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भागीदार को पुश्तेैनी संपत्ति में किसी अन्य भागीदार द्वारा हिस्सा बेचने पर पूर्व-क्रयाधिकार प्राप्त है।

समस्या-

मानिक राम सिन्हा ने ग्राम बोरीदखुर्द, पोस्ट शान्तिपुर, वाया गुरूर ब्लाक, जिला धमतरी बिहार से पूछा है-

म लोग दो भाई बहन है पूरी पैत्रृक संपत्ति को दो भाग में बाँट लिए हैं। किन्तु मेरी बहन अपने नाम की जमीन को किसी दूसरे आदमी के पास बेच रही है, जबकि उस जमीन को मै खरीदना चाहता हूँ। वो मुझे जमीन नहीं दे रही है ,कृपया रजिस्ट्री ना करा सके ऐसा कोई उपाय बतावें।

समाधान-

प की जमीन पैतृक है और आप का कहना है कि उस का बंटवारा हो चुका है। लेकिन कोई भी बंटवारा बिना पंजीकरण के मान्य नहीं हो सकता है। इस कारण से इस बंटवारे को अमान्य किया जा सकता है।

इस परिस्सथिति में सब से पहला उपाय तो यह है कि आप  तुरन्त एक नोटिस बहिन को दिलाने के लिए किसी अच्छे वकील से तैयार कराएँ। इस नोटिस में यह अंकित हो कि उस (बहिन) के हिस्से की जमीन को खरीदने का अधिकार धारा 22 हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के अंतर्गत आप का है, और आप वह हिस्सा खरीदने कौ तैयार हैं, इस कारण अन्य किसी को वे अपना हिस्सा विक्रय नहीं करें। इस के साथ ही आप अपने क्षेत्र के उप पंजीयक को एक आवेदन लिख कर दें कि आप की पैतृक संपत्ति में आप की बहन अपना हिस्सा बेचना चाहती है जब कि उसे खरीदने का अधिकार धारा 22 हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के अंतर्गत आप को है। यदि उस की बहिन पैतृक संपत्ति के हिस्से के बेचान का पंजीयन कराने आए तो उस विक्रय पत्र का पंजीयन नहीं किया जाए। इस आवेदन के साथ आप उक्त नोटिस की एक प्रति लगा दें। जैसे ही आप आवेदन उप पंजीयक को दे दें। उक्त नोटिस भी आप की बहिन को रजिस्टर्ड ए.डी. से भिजवा दें।

जैसे ही बहिन को भेजा नोटिस उसे मिल जाए और प्राप्ति स्वीकृति वापस लौट कर आ जाए। आप अपने वकील से दीवानी न्यायालय में दावा कराएँ कि उस की बहिन को इस तरह का स्थायी व अस्थायी व्यादेश दिया जाए कि वह अपना हिस्सा जिसे आप खरीदना चाहते हैं, किसी अन्य को विक्रय न करे।

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