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हिन्दू स्त्री अपने नाम की संपत्ति की संपूर्ण स्वामी है।

hinduwidowसमस्या-

मोहन लाल सैनी ने सीकर, राजस्थान से पूछा है-

मेरी माँ के नाम से दो प्लाट हैं और हम तीन भाई और एक बहन हैं। मैं भाइयों में सब से छोटा हूँ और बहन मुझ से भी छोटी है। क्या मुझे माँ के प्लाट में कोई हक है? जबकि मैंने मेरी अब तक की पूरी कमाई उन के साथ ही लगायी है।

समाधान-

किसी भी स्त्री के नाम जो संपत्ति होती है हिन्दू विधि के अनुसार वह उस की अकेली स्वामी होती है। इस तरह आप के माँ के नाम जो भी संपत्ति है वह उस की संपूर्ण स्वामी आप की माताजी हैं। उन के जीवनकाल में उस संपत्ति को किसी भी तरह से बेचने, दान करने, हस्तान्तरित करने आदि का अधिकार है। उन्हें उस संपत्ति की वसीयत करने का भी अधिकार है।

यदि आप की माताजी अपने जीवनकाल में उक्त संपत्ति को किसी भी तरह से हस्तान्तरित नहीं करती हैं और कोई वसीयत भी नहीं करती हैं तो उन के जीवनकाल के उपरान्त आप तीन भाइयों और एक बहन को उन की संपत्ति में समान हिस्सा अर्थात प्रत्येक को ¼ हिस्सा प्राप्त होगा। आप जो अपनी आय में से लोगों पर जो भी खर्च कर रहे हैं उस का कोई महत्व इस संपत्ति के मामले में नहीं है।

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