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Category: Judicial Reform

लोक अदालतें न्याय-पथ से विचलन और न्याय प्राप्ति से याचियों को दूर करने का उपाय है।

समस्या- अभिनव ने रीवा मध्यप्रदेश से पूछा है- हमारे किराएदार जो बहुत पहले से है वह अभी बहुत ही कम किराया देते हैं। ओर खाली करने कीकहने पर
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सुस्त न्यायिक व्यवस्था का इलाज तो राजनीति से ही संभव है।

समस्या- प्रभाकर ने ग्वालियर, मध्य प्रदेश से समस्या भेजी है कि- हमारी शादी हिन्दू विधि से ११ साल पहले हुई थी। २ बच्चे हैं। शादी के बाद कभी भी
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मुकदमों के निपटारे में देरी का कारण जरूरत से बहुत कम न्यायालय व न्यायाधीशों का होना है।

समस्या- हलद्वानी, उत्तराखण्ड से बीना ने पूछा है- उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किसी प्रकरण की सुनवाई में हो रहे अनावश्यक विलम्ब हेतु क्या कहीं शिकायत की जा सकती
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मुकदमे का निर्णय होने तक शान्ति से प्रतीक्षा कीजिए . . .

समस्या- हैदरगढ़, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश से यू.एस.पाण्डेय ने पूछा है –    मेरा एक मकान ग्राम खेमीपुर, जिला बाराबंकी, उत्तर प्रदेश में स्थित है। मेरे मकान के सहन
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न्यायाधीश और अधिवक्ताओं के पूर्वाग्रह न्यायिक निर्णयों को प्रभावित करते हैं।

केरल उच्च न्यायालय की निवर्तमान न्यायाधीश के. हेमा ने उन की सेवा निवृत्ति पर आयोजित समारोह में अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों को संबोधित करते हुए। अत्यन्त महत्वपूर्ण तथ्य को
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निकट भविष्य में न्याय व्यवस्था में सुधार की कोई संभावना नहीं

न्यायालयों में लंबित प्रकरण और उन के निपटारे में देरी भारतीय न्याय व्यवस्था का कैंसर बनता जा रहा है। उड़ीसा के मुख्य न्यायाधीश वी.गोपाल गौडा ने मैंगलौर में
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क्यों नहीं मिलते न्यायाधीश पदों के लिए योग्य व्यक्ति ?

‘भारतीय न्यायिक दृष्टिकोण-2022’ विषय पर अखिल भारतीय न्यायाधीश एसोसिएशन के दो दिवसीय अखिल भारतीय न्यायाधीश सम्मेलन के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अल्तमश
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न्याय प्रणाली में सुधार आवश्यक है जिस से पक्षकार या वकील उसे लंबा न कर सकें

बिजनेस स्टेंडर्ड के 18 सितंबर 2011 के अंक में एम. जे. एंटनी के एक लेख का हिन्दी अनुवाद वकीलों की चालबाजी से लंबी खिंच जाती है मुकदमे बाजी
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लोक अदालतें : मुक्ति यज्ञ

राजस्थान की अदालतों के लिए यह सप्ताह लोकअदालतों का है। सभी अदालतों ने अपने यहाँ लंबित मुकदमों में से छाँट छाँट कर एक सूची बनाई है और पक्षकारों
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