अनु.जाति के व्यक्ति को आवंटित भूमि का अधिकार गैर अनु.जाति के व्यक्ति को प्राप्त नहीं हो सकता।

समस्या-

कपिल शर्मा ने रुद्रप्रयाग, भीरी, टेमरिया वल्ला, बसुकेदा, उत्तराखंड की समस्या भेजी है कि-

मेरे दादाजी के भाई ने अपनी 21 नाली जमीन हरिजन समाज कल्याण को बेच दी और उसके बाद वह लापता हो गए। उसके बाद हम ने उस पर विभाग का कब्जा होने नहीं दिया। जिस कारण वह कब्जा हमारे पास ही है, पिछले 30 साल से। तो क्या यह जमीन हमारी ही हो गयी है। अगर नहीं है, तो हमारे नाम पे करवाने के लिए इसमें क्या कार्यवाही की जा सकती है? इस जमीन के पट्टे हमारे यहाँ के हरिजनों को मिले हुए है पर इनका भी कब्जा नहीं है, तो इसमें क्या इन हरिजनों का हक़ बनता है? क्योंकि अब वह 30 साल बाद हमें अपने कब्ज़े के लिए परेशान कर रहे हैं। महोदय मैं बहुत परेशान हूँ ये लोग मुझे बहुत परेशान कर रहे हैं। मुझे क्या करना चाहिए।

समाधान-

प के दादाजी के भाई ने जमीन बेच दी, अब उस पर आप का या आप के परिवार के किसी व्यक्ति का कोई हक नहीं रहा है। वह जमीन हरिजनों को आवंटित कर दी गयी है और उस पर उन का हक हो गया। आप ने हरिजनों का कब्जा नहीं होने दिया लेकिन आप का जो कब्जा था वह भी अवैध था। आप अपने बल से कब्जें में थे। अब आप का बल क्षीण हो गया है और हरिजन उन के हक की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं तो आप को परेशानी हो रही है। यही परेशानी पिछले तीस साल से हरिजनों को थी, लेकिन आप को उस से कोई फर्क नहीं पड़ा। तो कब्जा तो बल का मामला है जिस के पास बल है, पुलिस और अफसरों को अपने हक में इस्तेमाल करने की ताकत है उसी का कब्जा है। यदि आप जमीन को अपने नाम करा लेंगे तब भी हरिजनों में ताकत और बल हुआ तो वे जमीन का कब्जा आप से ले लेंगे।

जमीन एक बार अनुसूचित जाति के व्यक्ति के नाम स्वामित्व में आ गयी तो वह अब गैर अनुसूचित जाति के खाते में नहीं आ सकती। आप के खाते में किसी प्रकार नहीं आएगी। आप इस जमीन को अपने नाम कराने की बात को भूल ही जाएँ तो बेहतर है। गनीमत है कि हरिजनों ने आप को अनु.जाति अनु.जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में कोई फौजदारी मुकदमा नहीं किया वर्ना आप को लेने के देने पड़ सकते थे। आप ने तीस सालों से अपने हक की न होते हुए भी इस जमीन से जितनी कमाई की है उस में आप अपने लिए इस से कई गुना जमीन खरीद सकते हैं। यह सोच कर तसल्ली कर लीजिए। जिन का हक है वह तो आप को आगे पीछे देना होगा। उस से बचा नहीं जा सकता।

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7 टिप्पणियाँ

  1. Comment by VIKAS:

    Mere Dada ji ke naam patta hua tha iske bad dada ji ki death ho gayi Aur mere pita ji ki bhi death ho gayi parantu us patte mein mere pita ji ka naam nahi chada hua hai Kya isse mein Ya Meri mata ji Kisi prakar us Jamin hukdar hain ya nahi kirpa karke mujhe turant answer DE

  2. Comment by Ran Sai:

    नमस्ते श्रीमान जी मैंने अपने एक दोस्त के कहने पर किसीDBA नाम की कंपनी में जॉइनिंग की जिसमें मैं नहीं मैंने ₹8000 लगाए और बदले में खरीदारी के तौर पर कपड़े मिले और हमें कहा गया था यदि आप अपने निचले स्तर में 5 व्यक्तियों को कंपनी के लिए जोइनिंग कराते हैं तो आपको इसके बदले में लाइसेंस अथॉरिटी दी जाएगी और प्रति महीने 25 से ₹30000 मिलते रहेंगे जो आपके बैंक अकाउंट में मिलेंगे लेकिन इस कंपनी में कोई भी व्यक्ति जाने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि इस कंपनी में chain सिस्टम जैसी आधार पर काम करना पड़ता है जिसने भी प्रॉफिट होता है मैंने बहुत कोशिश करने के बावजूद पाया की यदि जो मैंने ₹८००० लगाई है वह जीवन खरीदारी के तौर पर मिला है ऑनलाइन के द्वारा वह वापस हो सकता है और अपने पैसे वापस हमें मिल सकते हैं इसी तरह मेरे बहुत सारे जान पहचान वाले व्यक्ति हैं जिन्होंने मेरी ही तरह बहुत सारे पैसे लगाए हैं और वह परेशान होकर घूम रहे हैं लेकिन कुछ होगा नहीं इस तरह 5 महीने बीत चुके हैं हम लोग परेशान हैं हमें क्या करना चाहिए कृपया राय दें

  3. Comment by Vikram methwani:

    मेरे पिता जी को उनके चाचा जी ने गोद लिया था और उनके नाम से खेत भी लिए थे और तब उसमें उन्होने एक स्टांप यह भी लगवाया था कि जब तक मैं जिंदा हूँ इस जमीन की देखभाल मैं करूंगा और मेरे मरने के बाद यह जमीन जिसके नाम से ली गई है उसकी हो जाएगी. अब मेरे दादाजी गुजर गए हैं और वह अपनी बेटी के लिए अपार सम्पति छोड़ गए हैं लेकिन जो जमीन दादा जी के जाने के बाद हमारी हो जानी चाहिए थी और वह कानूनन आज भी हमारी हैं उस जमीन पर मेरी बुआ जी जो मेरे दादा जी की सगी बेटीtथी कब्जा किए हुए हैं जबकि वह जमीन मेरे पिताजी के नाम हैं उसमें उनका और उनके पिताजी और पति किसीका भी नाम नहीं है लेकिन अब वो उस जमीन को देने की मना कर रही है और अपने बल से हमारी जमीन पर कब्जे किए हुए हैं | अब इस संबंध मै हमे क्या करना चाहिए – – –

  4. Comment by Ramkalesh Patel:

    यह की मेरे दादा जी के द्वारा १०० वर्ष पहले कब्जे की भूमि पर बने घर के अंदर ही घर बनाया जा रहा है जिसमे अनावेदक के द्वारा स्टे लिया गया है कृपया समस्या का हल बताये जाने की कृपा करे


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