सहमति से तलाक में शर्तें आपस में तय की जा सकती हैं।
समस्या –
नेहा ने मुकुन्दपुर, दिल्ली से पूछा है-
मेरी शादी २०१९ में हुई थी। घर में झगड़ों के कारण मेरे पति मुझसे तलाक चाहते हैं लेकिन हमारे तलाक का कोई ठोस आधार नहीं है। फिर भी मेरे पति कहते है मुझे तलाक चाहिए मैं अब ये रिश्ता नहीं रख सकता। मेरी सास और मेरे भी काफी झगड़े होते है। मुझे बताएँ कि मैं जो सारा समान लाई थी जैसे फर्नीचर, बाइक आदि उनका मैने इस्तेमाल नहीं किया। बाइक पर में कभी बैठी ही नहीं और फर्नीचर सास के रूम में ही रहा उन्होंने इस्तेमाल किया है। तो क्या उनके बदले मुझे धनराशि मिल सकती है?
समाधान –
आपके पति तलाक चाहते हैं और उनके पास तलाक का कोई वैध आधार नहीं है। वैसी स्थिति में केवल सहमति से तलाक हो सकता है। तलाक का प्रस्ताव उनका है।
तलाक का प्रस्ताव उनका है तो आप उससे सहमत होने के लिए अपनी शर्तें सामने रख सकती हैं। जैसे उक्त सामान जो आप का स्त्री-धन है और जिसका आपने कोई इस्तेमाल नहीं किया उसकी कीमत आप को दी जाए। विवाह में आप के पिता का काफी खर्च हुआ होगा आप उस खर्चे के बदले भी कुछ राशि की मांग कर सकती हैं।
इस के अलावा तलाक के बाद आपका भविष्य अनिश्चित होगा। पता नहीं कब आप का जीवन सैटल हो सकेगा। जब तक आप पुनः विवाह नहीं करती तब तक आपको भरण पोषण राशि प्रतिमाह प्राप्त करने का अधिकार है। लेकिन आप उसके बदले एक मुश्त राशि स्थायी पुनर्भरण (Permanent Alimony) के रूप में मांग सकती हैं। दोनों इस तलाक की शर्तें आपस में तय कर सकते हैं। उन शर्तों को सहमति से तलाक की अर्जी में अंकित कर के तलाक लिया जा सकता है।
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तलाक का आधार हो तो दूसरे पक्ष की सहमति की जरूरत नहीं।
स्त्री से उसका स्त्री-धन वापस प्राप्त करने का विचार त्याग दें।
धारा-9 का आवेदन वापस लेकर विवाह विच्छेद का आवेदन प्रस्तुत करें।
क्या सहमति से तलाक के प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए?
तलाक का आवेदन विवाह का एक वर्ष पूर्ण होने के पूर्व भी प्रस्तुत किया जा सकता है।
पति/पत्नी की नपुंसकता के कारण विवाह का उपभोग न हो तो विवाह को अकृत किए जाने की डिक्री प्राप्त की जा सकती है।
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