नाम और हिस्से बराबर चलते रहते हैं। इस का एक ही उपाय है कि आप बंटवारे का वाद संस्थित करें। जिस में जमीन के सभी संयुक्त खातेदारों को विपक्षी पक्षकार बनाया जाएगा। अपने कब्जे की जमीन पर कब्जा बनाए रखिए। इस से आप के हिस्से मे जितनी भी जमीन आएगी उसे आप के हिस्से की जमीन में से आप को मिल जाएगी। आप के हिस्से की जमीन कम पड़ी तो आप को अन्य के कब्जे की जमीन से जमीन मिलेगी और आप के पास अपने हिस्से से अधिक जमीन हुई तो आप को देनी पड़ेगी।

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2 टिप्पणियाँ

  1. Comment by कृष्ण कुमार:

    पुरानी आबादी व नई आबादी के बंटवारे कैसे हो हमारे एक हिस्सेदार ने अपना हिस्सा नई आबादी के बदले पुरानीआबादी मे ले रखा है जिसकी कोई भी लिखतम नही है अब यह कह रहा है कि पुरानी आबादी लाल डोरा पर तो मेरा कब्जा है जो किसी के नाम नही है यह जमीन तो कोई बटवा नही सकता लेकिन नई आबादी पलाट व रूडी वाली जमीन मे मेरा नाम फर्द जमाबंदी मे है इसमे से तो अदालत से मेरा हिस्सा मिल जाएगा जबकि पुरानी आबादी लाल डोरा की जमीन मे हम सभी हकीकीयो का हक है जो इस पुरानी आबादी लाल डोरा की जमीन को बीस साल पहले इसने बेच दिया उस समय हमने बेचने से इसलिए मना नही किया क्योंकि हमने इसके बदले मे लाल डोरा से बाहर नई आबादी मे ले रखी है जिस मे इसका नाम है इसमे से तो अदालत इसे बाटकर दे देगी पर पुरानी आबादी लाल डोरा कैसे बटेगा कुछ समाधान बताओ

  2. Comment by mahendra:

    मेरी मा की मौत २०१० मे हो चुकी हे ! उनके गाव मे जो जमीन हे !उस जमीन के बटवारा १०-१२ वर्ष पूर्व मे मेरे ५ मामाऔ को कर दिया था ! लेकिंन मेरी मा ओर मेरी २ मौसी को उस मे हिस्सा नही मिला था ! लेकिन अब सभी लोग मेरे को हिस्सा नही देने की बात कर रहे हे!
    अब मे क्या कर सकता हु! हम २ भाई हे ! हमे ये भी नही पता हे कि कितनी जमीन हे!
    वो जमीन मेरे नानाजी के नाम से हे !मेरे नाना जी की उमर बहुत हो गई हे !
    मेरी मा के हिस्से की जमीन पाने के लिये मे क्या कर सकता हु! मेरे नानी भी अभी हे ! मेरे ५ मामा मे से एक मामा १० साल से लापता हे!


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